Skip to content

Padho Jano

One Step Towards Education

Menu
  • HOME
  • India
    • Uttar Pradesh
      • Raebareli
      • Unnao
  • LAW (कानून)
    • Administrative Law (प्रशासनिक विधि)
    • Alternative Dispute Resolution (वैकल्पिक विवाद समाधान) ADR
    • Land Law (भूमि विधि)
    • Professional Ethics & Court Craft
    • Legal Research Methods (विधिक अनुसन्धान पद्धति)
    • Media Law
  • SUBJECTS
    • Computer
      • Python – पायथन
    • Constitution
      • प्रस्तावना
    • Environment
    • English
      • Dictionary
        • अनाज और उनसे बने उत्पाद
    • PSYCHOLOGY
  • General Knowledge
  • Quizzes
  • NCERT
    • CLASS – 5
      • SST
  • DOWNLOADS
Menu

फूटा घड़ा’ कहानी: जब कमियाँ ही बन गईं सबसे बड़ी ताकत

Posted on September 7, 2026September 7, 2026 by KRANTI KISHORE

“क्या आपकी कमियाँ सचमुच आपकी कमजोरी हैं? पढ़िए ‘फूटा घड़ा’ (The Cracked Pot) की यह बेहद प्रेरक और भावुक हिंदी कहानी, जो जिंदगी को देखने का आपका नजरिया हमेशा के लिए बदल देगी। जानिए कैसे हमारी कमियाँ ही हमें अनोखा बनाती हैं।”

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनी तुलना दूसरों से करने लगते हैं। दूसरों की खूबियों को देखकर हम अपनी कमियों से नफरत करने लगते हैं और हीनभावना (Inferiority Complex) के शिकार हो जाते हैं। लेकिन क्या हमारी कमियाँ सचमुच इतनी बुरी हैं?

सुबह की शुरुआत और किसान का नियम

बहुत समय पहले की बात है, एक शांत और सुंदर गाँव में एक मेहनती किसान रहता था। वह स्वभाव से बहुत ही सीधा और संतोषी व्यक्ति था। उसका एक दैनिक नियम था—वह रोज़ सुबह भोर (सूरज निकलने से पहले) में उठता था और दूर पहाड़ी के पास बहने वाले एक साफ़ झरने से मीठा पानी लेने जाता था।

इस काम के लिए वह अपने साथ दो बड़े मिट्टी के घड़े ले जाता था। इन घड़ों को वह एक मजबूत लकड़ी के डंडे के दोनों छोरों पर रस्सी से बाँध लेता और फिर उस डंडे को अपने कंधे पर संतुलित करके चलता था।

दो घड़े: एक का घमंड, दूसरे का दर्द

उन दोनों घड़ों में एक बड़ा अंतर था। एक घड़ा बिल्कुल नया, सुडौल और मजबूत था, जिसमें से पानी की एक बूंद भी नहीं रिसती थी। वहीं, दूसरा घड़ा थोड़ा पुराना था और उसमें एक छोटा सा छेद (क्रैक) था, यानी वह एक जगह से फूटा हुआ था।

झरने से पानी भरकर जब किसान वापस अपने घर पहुँचता, तो सही घड़े में पूरा पानी सुरक्षित रहता था। लेकिन फूटे घड़े से रास्ते भर पानी थोड़ा-थोड़ा रिसता रहता था, जिसके कारण घर पहुँचते-पहुँचते उसमें केवल आधा पानी ही बचता था। इस तरह किसान रोज़ दो घड़े पानी भरता, लेकिन घर तक सिर्फ डेढ़ घड़ा पानी ही पहुँच पाता था। ऐसा लगातार दो सालों से चल रहा था।

सही घड़े को अपनी इस खूबी पर बहुत घमंड था। वह अक्सर फूटे घड़े को नीची नजर से देखता और सोचता कि वह कितना श्रेष्ठ है। दूसरी तरफ, फूटा घड़ा अपनी इस कमी के कारण अंदर ही अंदर घुटता रहता था। उसे लगता था कि वह किसान के किसी काम का नहीं है और उसकी वजह से किसान की रोज़ की आधी मेहनत बेकार चली जाती है। वह भारी हीनभावना और शर्मिंदगी से घिर चुका था।

फूटे घड़े का दर्द और किसान का जवाब

एक दिन, जब किसान झरने पर पानी भर रहा था, तो फूटे घड़े से अपनी उदासी रोकी नहीं गई। उसने बेहद दुखी और रुआंसे स्वर में किसान से कहा, “मालिक, मैं खुद पर बहुत शर्मिंदा हूँ और आपसे हाथ जोड़कर क्षमा मांगना चाहता हूँ।”

किसान ने अचरज से उसकी तरफ देखा और बड़े प्यार से पूछा, “अरे! तुम किस बात के लिए मुझसे क्षमा मांग रहे हो? और किस बात से शर्मिंदा हो?”

