प्रत्यायोजित विधायन (Delegated Legislation) आधुनिक शासन व्यवस्था का एक अनिवार्य हिस्सा है। जब संसद या विधायिका किसी कानून की केवल मुख्य रूपरेखा (Skeleton) तैयार करती है और उसके विस्तार, नियम या उप-नियम बनाने की शक्ति कार्यपालिका (सरकार) को सौंप देती है, तो इसे ‘प्रत्यायोजित विधायन’ कहते हैं। सरल शब्दों में, इसे ‘अधीनस्थ विधान’ भी कहा…