अंतर्राष्ट्रीय संगठन युद्ध और शांति के जटिल दौर में संप्रभु राष्ट्रों के बीच संवाद, सहयोग और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का प्रमुख वैश्विक मंच प्रदान करते हैं। प्रथम विश्वयुद्ध के उपरांत स्थापित ‘लीग ऑफ नेशंस’ की विफलता और द्वितीय विश्वयुद्ध (1939-1945) के विनाश के बाद 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organization) की नींव रखी गई। वर्तमान बहुध्रुवीय और एकध्रुवीय वैश्विक समीकरणों, वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming), महामारियों और आतंकवाद जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की संरचना तथा कार्यप्रणाली प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
1. संयुक्त राष्ट्र संघ: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं निर्माण क्रम
- अगस्त 1941 (अटलांटिक चार्टर): अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट और ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल द्वारा अटलांटिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए गए।
- 1 जनवरी 1942 (वाशिंगटन घोषणा): धुरी शक्तियों के खिलाफ युद्धरत 26 मित्र राष्ट्र अटलांटिक चार्टर के समर्थन में मिले और ‘डिक्लेरेशन बाय यूनाइटेड नेशंस’ पर हस्ताक्षर किए।
- फरवरी 1945 (याल्टा सम्मेलन): रूजवेल्ट, चर्चिल और स्टालिन ने प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना हेतु संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया।
- अप्रैल–मई 1945 (सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन): सैन फ्रांसिस्को में संयुक्त राष्ट्र का चार्टर तैयार करने हेतु 2 महीने लंबा सम्मेलन आयोजित हुआ।
- 26 जून 1945 (चार्टर पर हस्ताक्षर): 50 देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर किए। पोलैंड ने 15 अक्टूबर 1945 को हस्ताक्षर किए; इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र के मूल संस्थापक सदस्यों की कुल संख्या 51 थी।
- 24 अक्टूबर 1945 (स्थापना दिवस): संयुक्त राष्ट्र संघ औपचारिक रूप से अस्तित्व में आया (प्रतिवर्ष 24 अक्टूबर को ‘संयुक्त राष्ट्र दिवस’ मनाया जाता है)।
- 30 अक्टूबर 1945 (भारत की सदस्यता): भारत औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुआ।
- प्रतीक चिह्न (Emblem): हल्के नीले आधार पर विश्व का मानचित्र, जिसके चारों ओर जैतून की पत्तियाँ (Olive Branches) बनी हैं, जो विश्व शांति का प्रतीक हैं।
- सदस्य संख्या: वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के कुल 193 सदस्य देश हैं।
2. संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना एवं प्रमुख अंग
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत 6 प्रमुख अंगों की स्थापना की गई:
- आम सभा / महासभा (General Assembly):
- इसमें सभी 193 सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं और प्रत्येक देश को एक समान मत प्राप्त है।
- शांति, सुरक्षा और नए सदस्यों के प्रवेश जैसे प्रमुख निर्णयों हेतु दो-तिहाई (2/3) बहुमत तथा सामान्य मामलों में साधारण बहुमत आवश्यक होता है।
- इसके निर्णय सदस्य देशों पर बाध्यकारी नहीं होते।
- सुरक्षा परिषद (Security Council – UNSC):
- कुल 15 सदस्य होते हैं: 5 स्थायी सदस्य (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन) तथा 10 अस्थायी सदस्य।
- 10 अस्थायी सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा 2 वर्ष की अवधि के लिए भौगोलिक संतुलन के आधार पर किया जाता है।
- सुरक्षा परिषद के निर्णय सभी सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं।
- आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC):
- कुल 54 सदस्य होते हैं, जिनका निर्वाचन महासभा द्वारा 3 वर्षों के लिए किया जाता है।
- यह वैश्विक आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का समन्वय करती है।
- अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice – ICJ):
- मुख्यालय: हेग (नीदरलैंड्स)।
- इसमें 15 न्यायाधीश होते हैं, जिनका चुनाव महासभा तथा सुरक्षा परिषद दोनों में पूर्ण बहुमत द्वारा 9 वर्षों के कार्यकाल के लिए किया जाता है।
- सचिवालय (Secretariat):
- इसका प्रधान महासचिव (Secretary-General) होता है, जिसकी नियुक्ति सुरक्षा परिषद की संस्तुति पर महासभा द्वारा 5 वर्ष के लिए की जाती है।
- वर्तमान (9वें) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (पुर्तगाल) हैं, जिन्होंने 1 जनवरी 2017 को पद संभाला।
- न्यासिता परिषद (Trusteeship Council):
- 1 नवंबर 1994 को अंतिम ट्रस्ट क्षेत्र (पलाउ द्वीप) के स्वतंत्र होने के बाद से इस परिषद के कार्य औपचारिक रूप से स्थगित कर दिए गए हैं।
3. सुरक्षा परिषद, वीटो शक्ति और सुधारों की आवश्यकता
- निषेधाधिकार (Veto Power): सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्यों को प्राप्त विशेष नकारात्मक शक्ति। यदि किसी प्रस्ताव पर 14 सदस्य भी सहमत हों और कोई 1 स्थायी सदस्य नकारात्मक मत (वीटो) दे दे, तो वह प्रस्ताव खारिज हो जाता है।
- वीटो के उपयोग की स्थिति (1 जून 2018 तक): सोवियत संघ/रूस ने 135 बार, अमेरिका ने 84 बार, ब्रिटेन ने 32 बार, फ्रांस ने 18 बार और चीन ने 11 बार वीटो का उपयोग किया।
