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भारतीय इतिहास – २ (हड़प्पा सभ्यता: ईंटें, मनके और अस्थियाँ)

Posted on August 14, 2026August 23, 2026 by KRANTI KISHORE

हड़प्पा सभ्यता: परिचय, तिथियाँ और विस्तार

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की सबसे विशिष्ट पुरावस्तु क्या है?
उत्तर: हड़प्पाई मुहर।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरें मुख्य रूप से किस पत्थर से बनाई जाती थीं?
उत्तर: सेलखड़ी (Steatite) पत्थर से।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: सिंधु घाटी सभ्यता।

प्रश्न: इस सभ्यता का नाम ‘हड़प्पा’ क्यों पड़ा?
उत्तर: क्योंकि हड़प्पा वह पहला स्थान था जहाँ इस सभ्यता की पहचान की गई थी।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का कुल समय काल कब से कब तक माना गया है?
उत्तर: 6000 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व तक।

प्रश्न: ‘प्रारंभिक हड़प्पा’ चरण का समय काल क्या है?
उत्तर: 6000 ईसा पूर्व से 2600 ईसा पूर्व तक।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के शहरी चरण या ‘परिपक्व हड़प्पा’ का काल क्या है?
उत्तर: 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व तक।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का पतन किस काल के आसपास शुरू हुआ?
उत्तर: 1900 ईसा पूर्व के आसपास।

प्रश्न: ‘उत्तर हड़प्पा’ या पतन के चरण का समय काल क्या माना जाता है?
उत्तर: 1900 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व तक।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का सबसे समृद्ध चरण कौन सा था?
उत्तर: परिपक्व हड़प्पा (शहरी चरण)।

प्रश्न: वर्तमान अफ़गानिस्तान के किस क्षेत्र से विशिष्ट हड़प्पाई वस्तुएँ मिली हैं?
उत्तर: शोर्तुघई (और अन्य स्थल)।

प्रश्न: पाकिस्तान के किन प्रांतों से हड़प्पा सभ्यता के साक्ष्य मिले हैं?
उत्तर: बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब प्रांत।

प्रश्न: भारत के किन राज्यों से परिपक्व हड़प्पा के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं?
उत्तर: जम्मू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश (पश्चिमी भाग), गुजरात और महाराष्ट्र।

प्रश्न: अंग्रेजी के ‘B.C.’ का हिंदी में क्या तात्पर्य है?
उत्तर: ईसा पूर्व (बिफोर क्राइस्ट)।

प्रश्न: तिथियों के साथ प्रयुक्त होने वाले लैटिन शब्द ‘A.D.’ का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: एनो डॉमिनी (Anno Domini)।

प्रश्न: ‘A.D.’ का तात्पर्य किस वर्ष से है?
उत्तर: ईसा मसीह के जन्म के वर्ष से।

प्रश्न: आधुनिक समय में ‘A.D.’ की जगह किस शब्द का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: C.E. (कॉमन एरा)।

प्रश्न: आधुनिक समय में ‘B.C.’ की जगह किस शब्द का प्रयोग होता है?
उत्तर: B.C.E. (बिफोर कॉमन एरा)।

प्रश्न: अंग्रेजी के अक्षरों ‘B.P.’ का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: बिफोर प्रेजेंट (वर्तमान से पहले)।

प्रश्न: भारतीय उपमहाद्वीप में अब तक कितने से अधिक हड़प्पा पुरातात्विक स्थल खोजे जा चुके हैं?
उत्तर: 2000 से अधिक स्थल।

प्रश्न: अधिकांश हड़प्पा स्थल किन नदियों के बीच स्थित पाए गए हैं?
उत्तर: सिंधु और सरस्वती नदी घाटियों के बीच।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की लगभग कितनी बस्तियाँ सरस्वती बेसिन में स्थित हैं?
उत्तर: लगभग 2/3 (दो-तिहाई) बस्तियाँ।

प्रश्न: पुरातत्वविदों द्वारा पहचाने गए पाँच प्रमुख हड़प्पा कालीन शहर कौन से हैं?
उत्तर: राखीगढ़ी, मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, धोलावीरा और गनवेरीवाला।

प्रश्न: परिपक्व हड़प्पा संस्कृति का उद्भव कितने ईसा पूर्व के शुरुआती कृषक समुदायों से माना जाता है?
उत्तर: 7000 ईसा पूर्व के।

निर्वाह के तरीके और कृषि प्रौद्योगिकी

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के लोगों की आहार संबंधी आदतों की जानकारी किन साक्ष्यों से मिलती है?
उत्तर: जले हुए अनाज के दानों तथा बीजों की खोज से।

प्रश्न: प्राचीन वनस्पति के अध्ययन के विशेषज्ञों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: पुरा-वनस्पतिज्ञ (Archaeo-botanists)।

प्रश्न: हड़प्पा स्थलों से मिले अनाज के दानों में कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
उत्तर: गेहूं, जौ, दाल, सफेद चना और तिल।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में बाजरे के दाने मुख्य रूप से कहाँ से प्राप्त हुए थे?
उत्तर: गुजरात के स्थलों से।

प्रश्न: हड़प्पा स्थलों पर किस खाद्यान्न के दाने अपेक्षाकृत बहुत कम पाए गए हैं?
उत्तर: चावल के दाने।

प्रश्न: हड़प्पा स्थलों से किन जानवरों की हड्डियाँ प्रचुर मात्रा में मिली हैं?
उत्तर: मवेशियों, भेड़, बकरी, भैंस तथा सूअर की।

प्रश्न: जानवरों की हड्डियों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: पुरा-प्राणिविज्ञानी या जीव-पुरातत्वविद।

प्रश्न: हड़प्पा स्थलों से किन जंगली प्रजातियों के जानवरों की हड्डियाँ मिली हैं?
उत्तर: वराह (सूअर), हिरण तथा घड़ियाल।

प्रश्न: खेतों को जोतने के लिए बैलों (वृषभ) के प्रयोग का अनुमान पुरातत्वविद किस आधार पर लगाते हैं?
उत्तर: मुहरों पर किए गए रेखांकन तथा पकी मिट्टी की मृण्मूर्तियों (वृषभ) के आधार पर।

