समकालीन विश्व राजनीति में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन अब केवल भूगोल का विषय नहीं रह गए हैं, बल्कि यह वैश्विक राजनीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। 1960 के दशक से पर्यावरण को लेकर चिंताएं बढ़ने लगीं और आर्थिक विकास के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों ने राजनीतिक रूप ले लिया।…
Category: Environment
पर्यावरण और धारणीय विकास
पर्यावरण और धारणीय विकास: क्या आप UPSSSC PET, UPPCS, RO/ARO या किसी अन्य सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं? अगर हाँ, तो भारतीय अर्थव्यवस्था और भूगोल सेक्शन में ‘पर्यावरण और धारणीय विकास‘ (Environment and Sustainable Development) से हर साल कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाते हैं। अक्सर अभ्यर्थी मोटी किताबों के चक्कर में महत्वपूर्ण डेटा,…
पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थिकी तंत्र
पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र (ईकोसिस्टम) मानव समाज, आर्थिक गतिविधियों और जैव विविधता के बीच संतुलन बनाए रखने का आधार हैं। तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण, नगरीकरण और असंरचित संसाधन उपयोग ने प्राकृतिक प्रणालियों पर अनपेक्षित दबाव डाला है। पारिस्थितिकी तंत्र क्या है? पारिस्थितिकी तंत्र जीवों (जैविक घटक) और उनके भौतिक परिवेश (अजैविक घटक जैसे…
