रायबरेली, उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में स्थित एक प्रमुख शहर और जिला है। शहर सई नदी के किनारे बसा है और लखनऊ मंडल का एक हिस्सा है।
रायबरेली का इतिहास (History)
- प्राचीन और मध्यकाल: पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेता युग में यह क्षेत्र कोशल साम्राज्य का हिस्सा था, जिसकी राजधानी अयोध्या थी। माना जाता है कि रायबरेली को ‘भर’ समुदाय ने बसाया था, जिस कारण इसे पहले भरौली कहा जाता था। मध्यकाल में यह अवध क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
- 1857 की क्रांति: रायबरेली का स्वतंत्रता संग्राम में बड़ा योगदान रहा है। राणा बेनी माधव सिंह इस क्षेत्र के प्रमुख नायक थे, जिन्होंने लगभग 25,000 लोगों के साथ अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्हीं की याद में यहाँ के जिला अस्पताल का नाम रखा गया है। जिले का गठन अंग्रेजों ने 1858 में किया था।
- मुंशीगंज कांड (1921): 7 जनवरी 1921 को यहाँ किसानों पर अंग्रेजों ने बेरहमी से गोलियां चलाई थीं, जिसे मुंशीगंज गोलीकांड के नाम से जाना जाता है। इसे रायबरेली का ‘जलियांवाला बाग’ भी कहा जाता है।
मुख्य जानकारी
- नाम: माना जाता है कि इसे ‘भर’ वंश ने बसाया था, इसलिए इसे पहले ‘भरौली’ कहा जाता था। ‘राय’ शब्द का संबंध यहाँ रहने वाले कायस्थों से माना जाता है।
- राजनीतिक महत्व: इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता है और यह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का संसदीय क्षेत्र रहा है।
- प्रसिद्ध व्यक्तित्व: महान साहित्यकार महावीर प्रसाद द्विवेदी का जन्म इसी जिले के दौलतपुर गाँव में हुआ था। 1857 की क्रांति के नायक राजा बेनी माधव ने यहाँ अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया था।
प्रमुख दर्शनीय स्थल:
- समसपुर पक्षी अभ्यारण्य (Samaspur Bird Sanctuary): रोहनिया ब्लॉक में स्थित यह अभ्यारण्य लगभग 780 हेक्टेयर में फैला है। यहाँ पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां देखी जा सकती हैं, जिनमें कई विदेशी पक्षी 5000 किमी से भी अधिक की दूरी तय करके आते हैं।
- इंदिरा गांधी मेमोरियल बोटैनिकल गार्डन: लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित एक सुंदर उद्यान।1986 में स्थापित यह गार्डन साई नदी के किनारे स्थित है। यहाँ विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे, फल और फूलों की प्रजातियां (जैसे गुलाब और कमल) मौजूद हैं।
- बेहटा का पुल यह शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक अद्भुत इंजीनियरिंग का नमूना (aqueduct) है, जहाँ शारदा नहर का पानी साई नदी के ऊपर से बहता है।
- डलमऊ (Dalmau): पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित यह शहर अपने ऐतिहासिक डलदेव किले, बड़ा मठ और नवाब शुजाउद्दौला के महल के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला‘ ने अपनी कई कविताएं लिखी थीं।
- शहीद स्मारक (Shaheed Smarak): मुंशीगंज में स्थित यह स्थल उन किसानों की याद में बनाया गया है जो 1921 के आंदोलन में शहीद हुए थे।
- जायस (Jais): यह महान सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी की कर्मभूमि है, जो अपनी रचना ‘पद्मावत’ के लिए प्रसिद्ध हैं।
- अन्य महत्वपूर्ण तथ्य–
- भाषा: यहाँ मुख्य रूप से हिन्दी और अवधी बोली जाती है।
- स्थान: यह लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या और कानपुर जैसे बड़े शहरों के केंद्र में स्थित है।
- अर्थव्यवस्था: रायबरेली एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है और यहाँ कई बड़ी इंडस्ट्रीज भी स्थित हैं।
ऑर्गनाइज़ेशन चार्ट
जिले का जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर के पास होता है, जिन्हें रेवेन्यू के लिए डिप्टी कमिश्नर और क्रिमिनल जूरिस्डिकेशन के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (D.M.) कहा जाता है। एडमिनिस्ट्रेटिव कामों के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की मदद ADM (एग्जीक्यूटिव) और रेवेन्यू के कामों के लिए ADM (F&R) करते हैं। जिले के सबडिवीजन का काम सब डिविजनल मजिस्ट्रेट देखते हैं।
जिले में 6 सब डिवीज़न हैं – रायबरेली, डलमऊ, लालगंज, ऊंचाहार, महाराजगंज, सलोन
चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर के अंडर एक अलग विंग जिले में होने वाले सभी डेवलपमेंट कामों को देखती है। डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर पर एक डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर तैनात होता है। हर ब्लॉक पर एक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर भी तैनात होता है।
डेवलपमेंट के मकसद से जिले को 18 डेवलपमेंट ब्लॉक में बांटा गया है।
Amawan, Bachhrawan, Sataon, Dalmau, Harchandpur, Kheeron, Lalganj, Maharajganj, Jagatpur, Rahi, Rohaniya, Sareni, Shivgarh, Deen Shah Gaura, Unchahar, Deeh, Chatoh, Salon,
गांव और पंचायतें – रायबरेली जिले में – न्याय पंचायत – 155 ग्राम पंचायत – 989 गांव – 1574
पुलिस स्टेशन – रायबरेली जिले में 19 पुलिस स्टेशन हैं-
- Bachhrawan
- Dalmau
- Deeh
- Bhadokhar
- Gadganj
- Gurubaksganj
- Harchandpur
- Mill Area
- Jagatpur
- Kheero
- Kotwali
- Lalganj
- Maharajganj
- Naseerabad
- Salon
- Sareni
- Shivgarh
- Unchahar
- Mahila Thana