लोक अदालत (People’s Court) भारतीय न्याय व्यवस्था का एक अनूठा और प्रभावी विकल्प है। यह ‘वैकल्पिक विवाद समाधान’ (ADR) का एक रूप है, जिसका मुख्य आधार ‘गांधीवादी दर्शन’ और ‘आपसी समझौता’ है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत इसे वैधानिक दर्जा प्राप्त है। लोक अदालत के संबंध में विस्तृत व्याख्या निम्नलिखित है: 1. लोक…
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भारत में माध्यस्थम (Arbitration) विधि की अवधारणा एवं आवश्यकताएं
भारत में माध्यस्थम (Arbitration) विधि की अवधारणा एवं आवश्यकताएं भारत में ‘माध्यस्थम’ या ‘मध्यस्थता’ विवादों को सुलझाने की एक वैकल्पिक प्रक्रिया है, जो अदालती कार्यवाही (Litigation) के बाहर संपन्न होती है। यह ‘वैकल्पिक विवाद समाधान’ (ADR) का एक प्रमुख हिस्सा है। भारत में इसे माध्यस्थम और सुलह अधिनियम, 1996 (Arbitration and Conciliation Act, 1996) के…
माध्यस्थम (मेडिएशन) कार्यवाही के संचालन सम्बन्धी प्रावधान
परिचय माध्यस्थम (mediation) वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) का एक प्रमुख साधन है जिसमें तटस्थ मध्यस्थ पक्षों के बीच आपसी वार्ता द्वारा विवाद का समाधान कराने का प्रयास करता है। भारत में मध्यस्थम सम्बन्धी प्रावधान अनेक कायनों और नियमों में निहित हैं—विशेषकर सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC), वैकल्पिक विवाद निवारण विधि नीतियाँ, घरेलू विधेयक तथा कुछ…