विधायन (Legislation) आधुनिक युग में विधि का सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली स्रोत है। सरल शब्दों में, राज्य की सर्वोच्च शक्ति द्वारा नियमों को बनाने, उनमें संशोधन करने या उन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया को विधायन कहते हैं। विधायन की परिभाषा विभिन्न विधिशास्त्रियों ने विधायन को अपने-अपने दृष्टिकोण से परिभाषित किया है: व्यापक अर्थ में, विधायन…
Category: Legal Research Methods (विधिक अनुसन्धान पद्धति)
रूढ़ि की परिभाषा, वैध रूढ़ि के आवश्यक तत्व
रूढ़ि (Custom) विधि के प्राचीनतम और महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक है। समाज में जब कोई व्यवहार या आचरण लंबे समय तक निरंतर दोहराया जाता है, तो वह धीरे-धीरे ‘रूढ़ि’ का रूप ले लेता है और उसे कानून के समान मान्यता प्राप्त हो जाती है। रूढ़ि की परिभाषा विभिन्न विधिशास्त्रियों ने रूढ़ि को अपने-अपने ढंग…
मूल विधि और प्रक्रियात्मक विधि
विधि के वर्गीकरण में ‘सारवान विधि’ (Substantive Law) और ‘प्रक्रियात्मक विधि’ (Procedural Law) का विभाजन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलुओं की तरह हैं, जहाँ एक अधिकार देता है, तो दूसरा उस अधिकार को प्राप्त करने का रास्ता बताता है। 1. मूल या सारवान विधि (Substantive Law) सारवान…
विधि के वर्गीकरण का अर्थ एवं उद्देश्य
विधि के वर्गीकरण (Classification of Law) का अर्थ है कानूनों को उनकी प्रकृति, स्रोत, विषय-वस्तु और कार्यक्षेत्र के आधार पर अलग-अलग वर्गों में विभाजित करना। कानून एक व्यापक विषय है, इसलिए इसे व्यवस्थित रूप से समझने के लिए वर्गीकरण अनिवार्य है। विधि के वर्गीकरण का अर्थ सरल शब्दों में, विधि का वर्गीकरण वह प्रक्रिया है…