प्रत्यायोजित विधायन (Delegated Legislation) आधुनिक शासन व्यवस्था का एक अनिवार्य हिस्सा है। जब संसद या विधायिका किसी कानून की केवल मुख्य रूपरेखा (Skeleton) तैयार करती है और उसके विस्तार, नियम या उप-नियम बनाने की शक्ति कार्यपालिका (सरकार) को सौंप देती है, तो इसे ‘प्रत्यायोजित विधायन’ कहते हैं। सरल शब्दों में, इसे ‘अधीनस्थ विधान’ भी कहा…
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विधायन, विधायन के विभिन्न प्रकार
विधायन (Legislation) आधुनिक युग में विधि का सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली स्रोत है। सरल शब्दों में, राज्य की सर्वोच्च शक्ति द्वारा नियमों को बनाने, उनमें संशोधन करने या उन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया को विधायन कहते हैं। विधायन की परिभाषा विभिन्न विधिशास्त्रियों ने विधायन को अपने-अपने दृष्टिकोण से परिभाषित किया है: व्यापक अर्थ में, विधायन…
प्रत्यायोजित विधायन की आवश्यकता और संवैधानिकता की विवेचना
प्रस्तावना प्रत्यायोजित विधायन (Delegated Legislation या Subordinate Legislation) आज के जटिल शासन तंत्र का अनिवार्य अंग बन गया है। यह वह विधायन है जिसे संसद या विधानमंडल ने सीधे बनाने के बजाय किसी अन्य प्राधिकारी (मंत्रालय, राज्य, विभाग, नियंत्रक, स्थानीय संस्था या अधिसूचित अधिकारी) को बनाने का अधिकार सौंपी होती है। प्रत्यायोजित विधायन की परिभाषा…