घड़े ने कहा, “शायद आप जानते नहीं हैं, लेकिन मैं एक जगह से फूटा हुआ हूँ। पिछले दो सालों से मैं अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा पा रहा हूँ। जब आप इतनी दूर से मेहनत करके पानी लाते हैं, तो मैं घर तक सिर्फ आधा पानी ही पहुँचा पाता हूँ। मेरे अंदर की इस बड़ी कमी के कारण आपकी मेहनत बर्बाद हो रही है। मैं एक बेकार घड़ा हूँ।”

किसान ने घड़े की बात बहुत ध्यान से सुनी। उसे घड़े के दुख का अहसास हुआ। किसान ने मुस्कुराते हुए बड़े शांत लहजे में कहा, “कोई बात नहीं मेरे दोस्त। मैं चाहता हूँ कि आज जब हम झरने से वापस घर लौटें, तो तुम निराश होने के बजाय रास्ते में पड़ने वाले सुंदर और रंग-बिरंगे फूलों को ध्यान से देखना।”

रास्ते के फूल और घड़े की मायूसी

किसान की बात मानकर, वापसी के रास्ते में फूटे घड़े ने अपना ध्यान पानी रिसने से हटाकर रास्ते के किनारों पर लगाया। उसने देखा कि रास्ते के एक तरफ बेहद खूबसूरत, रंग-बिरंगे और महकते हुए जंगली फूल खिले थे। सूरज की किरणों में वे फूल मुस्कुरा रहे थे। यह नजारा देखकर फूटे घड़े को थोड़ी खुशी हुई और उसकी उदासी कुछ कम हुई।

लेकिन जैसे ही किसान का घर आया, घड़े ने देखा कि उसके अंदर का आधा पानी फिर से बह चुका था। वह फिर से मायूस हो गया। उसने रोते हुए किसान से कहा, “मालिक, देखिए मैं चाहकर भी खुद को नहीं बदल पाया। मेरा आधा पानी फिर गिर गया। मैं सच में किसी काम का नहीं हूँ।”

किसान का सबसे बड़ा रहस्योद्घाटन

अब किसान ने घड़े को अपने पास बिठाया और कहा, “क्या तुमने ध्यान दिया कि पूरे रास्ते में जितने भी सुंदर फूल थे, वे सब केवल तुम्हारी तरफ वाले रास्ते पर ही खिले थे? सही घड़े की तरफ वाले रास्ते पर तो सिर्फ सूखी धूल थी, वहां एक भी फूल नहीं था!”

घड़ा हैरान होकर किसान का मुंह देखने लगा।

किसान ने आगे कहा, “मैं हमेशा से तुम्हारे अंदर की इस कमी को जानता था, लेकिन मैंने कभी इसे तुम्हारी कमजोरी नहीं माना, बल्कि मैंने इसका लाभ उठाया। दो साल पहले मैंने तुम्हारे वाले रास्ते की तरफ तरह-तरह के सुंदर फूलों के बीज बो दिए थे। तुम रोज़ जब झरने से लौटते थे, तो अपने भीतर से रिसने वाले पानी से अनजाने में ही सही, उन बीजों को सींचते थे।”

किसान की आँखों में चमक आ गई, उसने कहा, “तुम्हारी इसी कमी की वजह से आज यह पूरा रास्ता इतना जीवंत और खूबसूरत बन गया है। आज तुम्हारी ही बदौलत मैं इन सुंदर फूलों को रोज़ तोड़कर भगवान को अर्पित कर पाता हूँ और अपने घर को महका पाता हूँ। तुम ही सोचो, अगर तुम जैसे हो वैसे नहीं होते (अगर तुम फूटे न होते), तो क्या मुझे यह खुशहाली मिल पाती?”