प्रश्न: मिट्टी से बने हल के प्रतिरूप (मॉडल) कहाँ से मिले हैं?
उत्तर: चोलिस्तान के कई स्थलों और बनावली (हरियाणा) से।

प्रश्न: आरंभिक हड़प्पा स्तरों से संबद्ध जुते हुए खेत के साक्ष्य कहाँ से मिले हैं?
उत्तर: कालीबंगन (राजस्थान) से।

प्रश्न: कालीबंगन में मिले जुते हुए खेत में हल रेखाओं के कितने समूह मिले हैं और वे कैसे काटते हैं?
उत्तर: दो समूह, जो एक-दूसरे को समकोण पर काटते हैं।

प्रश्न: कालीबंगन के जुते हुए खेत की हल रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?
उत्तर: यह दर्शाती हैं कि एक साथ दो अलग-अलग फसलें उगाई जाती थीं।

प्रश्न: अफ़गानिस्तान में स्थित किस हड़प्पा स्थल से नहरों के अवशेष मिले हैं?
उत्तर: शोर्तुघई से।

प्रश्न: किन क्षेत्रों के हड़प्पा स्थलों से नहरों के अवशेष नहीं मिले हैं, जहाँ संभवतः नहरें गाद से भर गई थीं?
उत्तर: पंजाब और सिंध से।

प्रश्न: कृषि के लिए जल संचयन हेतु जलाशयों (Reservoirs) के साक्ष्य कहाँ से मिले हैं?
उत्तर: धौलावीरा (गुजरात) से।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो के उत्खनन में अनाज पीसने के लिए प्रयुक्त एकमात्र साधन क्या पाया गया था?
उत्तर: अवतल चक्कियाँ (Saddle querns)।

प्रश्न: अवतल चक्कियाँ मुख्य रूप से किस प्रकार के पत्थरों से बनाई जाती थीं?
उत्तर: कठोर, कंकरीले, अग्निज या बलुआ पत्थर से।

प्रश्न: पुरातत्वविदों को मोहनजोदड़ो से कितने प्रकार की अवतल चक्कियाँ मिली हैं?
उत्तर: दो प्रकार की (एक आगे-पीछे चलाए जाने वाले छोटे पत्थर वाली और दूसरी जड़ी-बूटियों/मसालों को कूटने वाली)।

प्रश्न: मसालों और सालन को कूटने के लिए प्रयुक्त चक्कियों को श्रमिकों ने क्या नाम दिया था?
उत्तर: सालन पत्थर।

प्रश्न: “फ़र्दर एक्सकैवेशन्स एट मोहनजोदड़ो” (1937) पुस्तक के लेखक कौन हैं?
उत्तर: अर्नेस्ट मैके।

नगर योजना और जल निकास प्रणाली

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का सबसे अनूठा और प्रसिद्ध पहलू क्या था?
उत्तर: शहरी केंद्रों या योजनाबद्ध शहरों का विकास।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में सबसे पहले खोजा गया स्थल कौन सा था?
उत्तर: हड़प्पा।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का सबसे प्रसिद्ध और संरक्षित स्थल कौन सा माना जाता है?
उत्तर: मोहनजोदड़ो।

प्रश्न: हड़प्पा बस्तियों को मुख्यतः किन दो भागों में विभाजित किया गया था?
उत्तर: दुर्ग (Citadel) और निचला शहर (Lower Town)।

प्रश्न: हड़प्पा नगरों का कौन सा भाग छोटा लेकिन ऊँचाई पर बना होता था?
उत्तर: दुर्ग।

प्रश्न: दुर्ग की ऊँचाई का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: क्योंकि यहाँ की संरचनाएँ कच्ची ईंटों के चबूतरे पर बनी थीं।

प्रश्न: निचले शहर को दुर्ग से अलग करने के लिए क्या किया जाता था?
उत्तर: दुर्ग को दीवारों से घेरा जाता था।

प्रश्न: हड़प्पा नगरों का कौन सा भाग आकार में बड़ा लेकिन नीचे बनाया गया था?
उत्तर: निचला शहर।

प्रश्न: 1875 में भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के पहले जनरल कौन थे, जिन्होंने हड़प्पा की दुर्दशा पर लिखा था?
उत्तर: अलेक्जेंडर कनिंघम।

प्रश्न: किसे सामान्यतः ‘भारतीय पुरातत्व का जनक’ कहा जाता है?
उत्तर: अलेक्जेंडर कनिंघम को।

प्रश्न: कनिंघम के अनुसार, लाहौर और मुल्तान के बीच कितनी लंबी रेल-पटरी के लिए हड़प्पा से ईंटें चुरा ली गई थीं?
उत्तर: लगभग 100 मील लंबी रेल-पटरी के लिए।

प्रश्न: हड़प्पा बस्तियों में प्रयुक्त ईंटों की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई का निश्चित अनुपात क्या था?
उत्तर: लंबाई ऊँचाई की चार गुनी और चौड़ाई दोगुनी होती थी (अनुपात 4:2:1)।

प्रश्न: हड़प्पा शहरों की सड़कों तथा गलियों को किस पद्धति के आधार पर बनाया गया था?
उत्तर: ‘ग्रिड’ पद्धति (Grid pattern) के आधार पर।

प्रश्न: ग्रिड पद्धति में सड़कें और गलियाँ एक-दूसरे को किस कोण पर काटती थीं?
उत्तर: समकोण (90 डिग्री) पर।

प्रश्न: जल निकास प्रणाली के अनुसार, प्रत्येक घर की कम से कम एक दीवार का किससे सटा होना आवश्यक था?
उत्तर: गली से (ताकि घर का गंदा पानी गली की नाली में जा सके)।

प्रश्न: गुजरात के किन दो स्थलों पर पूरी बस्ती किलेबंद थी और शहर के कई हिस्से भी दीवारों से घिरे थे?
उत्तर: धौलावीरा तथा लोथल।

