स्थान स्थापना वर्ष उच्च न्यायालयों के कार्यक्षेत्र और स्थान नाम प्रदेशीय-कार्यक्षेत्र इलाहाबाद (लखनऊ में न्यायपीठ) 1866 इलाहाबाद उत्तर प्रदेश हैदराबाद 1954 आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश मुंबई (पीठ-नागपुर, पणजी और औरंगाबाद) 1862 मुंबई महाराष्ट्र, गोवा, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव कोलकाता (सर्किट बेंच पोर्ट ब्लेयर) 1862 कोलकाता पश्चिम बंगाल बिलासपुर 2000 छत्तीसगढ़ बिलासपुर दिल्ली…
Author: KRANTI KISHORE
रूस का भौतिक भूगोल
🌍 क्षेत्रफल और स्थिति रूस विश्व का सबसे बड़ा देश है, जो निम्नलिखित विशेषताओं के साथ है: रूस इतना विशाल है कि यह तीन महाद्वीपों से बड़ा है और प्लूटो ग्रह के लगभग बराबर क्षेत्रफल रखता है! 🏔️ मुख्य भौतिक विभाग रूस की भू-संरचना में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं: मैदान निचले मैदान पठार पर्वत…
पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थिकी तंत्र
पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र (ईकोसिस्टम) मानव समाज, आर्थिक गतिविधियों और जैव विविधता के बीच संतुलन बनाए रखने का आधार हैं। तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण, नगरीकरण और असंरचित संसाधन उपयोग ने प्राकृतिक प्रणालियों पर अनपेक्षित दबाव डाला है। पारिस्थितिकी तंत्र क्या है? पारिस्थितिकी तंत्र जीवों (जैविक घटक) और उनके भौतिक परिवेश (अजैविक घटक जैसे…
G20
G20 (ग्रुप ऑफ ट्वेंटी) विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक बहुपक्षीय मंच है जो आर्थिक नीति समन्वय, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की स्थिरता, वैश्विक विकास और अन्य वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा के लिए स्थापित किया गया है। यह समूह 1999 में आर्थिक संकटों और वैश्विक आर्थिक परामर्श की आवश्यकता के जवाब में बनाया गया था। आज…
अलास्का
अलास्का संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे बड़ा और सबसे विरल आबादी वाला राज्य है, जो अपनी विशाल प्राकृतिक सुंदरता, अद्वितीय इतिहास और समृद्ध संसाधनों के लिए जाना जाता है. इसे “Seward’s Folly” कहा जाता था क्योंकि लोग इसे बेकार मानते थे, लेकिन बाद में यहाँ तेल, सोना और अन्य संसाधन मिलने से इसका महत्व बढ़…
जेनेवा अभिसमय पंचाट से आप क्या समझते हैं?
परिचय जेनेवा अभिसमय पंचाट (Geneva Conventions और उनके Additional Protocols के सन्दर्भ में) अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law, IHL) का केंद्रभूत स्तम्भ है। यह सशस्त्र संघर्षों के दौरान नागरिकों, घायलों और युद्धबंदियों के संरक्षण से सीधे जुड़ा होता है। परिभाषा और इतिहास – जेनेवा अभिसमय पंचाट (Geneva Conventions) चार अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ हैं जिन्हें 1949…
न्यूयार्क अभिसमय पंचाट
न्यूयार्क अभिसमय पंचाट (New York Convention on the Recognition and Enforcement of Foreign Arbitral Awards, 1958) के अंतर्गत कब और किन परिस्थितियों में एक विदेशी पंचाट (arbitral award) के प्रवर्तन (enforcement) से इंकार किया जा सकता है । परिचय – न्यूयार्क अभिसमय पंचाट (1958) का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों में पंचाट के पुरस्कारों की मान्यता…
विदेशी पंचाट (Foreign Arbitration): परिभाषा, प्रवर्तन की शर्तें
परिचय विदेशी पंचाट (foreign arbitration) अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक विवादों को सुलझाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। —विशेषकर पंचाट विधि (arbitration law) और अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून के संदर्भ में। 1. विदेशी पंचाट की परिभाषा विदेशी पंचाट से आशय ऐसे पंचाट (arbitration) से है जिनका संबंध या प्रभाव दो या अधिक देशों के बीच के तत्वों से जुड़ा…
किसी पक्ष की मृत्यु का मध्यस्थता समझौते पर प्रभाव
परिचय मध्यस्थता (Arbitration) एक वैकल्पिक विवाद निपटान प्रक्रिया है जिसमें पक्ष अपने विवाद को तटस्थ मध्यस्थ के समक्ष प्रस्तुत कर उसे विवाद निपटाने का अधिकार देते हैं। प्रश्न को समझना मामला यह देखने का है कि जब मध्यस्थता समझौते के किसी पक्ष का निधन हो जाता है तो क्या समझौता स्वतः समाप्त हो जाता है,…
क्या माध्यस्थम पंचाट के विरुद्ध अपील हो सकती है?
प्रस्तावना किसी भी देश में न्यायालय व्यवस्था का उद्देश्य निष्पक्ष, त्वरित और सुसंगत न्याय प्रदान करना है। भारतीय प्रक्रिया दंड संहिता व सिविल प्रक्रिया व प्रशासनिक विधियों में मध्यस्थता (mediation/conciliation) और पंचायती व्यवस्था जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution — ADR) के प्रावधानों का महत्त्व बढ़ा है। 1. मध्यस्थम-पंचाट (Mediation/Conciliation/Gram Panchayat adjudication) — अवधारणा…