किसान की बात सुनकर फूटे घड़े की आँखों से आँसू छलक पड़े, लेकिन इस बार ये आँसू दुख के नहीं, बल्कि सम्मान और आत्म-गौरव के थे। उसका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आ चुका था।


जीवन की सीख (Key Takeaways for Life)

दोस्तों, यह कहानी केवल एक घड़े और किसान की नहीं है, यह हम सब की कहानी है। इस कहानी से हमें 3 बहुत महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलती हैं:

  1. कमियाँ ही हमें अनोखा बनाती हैं: इस दुनिया में कोई भी इंसान परफेक्ट (पूर्ण) नहीं है। हम सबके अंदर कोई न कोई शारीरिक, मानसिक या परिस्थितिजन्य कमी होती है। लेकिन यही कमियाँ हमें दूसरों से अलग और विशिष्ट (Unique) बनाती हैं।
  2. नजरिया बदलिए, जिंदगी बदल जाएगी: किसान ने घड़े के छेद को एक ‘कमी’ के रूप में देखने के बजाय उसे एक ‘अवसर’ के रूप में देखा। जब हम अपनी कमियों को स्वीकार करके उन्हें सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करते हैं, तो हम भी अपने जीवन के रास्ते में फूल खिला सकते हैं।
  3. दूसरों को स्वीकार करना सीखें: समाज में हर व्यक्ति का अपना महत्व है। हमें लोगों को जज करने या उनकी कमियाँ निकालने के बजाय, वे जैसे हैं उन्हें वैसे ही स्वीकार करना चाहिए और उनकी अच्छाइयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

FAQs: फूटा घड़ा कहानी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: ‘फूटा घड़ा’ (The Cracked Pot) कहानी का मुख्य उद्देश्य या सीख क्या है?

उत्तर: इस कहानी का मुख्य उद्देश्य हमें यह सिखाना है कि इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति या वस्तु पूरी तरह से परफेक्ट (पूर्ण) नहीं है। हम सभी के अंदर कुछ न कुछ कमियाँ होती हैं, लेकिन यदि हम अपना नजरिया सकारात्मक रखें, तो अपनी कमियों को भी अपनी सबसे बड़ी खूबी या अवसर में बदल सकते हैं।

प्रश्न 2: किसान ने फूटे घड़े की कमी का उपयोग किस प्रकार किया?

उत्तर: किसान फूटे घड़े की कमी (छेद) को अच्छी तरह जानता था। उसने रास्ते के उस किनारे पर सुंदर फूलों के बीज बो दिए थे, जिस तरफ वह फूटे घड़े को लटकाकर चलता था। रोज़ झरने से लौटते समय घड़े से रिसने वाले पानी से वे बीज अपने आप सींचते गए और पूरा रास्ता रंग-बिरंगे फूलों से महक उठा।

प्रश्न 3: सही घड़े को किस बात का घमंड था और फूटा घड़ा क्यों उदास रहता था?

उत्तर: सही और सुडौल घड़े को इस बात का घमंड था कि वह झरने से पूरा पानी सुरक्षित घर तक पहुँचाता था, उसमें से एक बूंद भी नहीं रिसती थी। दूसरी ओर, फूटा घड़ा अपनी कमी के कारण हीनभावना और शर्मिंदगी से घिरा रहता था क्योंकि वह घर तक सिर्फ आधा पानी ही पहुँचा पाता था।

प्रश्न 4: क्या ‘फूटा घड़ा’ कहानी वास्तविक जीवन में भी लागू होती है?

उत्तर: हाँ, यह कहानी वास्तविक जीवन में शत-प्रतिशत लागू होती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग दूसरों से तुलना करके अपनी कमियों से नफरत करने लगते हैं। यह कहानी सिखाती है कि हमें खुद को और दूसरों को उनकी कमियों के साथ स्वीकार करना चाहिए और हमेशा सकारात्मक चीजों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

प्रश्न 5: फूटे घड़े की आँखों में अंत में आँसू क्यों आ गए थे?