प्रश्न: लोथल में दुर्ग की क्या विशेषता थी?
उत्तर: वह दीवार से घिरा तो नहीं था, पर कुछ ऊँचाई पर (चबूतरे पर) बनाया गया था।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो के निचले शहर के आवासीय भवनों का मुख्य केंद्र क्या होता था?
उत्तर: एक केंद्रीय आँगन, जिसके चारों ओर कमरे बने होते थे।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो के लोग अपनी एकांतता (Privacy) को महत्व देते थे, यह किस वास्तुकला लक्षण से स्पष्ट होता है?
उत्तर: भूमि तल (Ground floor) पर बनी दीवारों में खिड़कियाँ नहीं होती थीं।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो में प्रत्येक घर का फर्श किस सामग्री से बना होता था?
उत्तर: ईंटों से (ईंटों के फर्श से बना स्नानघर)।

प्रश्न: विद्वानों के अनुमान के अनुसार, मोहनजोदड़ो में कुओं की कुल संख्या लगभग कितनी थी?
उत्तर: लगभग 700 कुएँ।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की जल निकास प्रणालियों के विषय में किसने लिखा कि “यह अब तक खोजी गई सर्वथा संपूर्ण प्राचीन प्रणाली है”?
उत्तर: अर्नेस्ट मैके ने।

प्रश्न: नालियों को ढकने के लिए मुख्य रूप से किस पत्थर की पट्टिकाओं का प्रयोग किया जाता था?
उत्तर: चूना पत्थर (Limestone) की पट्टिकाओं का।

प्रश्न: लोथल में नालियों के निर्माण के लिए किस प्रकार की ईंटों का प्रयोग किया गया था?
उत्तर: पकी ईंटों का (जबकि आवास कच्ची ईंटों के थे)।

दुर्ग: विशाल संरचनाएँ

प्रश्न: दुर्ग पर मिली कौन सी विशाल संरचना का केवल ईंटों से बना निचला हिस्सा शेष है और ऊपरी हिस्सा लकड़ी का था?
उत्तर: मालगोदाम (Granary)।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो के दुर्ग क्षेत्र में स्थित सबसे प्रसिद्ध सार्वजनिक जलाशय का नाम क्या है?
उत्तर: विशाल स्नानागार (The Great Bath)।

प्रश्न: विशाल स्नानागार के तल तक जाने के लिए सीढ़ियाँ किस दिशा में बनी थीं?
उत्तर: उत्तरी और दक्षिणी भाग में।

प्रश्न: विशाल स्नानागार को जलबद्ध (Water-tight) करने के लिए ईंटों के ऊपर किसका लेप किया जाता था?
उत्तर: जिप्सम के गारे का।

प्रश्न: स्नानागार के उत्तर में एक गली के दूसरी ओर एक संरचना थी जिसमें कितने स्नानघर बने थे?
उत्तर: आठ स्नानघर (एक गलियारे के दोनों ओर चार-चार)।

प्रश्न: दुर्ग क्षेत्र में विशाल स्नानागार जैसी अनूठी संरचना का मिलना किस बात का संकेत देता है?
उत्तर: यह किसी विशेष आनुष्ठानिक स्नान (Ritual bath) के लिए प्रयुक्त होता था।

सामाजिक भिन्नताएँ और विलासिता की वस्तुएँ

प्रश्न: पुरातत्वविद किसी संस्कृति में सामाजिक-आर्थिक भिन्नताओं का पता लगाने के लिए किन दो मुख्य विधियों का प्रयोग करते हैं?
उत्तर: शवाधानों (Burials) का अध्ययन और विलासिता की वस्तुओं की खोज।

प्रश्न: हड़प्पा स्थलों के शवाधानों में आमतौर पर मृतकों को कहाँ दफनाया जाता था?
उत्तर: गर्तों (Pits) में।

प्रश्न: कुछ कब्रों में मृदभाण्ड और आभूषणों का मिलना हड़प्पावासियों की किस मान्यता की ओर संकेत करता है?
उत्तर: वस्तुओं का मृत्योपरांत (मृत्यु के बाद) प्रयोग करने की मान्यता।

प्रश्न: 1980 के दशक में हड़प्पा के कब्रिस्तान में मिले एक पुरुष के कंकाल की खोपड़ी के पास से क्या मिला था?
उत्तर: शंख के तीन छल्ले, जैस्पर के मनके और सैकड़ों सूक्ष्म मनकों से बना आभूषण।

प्रश्न: हड़प्पा के कुछ शवाधानों में मृतकों को किस धातु के दर्पण के साथ दफनाया गया पाया गया है?
उत्तर: ताँबे के दर्पण के साथ।

प्रश्न: पुरातत्वविद रोज़मर्रा के उपयोग की वस्तुओं को किस वर्ग में रखते हैं?
उत्तर: उपयोगी वस्तुएँ (जैसे चक्कियाँ, मृदभाण्ड, सूइयाँ, झाँवा आदि)।

प्रश्न: पुरातत्वविदों के अनुसार ‘विलासिता की वस्तुएँ’ कौन सी होती हैं?
उत्तर: जो दुर्लभ हों, महँगी हों, और जटिल तकनीकों या स्थानीय स्तर पर अनुपलब्ध पदार्थों से बनी हों।

प्रश्न: घिसी हुई रेत या बालू, रंग और चिपचिपे पदार्थ के मिश्रण को पकाकर बनाया गया पदार्थ क्या कहलाता है?
उत्तर: फ़यॉन्स (Faience)।

प्रश्न: फ़यॉन्स के छोटे पात्रों को कीमती क्यों माना जाता था?
उत्तर: क्योंकि इन्हें बनाना अत्यंत कठिन था।

प्रश्न: फ़यॉन्स से बने लघुपात्रों का उपयोग संभवतः किस रूप में होता था?
उत्तर: सुगंधित द्रव्यों (इत्र) के पात्रों के रूप में।

प्रश्न: फ़यॉन्स के लघुपात्र मुख्य रूप से किन बड़ी बस्तियों में केंद्रित मिले हैं?
उत्तर: मोहनजोदड़ो और हड़प्पा में।

प्रश्न: किस छोटी हड़प्पा बस्ती से फ़यॉन्स के लघुपात्र बिल्कुल नहीं मिले हैं?
उत्तर: कालीबंगन से।