- 1992 का महासभा प्रस्ताव: सुरक्षा परिषद के विरुद्ध तीन मुख्य शिकायतें दर्ज की गईं—(क) यह समकालीन राजनीतिक वास्तविकताओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती, (ख) इसके निर्णयों पर पश्चिमी मूल्यों व हितों का दबदबा है, और (ग) इसमें समान भौगोलिक प्रतिनिधित्व का अभाव है।
- 1997 कोफी अन्नान समिति द्वारा स्थायी/अस्थायी सदस्यता हेतु सुझाए गए मानक:
- बड़ी आर्थिक शक्ति।
- बड़ी सैन्य शक्ति।
- संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट में बड़ा वित्तीय योगदान।
- जनसंख्या की दृष्टि से बड़ा राष्ट्र।
- ऐसा राष्ट्र जो लोकतंत्र और मानवाधिकारों का सम्मान करता हो।
- विश्व की भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाला देश।
- 2005 का 60वीं वर्षगांठ शिखर सम्मेलन: विश्व नेताओं द्वारा शांति संस्थापक आयोग का गठन, ‘सुरक्षा का उत्तरदायित्व’ (R2P) की स्वीकृति, मानवाधिकार परिषद की स्थापना (19 जून 2006 से सक्रिय), सहस्राब्दि विकास लक्ष्य (MDGs) की पुष्टि और लोकतंत्र कोष की स्थापना का निर्णय लिया गया।
4. सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता हेतु भारत का दावा
- ऐतिहासिक व व्यावहारिक आधार:
- भारत विश्व की सर्वाधिक आबादी (वैश्विक जनसंख्या का लगभग 1/5वाँ हिस्सा) का प्रतिनिधित्व करता है।
- भारत विश्व का सबसे बड़ा क्रियाशील लोकतंत्र है।
- भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना मिशनों (Peacekeeping Operations) में आरंभ से ही सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में शामिल रहा है।
- भारत विश्व की तेजी से उभरती हुई प्रमुख आर्थिक शक्ति है और संयुक्त राष्ट्र बजट में कभी भी भुगतान में डिफ़ॉल्ट नहीं किया।
- प्रमुख आपत्तियां व चुनौतियां:
- पड़ोसी देश (विशेषकर पाकिस्तान) द्वारा विरोध।
- भारत की घोषित परमाणु हथियार क्षमता को लेकर कुछ देशों की आशंकाएं।
- अन्य प्रतिस्पर्धी दावेदारों (जैसे ब्राजील, जर्मनी, जापान, दक्षिण अफ्रीका) के क्षेत्रीय विवाद और संतुलन का प्रश्न।
5. अन्य प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठन एवं एजेंसियाँ
- अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF): वैश्विक वित्तीय स्थिरता और भुगतान संतुलन की देखरेख करता है। 190 सदस्य देश हैं, किंतु मतदान अधिकार कोटा-आधारित हैं; G-7 देशों के पास 41.29% मत हैं, जिसमें अकेले अमेरिका के पास 16.52% तथा भारत के पास 2.64% मताधिकार है।
- विश्व व्यापार संगठन (WTO): 1 जनवरी 1995 को स्थापित (GATT का उत्तराधिकारी संगठन)। यह वैश्विक व्यापार नियमों का निर्धारण करता है।
- विश्व बैंक (World Bank): 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में स्थापित। यह मुख्य रूप से विकासशील देशों को मानव विकास, कृषि, बुनियादी ढांचे और सुशासन हेतु रियायती ऋण व अनुदान देता है।
- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA): 1957 में स्थापित। यह संगठन परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने और उसके सैन्य इस्तेमाल को रोकने हेतु निगरानी करता है।
- मानवाधिकार एनजीओ (NGOs):
- एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International): वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों की रक्षा और उल्लंघनों पर प्रामाणिक रिपोर्ट तैयार करने वाला स्वतंत्र स्वयंसेवी संगठन।
- ह्यूमन राइट्स वॉच (Human Rights Watch): अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन, जिसने बारूदी सुरंगों पर रोक लगाने, बाल सैनिकों की रोकथाम और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ)
1. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई तथा इसका मुख्यालय कहाँ स्थित है?
2. भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य कब बना और इसके मूल संस्थापक सदस्य कितने थे?
3. सुरक्षा परिषद में कुल कितने सदस्य होते हैं और उनके कार्यकाल की क्या व्यवस्था है?
4. वीटो (निषेधाधिकार) शक्ति क्या है और यह किन देशों को प्राप्त है?
5. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का मुख्यालय कहाँ है तथा न्यायाधीशों का चयन कैसे होता है?
6. विश्व व्यापार संगठन (WTO) किस संस्था का उत्तराधिकारी है और यह कब बना?
7. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
8. मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले दो प्रमुख गैर-सरकारी संगठन (NGOs) कौन-से हैं?
9. सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के मुख्य तर्क क्या हैं?
10. संयुक्त राष्ट्र संघ का कौन-सा अंग वर्तमान में स्थगित या निष्क्रिय है?
📊 संयुक्त राष्ट्र: संगठनात्मक संरचना एवं मतदान फॉर्मूला
1. सुरक्षा परिषद (UNSC) कुल सदस्य संख्या:
2. सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित होने की अनिवार्य शर्त:
3. यूएन नियमित बजट में शीर्ष योगदानकर्ता (2019 संदर्भ):
🎯 संयुक्त राष्ट्र संघ एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठन: 50 महत्वपूर्ण MCQ अभ्यास
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, PCS, SSC, UGC-NET) हेतु विशेष प्रश्नोत्तरी