उत्तर: जब किसान ने फूटे घड़े को यह रहस्य बताया कि उसकी इसी कमी (पानी रिसने) की वजह से रास्ते में इतने सुंदर फूल खिले हैं, जिन्हें भगवान को अर्पित किया जाता है, तो घड़े का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आ गया। अंत में उसकी आँखों में जो आँसू थे, वे दुख के नहीं बल्कि सम्मान और आत्म-गौरव के थे।

आपकी राय:
क्या आपको भी कभी ऐसा लगा है कि आपकी कोई कमी आपके लिए वरदान बन गई? हमें नीचे Comment Box में अपनी कहानी ज़रूर बताएं। अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर Share करना न भूलें!

cracked-pot-story, hindi-kahani, life-lessons, moral-stories-in-hindi, motivational-story, padhojano, phuta-ghada, prerak-kahaniyan, stories

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट भाग-7 | इतिहास, राजव्यवस्था, भूगोल, अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं समसामयिकी
  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट भाग-6 | इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, विज्ञान एवं समसामयिकी
  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट भाग-5 | इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, विज्ञान एवं समसामयिकी
  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट भाग-4 | इतिहास, राजव्यवस्था, भूगोल, अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं समसामयिकी
  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट भाग-3 | इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, विज्ञान एवं समसामयिकी
  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) मॉक टेस्ट भाग-2 | इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था एवं करेंट अफेयर्स
  • UPSSSC PET 2026 महत्वपूर्ण 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट भाग-1| सामान्य ज्ञान एवं समसामयिकी क्विज
  • विश्व के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन एवं उनके मुख्यालय 200 MCQ ऑनलाइन क्विज | International Organizations & Headquarters Quiz Test
  • विश्व के देश, राजधानी एवं मुद्रा 150 महत्वपूर्ण MCQ क्विज (2026 अपडेटेड) | Countries, Capitals & Currencies Live Test
  • भारत के राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश 200 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) क्विज | प्रशासनिक संरचना, राजधानी एवं भूगोल
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवस 200 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट व क्विज (भाग-2)
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवस 200 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट व क्विज
  • भारत के पड़ोसी देश 200 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट व क्विज | अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ, राजधानियाँ, मुद्राएँ एवं परीक्षा तथ्य
  • भारतीय संसद एवं राज्य विधानमंडल 200 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) क्विज | लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा एवं विधान परिषद (2026 अद्यतन)
  • भारतीय पर्यटन स्थल 200 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) ऑनलाइन टेस्ट व क्विज | UPSSSC PET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाएँ
  • October 2026 (56)
  • September 2026 (25)
  • August 2026 (26)
  • July 2026 (2)
  • June 2026 (2)
  • May 2026 (2)
  • April 2026 (27)
  • March 2026 (3)
  • February 2026 (2)
  • January 2026 (1)
  • December 2025 (2)
  • November 2025 (59)
  • October 2025 (1)
  • August 2025 (3)
  • April 2025 (2)
  • Alternative Dispute Resolution (वैकल्पिक विवाद निस्तारण) (16)
  • BNSS (1)
  • Constitution (6)
  • Current Affairs (20)
  • ECONOMICS (36)
  • Environment (3)
  • GENERAL STUDY (84)
  • GEOGRAPHY (12)
  • HISTORY (24)
  • Human Rights (19)
  • Land Law (भूमि विधि) (23)
  • Legal Research Methods (विधिक अनुसन्धान पद्धति) (14)
  • Maths (2)
  • Media Law (2)
  • NCERT (25)
  • POLITY (19)
  • Professional Ethics & Court Craft (10)
  • Quizs (58)
  • Science (2)
  • STATIC GK (27)
  • STORIES (1)
  • Uncategorized (1)
  • प्रशासनिक विधि (14)
  • मनोविज्ञान (3)

Useful Pages

  • Motivation
    • Quotes
    • Stories

पढ़ो जनो (Padho Jano) शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित कदम है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC) की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भारतीय कानून (Law), NCERT, मनोविज्ञान और सामान्य ज्ञान के कठिन विषयों को सबसे सरल हिंदी नोट्स में उपलब्ध कराना है।

  • Facebook
  • YouTube
  • Telegram
  • WhatsApp
  • X
  • Instagram
  • LinkedIn
  • About Me
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Paid Plans
  • Certificate Validation : Link1 | Link2
  • 📰 Current Affairs - News
  • ⚖️ Law Notes / भारतीय कानून
  • 🧠 Psychology / मनोविज्ञान
  • 📚 NCERT Notes
  • 📝 GK & Quizzes / सामान्य ज्ञान