शक्ति पृथक्करण का सिद्धांत (Doctrine of Separation of Powers) आधुनिक लोकतंत्र का एक आधारभूत स्तंभ है। इस सिद्धांत का मुख्य प्रतिपादक फ्रांसीसी दार्शनिक मान्टेस्क्यू (Montesquieu) को माना जाता है, जिन्होंने अपनी पुस्तक ‘द स्पिरिट ऑफ लॉज’ (1748) में इसका विस्तार से वर्णन किया था। सिद्धांत का मूल अर्थ शक्ति पृथक्करण का अर्थ है कि राज्य…