प्रश्न: हड़प्पा स्थलों से मिले सभी स्वर्णाभूषण (सोने के आभूषण) कहाँ से प्राप्त हुए हैं?
उत्तर: संचयों (Hoards / कीमती वस्तुओं के घड़ों में रखे गए जमाव) से।

शिल्प उत्पादन और कच्चे माल की प्राप्ति

प्रश्न: मानचित्रों के अनुसार, केवल 7 हेक्टेयर में फैली कौन सी छोटी बस्ती पूरी तरह शिल्प-उत्पादन में संलग्न थी?
उत्तर: चन्हुदड़ो।

प्रश्न: चन्हुदड़ो में किए जाने वाले मुख्य शिल्प कार्य कौन से थे?
उत्तर: मनके बनाना, शंख की कटाई, धातुकर्म, मुहर निर्माण तथा बाट बनाना।

प्रश्न: मनके बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले सुंदर लाल रंग के पत्थर का नाम क्या था?
उत्तर: कार्नीलियन (Carnelian)।

प्रश्न: मनके बनाने के लिए किन प्रमुख पत्थरों का प्रयोग किया जाता था?
उत्तर: कार्नीलियन, जैस्पर, स्फटिक, क्वार्ट्ज तथा सेलखड़ी।

प्रश्न: मनके बनाने के लिए किन धातुओं का प्रयोग किया जाता था?
उत्तर: ताँबा, काँसा तथा सोना।

प्रश्न: मनकों के विभिन्न आकार कौन-कौन से होते थे?
उत्तर: चक्राकार, बेलनाकार, गोलाकार, ढोलाकार तथा खंडित।

प्रश्न: अत्यंत मुलायम पत्थर कौन सा था जिस पर आसानी से मनके बनाने का कार्य हो जाता था?
उत्तर: सेलखड़ी (Steatite)।

प्रश्न: पुरातत्वविदों के प्रयोगों के अनुसार कार्नीलियन का सुंदर लाल रंग कैसे प्राप्त किया जाता था?
उत्तर: पीले रंग के कच्चे माल और मनकों को उत्पादन के विभिन्न चरणों में आग में पकाकर।

प्रश्न: चन्हुदड़ो, लोथल और हाल ही में किस स्थल से मनकों में छेद करने के विशेष उपकरण (Drills) मिले हैं?
उत्तर: धौलावीरा से।

प्रश्न: समुद्र तट के समीप स्थित कौन सी दो बस्तियाँ शंख से बनी वस्तुओं के निर्माण के विशिष्ट केंद्र थीं?
उत्तर: नागेश्वर तथा बालाकोट।

प्रश्न: नागेश्वर और बालाकोट से शंख की बनी कौन सी वस्तुएँ दूसरी बस्तियों में भेजी जाती थीं?
उत्तर: चूड़ियाँ, करछियाँ तथा पच्चीकारी की वस्तुएँ।

प्रश्न: शिल्प-उत्पादन के केंद्रों की पहचान के लिए पुरातत्वविद किन साक्ष्यों को ढूँढ़ते हैं?
उत्तर: प्रस्तर पिंड, पूरे शंख, ताँबा-अयस्क, औज़ार, अपूर्ण वस्तुएँ, और त्याग दिया गया माल या कूड़ा-करकट।

प्रश्न: शिल्प कार्य के सबसे अच्छे संकेतकों में से एक किसे माना जाता है?
उत्तर: कूड़ा-करकट (Waste materials) को।

प्रश्न: मिट्टी से बने बैलगाड़ियों के खिलौने किस बात की ओर संकेत करते हैं?
उत्तर: यह सामान और लोगों के लिए स्थल मार्गों द्वारा परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन था।

प्रश्न: सुदूर अफ़गानिस्तान में स्थित ‘शोर्तुघई’ किस अत्यंत कीमती नीले रंग के पत्थर के स्रोत के निकट स्थित था?
उत्तर: लाजवर्द मणि (Lapis Lazuli)।

प्रश्न: लोथल किन कच्चे मालों के स्रोतों के निकट स्थित था?
उत्तर: कार्नीलियन (भड़ौच से), सेलखड़ी (दक्षिणी राजस्थान/उत्तरी गुजरात से) और धातु (राजस्थान से)।

प्रश्न: हड़प्पावासी ताँबा प्राप्त करने के लिए राजस्थान के किस अंचल में अभियान भेजते थे?
उत्तर: खेतड़ी अंचल (Khetri region)।

प्रश्न: सोने की प्राप्ति के लिए हड़प्पावासियों द्वारा कहाँ अभियान भेजा जाता था?
उत्तर: दक्षिण भारत में।

प्रश्न: खेतड़ी क्षेत्र में मिले साक्ष्यों को पुरातत्वविदों ने किस विशिष्ट गैर-हड़प्पाई संस्कृति का नाम दिया है?
उत्तर: गणेश्वर-जोधपुरा संस्कृति।

प्रश्न: हाल ही की पुरातात्विक खोजों के अनुसार, हड़प्पावासी अरब प्रायद्वीप के किस दक्षिण-पूर्वी छोर से ताँबा लाते थे?
उत्तर: ओमान (Oman) से।

प्रश्न: ओमानी ताँबे तथा हड़प्पाई पुरावस्तुओं दोनों में किस धातु के अंश मिले हैं, जो इनके साझा उद्भव को दर्शाते हैं?
उत्तर: निकल (Nickel) के अंश।

प्रश्न: ओमान के स्थलों से एक विशिष्ट बड़ा हड़प्पाई मर्तबान मिला है, उसकी क्या विशेषता है?
उत्तर: उसके ऊपर काली मिट्टी की एक मोटी परत चढ़ाई गई थी।

प्रश्न: मेसोपोटामिया के लेखों में ओमान के लिए संभवतः किस नाम का प्रयोग किया गया है, जहाँ से ताँबा आता था?
उत्तर: मगान (Magan)।

प्रश्न: मेसोपोटामिया के लेखों में बहरीन द्वीप के लिए संभवतः किस शब्द का प्रयोग हुआ है?
उत्तर: दिलमुन (Dilmun)।

प्रश्न: मेसोपोटामिया के लेखों में हड़प्पाई क्षेत्र के लिए संभवतः किस शब्द का प्रयोग किया गया है?
उत्तर: मेलुहा (Meluhha)।

