उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित उन्नाव जिला अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान के कारण “कलम और तलवार की धरती” के रूप में जाना जाता है।
उन्नाव जिले का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
1. भौगोलिक स्थिति (Geography)
- अवस्थिति: यह जिला उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है और लखनऊ मंडल का हिस्सा है।
- क्षेत्रफल: जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 4,589 वर्ग किलोमीटर है।
- सीमाएं: उत्तर में हरदोई, दक्षिण में फतेहपुर, पूर्व में लखनऊ व रायबरेली और पश्चिम में कानपुर नगर से अपनी सीमाएं साझा करता है।
- नदियां: गंगा और सई जिले की प्रमुख नदियां हैं।
2. इतिहास और पौराणिक कथाएं (History & Mythology)
- स्थापना: लगभग 1200 साल पहले यह क्षेत्र घने जंगलों से ढका था। 12वीं शताब्दी में चौहान राजपूत गोडो सिंह ने जंगलों को साफ कर ‘सवाई गोडो’ नामक शहर बसाया। बाद में बिन्दन राजपूत उन्वंत सिंह ने यहाँ किला बनवाया और इसका नाम ‘उन्नाव’ रखा।
- पौराणिक महत्व: माना जाता है कि महर्षि वाल्मीकि ने गंगा तट पर स्थित परियर और पावा या परसा (या परिसा) नामक स्थान पर रामायण की रचना की थी। यह भी कहा जाता है कि लव-कुश ने यहीं पर भगवान राम की सेना को हराया था।
- 1857 की क्रांति: जिले ने स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी भूमिका निभाई। राजा राव रामबख्श सिंह यहाँ के प्रमुख क्रांतिकारी थे।
3. प्रशासनिक संरचना (Administration)
जिले को 6 तहसीलों और 16 विकास खंडों (ब्लॉक) में विभाजित किया गया है:
- तहसीलें: उन्नाव, हसनगंज, सफीपुर, पुरवा, बीघापुर और बांगरमऊ।
- मुख्यालय: उन्नाव शहर।
4. अर्थव्यवस्था और उद्योग (Economy & Industry)
- कृषि: यहाँ की मुख्य अर्थव्यवस्था खेती पर टिकी है। धान, गेहूं, मक्का, जौ और गन्ना प्रमुख फसलें हैं।
- प्रमुख उद्योग: यह चमड़ा उद्योग, वस्त्र उद्योग, मच्छरदानी निर्माण और रासायनिक उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है।
- हस्तशिल्प: ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत यहाँ का ज़री-ज़रदोज़ी का काम बहुत प्रसिद्ध है।
5. साहित्य और महान व्यक्तित्व (Literature & Personalities)
उन्नाव को हिंदी साहित्य के दिग्गजों की जन्मस्थली माना जाता है, जिनमें प्रमुख हैं:
- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
- चंद्रशेखर आज़ाद (महान क्रांतिकारी)
- भगवती चरण वर्मा
- शिव मंगल सिंह ‘सुमन’
- प्रताप नारायण मिश्र
6. प्रमुख पर्यटन स्थल (Tourism)
- शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी अभयारण्य: इसे पहले नवाबगंज पक्षी अभयारण्य के नाम से जाना जाता था। यह प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
- निराला पार्क: फूलों और सुंदर वृक्षों के लिए लोकप्रिय।
- धार्मिक स्थल: माँ चंद्रिका देवी मंदिर, दुर्गा मंदिर और माँ कुशुहारी देवी मंदिर यहाँ के आस्था के केंद्र हैं।
- बड़ेश्वर महादेव मंदिर: यह एक प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर है।
7. जनसंख्या (Demographics – 2011 जनगणना)
- कुल जनसंख्या: लगभग 31,08,367।
- साक्षरता दर: लगभग 66.37% से 68.29% के बीच।
- लिंगानुपात: 901 से 910 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष।