भारत में माध्यस्थम (Arbitration) विधि की अवधारणा एवं आवश्यकताएं भारत में ‘माध्यस्थम’ या ‘मध्यस्थता’ विवादों को सुलझाने की एक वैकल्पिक प्रक्रिया है, जो अदालती कार्यवाही (Litigation) के बाहर संपन्न होती है। यह ‘वैकल्पिक विवाद समाधान’ (ADR) का एक प्रमुख हिस्सा है। भारत में इसे माध्यस्थम और सुलह अधिनियम, 1996 (Arbitration and Conciliation Act, 1996) के…
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विधिक प्रतिनिधि, मध्यस्थता/माध्यमिक अधिकरण द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ, एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी
परिचय किसी भी वैधानिक या प्रशासनिक विषय पर स्पष्ट, सुव्यवस्थित और संक्षिप्त उत्तर देना विधि के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। यहाँ हम तीन महत्वपूर्ण पदों—(1) विधिक प्रतिनिधि, (2) मध्यस्थ अथवा मध्यस्थता/माध्यमिक अधिकरण द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ, तथा (3) मुख्य कार्यपालक अधिकारी 1. विधिक प्रतिनिधि (Legal Representative) परिभाषा एवं अर्थ विधिक प्रतिनिधि शब्द का प्रयोग प्रायः…