प्रश्न: मेसोपोटामियाई लेखों के अनुसार मेलुहा से कौन से उत्पाद प्राप्त होते थे?
उत्तर: कार्नीलियन, लाजवर्द मणि, ताँबा, सोना तथा विविध प्रकार की लकड़ियाँ।

प्रश्न: मेसोपोटामिया के एक मिथक के अनुसार ‘हाजा पक्षी’ किसे माना गया है, जिसकी आवाज राजप्रासाद में गूँजती थी?
उत्तर: मोर (Peacock) को।

प्रश्न: मेसोपोटामिया के लेखों में ‘मेलुहा’ को किसका देश कहा गया है?
उत्तर: नाविकों का देश।

प्रश्न: कूबड़दार वृषभ का चित्र वाली विशिष्ट बेलनाकार मुहरें कहाँ से मिली हैं?
उत्तर: मेसोपोटामिया से।

मुहरें, लिपि और बाट प्रणाली

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में मुहरों और मुद्रांकनों (Sealings) का मुख्य प्रयोग किसलिए होता था?
उत्तर: लंबी दूरी के संपर्कों और व्यापार को सुविधाजनक व सुरक्षित बनाने के लिए।

प्रश्न: हड़प्पा की लिपि को ‘रहस्यमय’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि इस लिपि को आज तक पढ़ा नहीं जा सका है।

प्रश्न: हड़प्पाई लिपि के सबसे लंबे अभिलेख में लगभग कितने चिह्न पाए गए हैं?
उत्तर: लगभग 26 चिह्न।

प्रश्न: हड़प्पाई लिपि में चिह्नों की कुल संख्या कितनी मानी गई है?
उत्तर: लगभग 375 से 400 के बीच।

प्रश्न: हड़प्पाई लिपि किस ओर से किस ओर लिखी जाती थी?
उत्तर: दाईं से बाईं ओर (Right to Left)।

प्रश्न: एक प्राचीन सूचना पट्ट (Signboard) के बड़े अक्षरों के साक्ष्य कहाँ से मिले हैं?
उत्तर: धौलावीरा से।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में विनिमय के लिए प्रयुक्त बाट मुख्य रूप से किस पत्थर से बनाए जाते थे?
उत्तर: चर्ट (Chert) नामक पत्थर से।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के बाटों का आकार सामान्यतः कैसा होता था?
उत्तर: घनाकार (Cubic) और निशान रहित।

प्रश्न: हड़प्पाई बाटों के निचले मानदंड किस प्रणाली पर आधारित थे?
उत्तर: द्विआधारी प्रणाली (Binary: 1, 2, 4, 8, 16, 32, … 640 तक)।

प्रश्न: बाटों का ऊपरी मानदंड किस प्रणाली का अनुसरण करता था?
उत्तर: दशमलव प्रणाली (Decimal system) का।

प्रश्न: छोटे बाटों का प्रयोग संभवतः किन वस्तुओं को तौलने के लिए किया जाता था?
उत्तर: आभूषणों और मनकों को।

प्राचीन सत्ता और शासक

प्रश्न: पुरातत्वविदों ने मोहनजोदड़ो में मिले एक विशाल भवन को क्या संज्ञा दी है?
उत्तर: एक प्रासाद (Palace)।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो से मिली पत्थर की एक प्रसिद्ध मूर्ति को क्या नाम दिया गया है?
उत्तर: ‘पुरोहित राजा’ (Priest-King)।

प्रश्न: किस मत के अनुसार हड़प्पाई समाज में कोई शासक नहीं थे और सभी की सामाजिक स्थिति समान थी?
उत्तर: लोकतांत्रिक या समतावादी मत।

प्रश्न: ईंटों के उत्पादन में समानता और बस्तियों का नियोजन किस ओर संकेत करता है?
उत्तर: यह किसी जटिल फैसले लेने वाली सुदृढ़ केंद्रीय सत्ता या राज्य के अस्तित्व की ओर संकेत करता है।

सभ्यता का अंत और राखीगढ़ी का नवीन शोध

प्रश्न: लगभग कितने ईसा पूर्व तक चोलिस्तान जैसे विकसित हड़प्पा स्थलों को त्याग दिया गया था?
उत्तर: लगभग 1800 ईसा पूर्व तक।

प्रश्न: उत्तर हड़प्पा काल में बस्तियों का स्वरूप कैसा हो गया था?
उत्तर: ग्रामीण जीवनशैली (अनुवर्ती संस्कृतियाँ)।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के पतन के लिए उत्तरदायी किन प्रमुख कारणों की व्याख्या दी गई है?
उत्तर: जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, अत्यधिक बाढ़, नदियों का सूखना/मार्ग बदलना और भूमि का अत्यधिक उपयोग।

प्रश्न: 1947 में ऋग्वेद के साक्ष्यों के आधार पर किसने यह सिद्धांत दिया कि आर्यों के आक्रमण और इंद्र के कारण हड़प्पा नष्ट हुई?
उत्तर: आर. ई. एम. व्हीलर ने।

प्रश्न: ऋग्वेद में युद्ध के देवता इंद्र को क्या कहा गया है, जिसका अर्थ गढ़-विध्वंसक है?
उत्तर: पुरंदर।

प्रश्न: 1960 के दशक में किस पुरातत्वविद ने मोहनजोदड़ो में बड़े पैमाने पर जनसंहार या आक्रमण के सिद्धांत को गलत साबित किया?
उत्तर: जॉर्ज डेल्स (जी. एफ. डेल्स) ने।

प्रश्न: वर्तमान में हरियाणा के हिसार जिले में स्थित सबसे बड़ा हड़प्पाकालीन पुरास्थल कौन सा है?
उत्तर: राखीगढ़ी।

प्रश्न: राखीगढ़ी पुरास्थल कितने हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है?
उत्तर: 550 हेक्टेयर क्षेत्र में।

प्रश्न: राखीगढ़ी में मानव कंकालों के अवशेषों पर किस प्रकार का आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान किया गया?
उत्तर: पुरातत्व-अनुवांशिक (Archaeogenetics / डीएनए अनुसंधान)।

प्रश्न: राखीगढ़ी का डीएनए शोध मुख्य रूप से किस विश्वविद्यालय और संस्थानों के सहयोग से हुआ था?
उत्तर: डेक्कन कॉलेज (पुणे), CCMB (हैदराबाद) और हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज।

प्रश्न: राखीगढ़ी के डीएनए शोध के मुख्य निष्कर्ष क्या थे?
उत्तर: हड़प्पावासी इस क्षेत्र के मूल निवासी थे, उनकी अनुवांशिक जड़ें 10,000 ईसा पूर्व तक जाती हैं और तथाकथित आर्यों के आक्रमण का सिद्धांत गलत है।

प्रश्न: राखीगढ़ी के कंकालों के आधार पर वैज्ञानिकों ने स्त्री-पुरुषों के चेहरों की कैसी आकृतियाँ बनाईं?
उत्तर: थ्री-डी (3-D) आकृतियाँ।

प्रश्न: पुनर्निमित 3-D चेहरों की उल्लेखनीय समानता वर्तमान में कहाँ की आबादी से पाई गई?
उत्तर: हरियाणा की वर्तमान आबादी से।

हड़प्पा सभ्यता की खोज और पुरातत्वविद

प्रश्न: प्राचीन जनसंख्या के डीएनए का अध्ययन विज्ञान की किस शाखा में किया जाता है?
उत्तर: आर्कियोजेनेटिक्स (Archaeogenetics)।

प्रश्न: कनिंघम ने आरंभिक बस्तियों की पहचान के लिए किन चीनी बौद्ध तीर्थयात्रियों के वृतांतों का प्रयोग किया था?
उत्तर: चौथी से सातवीं शताब्दी ईसवी के बीच आए चीनी यात्रियों के।

प्रश्न: कनिंघम के भ्रम का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: उनका मानना था कि भारतीय इतिहास का प्रारंभ गंगा की घाटी में पनपे पहले शहरों के साथ हुआ था।

प्रश्न: बीसवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों (1921) में किसने हड़प्पा में पहली बार मुहरें खोजीं?
उत्तर: दया राम साहनी ने।

प्रश्न: दया राम साहनी की खोज के बाद किसने मोहनजोदड़ो से वैसी ही मुहरें खोजीं जिससे दोनों के एक ही संस्कृति होने का पता चला?
उत्तर: राखाल दास बनर्जी ने (1922)।

प्रश्न: 1924 में पूरे विश्व के समक्ष सिंधु घाटी में एक नवीन सभ्यता की खोज की घोषणा किसने की थी?
उत्तर: भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के तत्कालीन डायरेक्टर जनरल जॉन मार्शल ने।

प्रश्न: “मार्शल ने भारत को जहाँ पाया था, उसे उससे तीन हजार वर्ष पीछे छोड़ा।” यह कथन किसका है?
उत्तर: एस. एन. राव का (उनकी पुस्तक ‘द स्टोरी ऑफ इंडियन आर्कियोलॉजी’ से)।

प्रश्न: जॉन मार्शल के उत्खनन की सबसे बड़ी कमी क्या थी?
उत्तर: वे स्तर विन्यास (Stratigraphy) की अनदेखी कर पूरे टीले में समान क्षैतिज इकाइयों में खुदाई करते थे।

प्रश्न: 1944 में डायरेक्टर जनरल बनने के बाद किसने क्षैतिज खुदाई की जगह टीले के स्तर विन्यास का अनुसरण करने का नियम लागू किया?
उत्तर: आर. ई. एम. व्हीलर ने।

प्रश्न: मुहरों पर पालथी मारकर ‘योगी’ की मुद्रा में बैठे और जानवरों से घिरे देवता को किसकी संज्ञा दी गई है?
उत्तर: ‘आद्य शिव’ (Proto-Shiva)।

नगर-योजना, साक्ष्य और विशिष्ट स्थल

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के किस नगर में ‘विशाल स्नानागार’ के चारों ओर बने गलियारे के तीन तरफ क्या बना हुआ था?

उत्तर: कक्ष (कमरे) बने हुए थे, जिनमें से एक में बड़ा कुआँ था।

प्रश्न: हड़प्पावासी जल को रोकने या जलबद्ध (Water-tight) करने की तकनीक से परिचित थे, इसका सबसे बड़ा पुरातात्विक प्रमाण क्या है?

उत्तर: मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार, जहाँ जिप्सम के गारे का प्रयोग हुआ था।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो के स्नानागार के उत्तर में स्थित छोटी संरचना में कुल कितने स्नानघर थे और वे किस प्रकार व्यवस्थित थे?

उत्तर: कुल आठ स्नानघर थे, जो एक गलियारे के दोनों ओर चार-चार बने थे।

प्रश्न: नालियों की सफाई के बाद कचरे को हमेशा नहीं हटाया जाता था, यह साक्ष्य अर्नेस्ट मैके को किस रूप में मिला?

उत्तर: निकासी के नालों के अगल-बगल रेत और मलबे के छोटे-छोटे ढेर मिले।

प्रश्न: हड़प्पा नगरों के घरों में कुएँ सामान्यतः किस प्रकार के कमरों में बनाए जाते थे?

उत्तर: ऐसे कक्षों में जहाँ बाहर से आसानी से आया जा सके, ताकि राहगीर भी इसका उपयोग कर सकें।

प्रश्न: हड़प्पा बस्तियों के नियोजन (Planning) का सबसे बड़ा प्रमाण ईंटों के निर्माण में क्या दिखाई देता है?

उत्तर: ईंटें चाहे धूप में सुखाई गई हों या भट्ठी में पकाई गई हों, वे पूरे उपमहाद्वीप में एक ही निश्चित अनुपात (4:2:1) की थीं।

प्रश्न: लोथल (गुजरात) की नालियों की मुख्य विशेषता क्या थी जो इसे अन्य बस्तियों से अलग करती है?

उत्तर: लोथल में आवास कच्ची ईंटों से बने थे, लेकिन उनकी नालियाँ पकी ईंटों से बनाई गई थीं।

प्रश्न: पुरातत्वविदों के अनुसार दुर्ग (Citadel) का प्रयोग मुख्य रूप से किन कार्यों के लिए किया जाता होगा?

उत्तर: विशिष्ट सार्वजनिक प्रयोजनों और प्रशासनिक कार्यों के लिए।

प्रश्न: मोहनजोदड़ो के दुर्ग में स्थित ‘मालगोदाम’ (Granary) का ऊपरी हिस्सा बहुत पहले क्यों नष्ट हो गया था?

उत्तर: क्योंकि इसका ऊपरी ढांचा संभवतः लकड़ी से बना हुआ था।

प्रश्न: सड़कों और नालियों के निर्माण के संबंध में क्या योजना दिखाई देती है?

उत्तर: ऐसा प्रतीत होता है कि पहले नालियों के साथ गलियों को बनाया गया था और फिर उनके अगल-बगल आवासों का निर्माण किया गया था।

सामाजिक-आर्थिक इतिहास और व्यापार नीतियाँ

प्रश्न: मिस्र के विशाल पिरामिड जो हड़प्पा सभ्यता के समकालीन थे, वे किस प्रकार के पुरास्थल थे?

उत्तर: वे राजकीय शवाधान (Royal Burials) थे, जहाँ भारी मात्रा में धन-संपत्ति दफ़नाई गई थी।

प्रश्न: क्या हड़प्पा सभ्यता के लोग मृतकों के साथ भारी मात्रा में बहुमूल्य वस्तुएँ दफ़नाने में विश्वास करते थे?

उत्तर: नहीं, मिस्र के विपरीत कुल मिलाकर हड़प्पावासियों का बहुमूल्य वस्तुएँ दफ़नाने में विश्वास नहीं था।

प्रश्न: पुरातत्वविदों द्वारा खोजी गई वस्तुओं के वर्गीकरण के दो मुख्य आधार क्या हैं?

उत्तर: पहला- प्रयुक्त पदार्थ (पत्थर, मिट्टी, धातु आदि) और दूसरा- उनकी उपयोगिता (औज़ार, आभूषण या आनुष्ठानिक वस्तु)।

प्रश्न: ‘तकलियाँ’ (Spindle whorls) जो फ़यॉन्स जैसे कीमती पदार्थ से बनी मिली हैं, वे वर्गीकरण को किस प्रकार जटिल बनाती हैं?

उत्तर: क्योंकि वे रोज़मर्रा के उपयोग की (उपयोगी) वस्तु हैं, लेकिन दुर्लभ और महँगे पदार्थ से बनी हैं।

प्रश्न: ‘संचय’ (Hoards) शब्द का प्रयोग पुरातत्व में किन वस्तुओं के लिए किया जाता है?

उत्तर: लोगों द्वारा सावधानीपूर्वक पात्रों या घड़ों में सँभाल कर रखी गई वस्तुओं (जैसे आभूषण या धातुओं) के लिए।

प्रश्न: हड़प्पावासी लंबी दूरी के व्यापार के लिए किस प्रकार के परिवहन के साधनों का उपयोग करते थे?

उत्तर: स्थल मार्ग के लिए बैलगाड़ियों का और जल मार्ग के लिए नदियों तथा तटीय समुद्री मार्गों का।

प्रश्न: शिल्प उत्पादन के लिए ‘जलोढ़क मैदानों’ से बाहर से मँगाए जाने वाले प्रमुख कच्चे माल कौन से थे?

उत्तर: पत्थर, लकड़ी और विभिन्न धातुएँ।

प्रश्न: शंख की कटाई और उससे बनी वस्तुओं (चूड़ियाँ, करछियाँ) के लिए हड़प्पावासियों ने समुद्र तट के पास ही बस्तियाँ क्यों बसाईं?

उत्तर: ताकि कच्चे माल (शंख) की उपलब्धता आसानी से और सीधे स्रोत से हो सके (जैसे नागेश्वर और बालाकोट में)।

प्रश्न: अफ़गानिस्तान का ‘शोर्तुघई’ स्थल किस विशेष व्यापारिक मार्ग या रत्न पर नियंत्रण के लिए स्थापित किया गया था?

उत्तर: लाजवर्द मणि (Lapis Lazuli) के व्यापार पर नियंत्रण के लिए।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में विनिमय और व्यापार को नियंत्रित करने वाली ‘बाट प्रणाली’ के ऊपरी मानदंड किस गणितीय पद्धति पर चलते थे?

उत्तर: दशमलव प्रणाली (Decimal System) पर।

प्राचीन धार्मिक विश्वास और आधुनिक व्याख्याएँ

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की आनुष्ठानिक या धार्मिक प्रथाओं को समझने में सबसे बड़ी बाधा क्या है?

उत्तर: हड़प्पाई लिपि का अभी तक न पढ़ा जा पाना।

प्रश्न: ‘मातृदेवी’ (Mother Goddess) की मूर्तियों की मुख्य विशेषता क्या थी?

उत्तर: वे आभूषणों से लदी हुई नारी मृण्मूर्तियाँ थीं, जिनके शीर्ष पर विस्तृत प्रसाधन (Head-dress) बने थे।

प्रश्न: पुरातत्वविदों ने किन पुरास्थलों से मिली संरचनाओं को ‘वेदियाँ’ (Fire Altars) मानकर आनुष्ठानिक महत्व का बताया है?

उत्तर: कालीबंगन और लोथल से प्राप्त वेदियाँ।

प्रश्न: मुहरों पर उत्कीर्णित ‘एकश्रृंगी’ (Unicorn) जानवर के विषय में पुरातत्वविदों का क्या मत है?

उत्तर: वह एक कल्पित और संश्लिष्ट (Mythical/Composite) जानवर प्रतीत होता है।

प्रश्न: मुहर पर ‘योगी’ की मुद्रा में घिरे देवता को ‘आद्य शिव’ कहने का आधार क्या है?

उत्तर: हिंदू धर्म के प्रमुख देवता शिव के परवर्ती पौराणिक रूपों से इसकी समानता।

प्रश्न: ऋग्वेद में वर्णित किस देवता का नाम परवर्ती पौराणिक परंपराओं में ‘शिव’ के लिए प्रयुक्त हुआ?

उत्तर: रुद्र (Rudra)।

प्रश्न: ऋग्वेद के ‘रुद्र’ और हड़प्पा की मुहर के ‘आद्य शिव’ में क्या मुख्य अंतर दिखाई देता है?

उत्तर: ऋग्वेद में रुद्र को न तो पशुपति (जानवरों के स्वामी) और न ही एक योगी के रूप में दिखाया गया है।

प्रश्न: ‘शमन’ (Shamans) किन्हें कहा जाता है जिनकी ओर कुछ विद्वान आद्य शिव मुहर के योगी के संदर्भ में संकेत करते हैं?

उत्तर: वे महिलाएँ और पुरुष जो जादुई व इलाज करने की शक्ति होने और दूसरी दुनिया से संपर्क साधने का दावा करते हैं।

प्रश्न: अर्नेस्ट मैके ने हड़प्पा स्थलों से प्राप्त छोटे आकार के पत्थरों के शंकुओं (Cones) के उपयोग के बारे में क्या दो संभावनाएँ जताई हैं?

उत्तर: पहली- ये ‘लिंग’ (शिव रूप) हो सकते हैं, दूसरी- इनका प्रयोग बोर्ड पर खेले जाने वाले खेलों (Games) में गोटियों के रूप में होता होगा।

प्रश्न: पुरातत्वविद जब अतीत का पुनर्निर्माण करते हैं, तो वे किस मूल नीति का अनुसरण करते हैं?

उत्तर: वे ‘ज्ञात से अज्ञात की ओर’ (वर्तमान से अतीत की ओर) बढ़ते हैं।

पुरातात्विक अनुसंधान, पद्धतियाँ और इतिहासकार

प्रश्न: टीलों में मिलने वाले विभिन्न स्तर (Strata) एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न होते हैं?

उत्तर: वे अपने रंग, प्रकृति और उनमें मिलने वाली पुरावस्तुओं के संदर्भ में भिन्न होते हैं।

प्रश्न: स्तर क्रम विज्ञान (Stratigraphy) किसे कहा जाता है?

उत्तर: टीलों में पाए जाने वाले प्राचीन और नवीन स्तरों के व्यवस्थित अध्ययन को।

प्रश्न: परित्यक्त स्तरों या ‘बंजर स्तरों’ (Barren Strata) की पहचान किस आधार पर की जाती है?

उत्तर: जब किसी स्तर में मानवीय आवास या पुरावस्तुओं के लक्षणों का पूर्ण अभाव पाया जाता है।

प्रश्न: जॉन मार्शल के उत्खनन के कारण ऐतिहासिक संदर्भ की बहुमूल्य जानकारी क्यों लुप्त हो जाती थी?

उत्तर: क्योंकि वे स्तर-विन्यास की अनदेखी कर पूरे टीले में नियमित क्षैतिज (Horizontal) इकाइयों में समान रूप से खुदाई करते थे।

प्रश्न: आर.ई.एम. व्हीलर ने भारतीय पुरातत्व की उत्खनन पद्धति में किस नए गुण का समावेश किया?

उत्तर: सैनिक परिशुद्धता (Military Precision) और स्तर विन्यास का कड़ाई से अनुसरण।

प्रश्न: 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन का हड़प्पाई पुरातत्व पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: सभ्यता के प्रमुख ज्ञात स्थल (हड़प्पा और मोहनजोदड़ो) पाकिस्तान के हिस्से में चले गए, जिसके बाद भारतीय पुरातत्वविदों ने भारत में नए स्थलों की व्यापक खोज शुरू की।

प्रश्न: भारत के किस राज्य के कच्छ क्षेत्र में किए गए व्यापक सर्वेक्षणों से कई नई हड़प्पाई बस्तियाँ प्रकाश में आईं?

उत्तर: गुजरात में।

प्रश्न: 1980 के दशक से हड़प्पाई पुरातत्व में क्या बड़ा बदलाव आया है?

उत्तर: इसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रुचि बढ़ी है और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग बढ़ा है।

प्रश्न: “द स्टोरी ऑफ़ इंडियन आर्कियोलॉजी” (The Story of Indian Archaeology) पुस्तक के लेखक कौन हैं?

उत्तर: एस. एन. राव (S.N. Rao)।

प्रश्न: इतिहास में किसी पुरानी व्याख्या को पूरी तरह से उलट देने का मुख्य कारण क्या होता है?

उत्तर: नए पुरातात्विक तथ्यों और साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक किया गया पुनर्निरीक्षण।

राखीगढ़ी डीएनए शोध और नवीन खोजें

प्रश्न: राखीगढ़ी पुरास्थल वर्तमान भारत के किस जिले और राज्य में स्थित है?

उत्तर: हिसार जिला, हरियाणा।

प्रश्न: राखीगढ़ी में उत्खनन से प्राप्त मानव कंकालों से क्या निकालकर अनुवांशिक इतिहास का अध्ययन किया गया?

उत्तर: डी.एन.ए. (DNA)।

प्रश्न: राखीगढ़ी के पुरातात्विक-अनुवांशिक (Archaeogenetics) अनुसंधान के मुख्य सूत्रधार कौन से भारतीय प्रोफेसर/पुरातत्वविद थे?

उत्तर: प्रोफेसर वसंत शिंदे (Vasant Shinde)।

प्रश्न: राखीगढ़ी अनुसंधान के अनुसार, हड़प्पावासियों के दूर-दराज के क्षेत्रों से संपर्क के बावजूद जीनों का मिश्रण कम क्यों हुआ?

उत्तर: क्योंकि वे इस क्षेत्र के मूल निवासी थे और व्यापारिक संबंधों के कारण बहुत ही सीमित मात्रा में बाहरी जीनों का मिश्रण हुआ था।

प्रश्न: राखीगढ़ी का शोध ‘आर्यों के बड़े पैमाने पर आक्रमण’ के सिद्धांत को किस आधार पर पूर्णतः गलत सिद्ध करता है?

उत्तर: सांस्कृतिक और अनुवांशिक इतिहास में बिना किसी रुकावट के निरंतरता (Continuity) प्राप्त होने के आधार पर।

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