भाग 1: साँची का स्तूप और भोपाल की बेगमों का योगदान
- प्रश्न: साँची का स्तूप आधुनिक भारत के किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: मध्य प्रदेश (रायसेन जिला)। - प्रश्न: साँची कनण्खेड़ा इमारतें भोपाल से किस दिशा में और कितनी दूरी पर हैं?
उत्तर: 20 मील उत्तर-पूर्व में। - प्रश्न: 19वीं सदी में भोपाल की नवाब कौन थीं जिनका शासनकाल 1868-1901 था?
उत्तर: शाहजहाँ बेगम। - प्रश्न: शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का नाम क्या है?
उत्तर: ताज-उल-इकबाल तारीख भोपाल। - प्रश्न: शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का अंग्रेज़ी अनुवाद 1876 में किसने किया था?
उत्तर: एच.डी. बारस्टो ने। - प्रश्न: साँची के अवशेषों का निरीक्षण करने वाले प्रमुख ब्रिटिश अधिकारी कौन थे?
उत्तर: मेजर अलेक्जेंडर कनिंघम। - प्रश्न: फ़्रांसीसियों ने साँची के किस तोरणद्वार को फ्रांस ले जाने की अनुमति माँगी थी?
उत्तर: पूर्वी तोरणद्वार। - प्रश्न: फ़्रांसीसी और अंग्रेज़ मूल तोरणद्वार के बजाय किससे संतुष्ट होकर मान गए?
उत्तर: प्लास्टर प्रतिकृतियों (प्लास्टर ऑफ पेरिस की कॉपियों) से। - प्रश्न: शाहजहाँ बेगम की उत्तराधिकारी नवाब कौन बनीं?
उत्तर: सुल्तानजहाँ बेगम। - प्रश्न: साँची स्तूप के रख-रखाव और पुरातात्विक संग्रहालय के लिए धन का अनुदान किसने दिया?
उत्तर: शाहजहाँ बेगम और सुल्तानजहाँ बेगम ने। - प्रश्न: साँची पर अपने महत्वपूर्ण ग्रंथों को जॉन मार्शल ने किसे समर्पित किया था?
उत्तर: सुल्तानजहाँ बेगम को। - प्रश्न: साँची में अतिथिशाला और संग्रहालय बनाने के लिए अनुदान किसने दिया था?
उत्तर: सुल्तानजहाँ बेगम ने। - प्रश्न: साँची के स्तूप समूह में पाँचवीं सदी का कौन सा ऐतिहासिक ढाँचा शामिल है?
उत्तर: एक प्राचीन मंदिर। - प्रश्न: साँची के स्तूप को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर स्थल कब घोषित किया गया?
उत्तर: वर्ष 1989 में। - प्रश्न: साँची की सबसे पहली प्रसिद्ध पुस्तक ‘भिलसा टोप्स’ (1854) किसने लिखी थी?
उत्तर: अलेक्जेंडर कनिंघम ने। - प्रश्न: ‘द मॉन्युमेंट्स ऑफ़ साँची’ (1914) पुस्तक के लेखक कौन हैं?
उत्तर: जॉन मार्शल और अल्फ्रेड फूसे। - प्रश्न: जॉन मार्शल की प्रसिद्ध पुस्तक ‘कंजर्वेशन मैनुअल’ किस वर्ष प्रकाशित हुई थी?
उत्तर: वर्ष 1923 में। - प्रश्न: साँची का स्तूप किस धर्म का एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है?
उत्तर: बौद्ध धर्म का। - प्रश्न: इतिहासकार प्राचीन दार्शनिकों के विचारों को समझने के लिए किन स्रोतों का उपयोग करते हैं?
उत्तर: बौद्ध, जैन, ब्राह्मण ग्रंथ, इमारतें और अभिलेख। - प्रश्न: साँची स्तूप की खोज किस वर्ष हुई थी?
उत्तर: वर्ष 1818 में। - प्रश्न: खोज के समय साँची के कुल कितने तोरणद्वार खड़े थे?
उत्तर: तीन तोरणद्वार। - प्रश्न: भोपाल की नवाबों के किस विवेकपूर्ण निर्णय से साँची का स्तूप चोरी होने से बच गया?
उत्तर: यूरोपीय लोगों को केवल प्लास्टर की कॉपियां देने की अनुमति देकर। - प्रश्न: आज साँची के स्तूप का सफल मरम्मत और संरक्षण कौन सी संस्था कर रही है?
उत्तर: भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI)। - प्रश्न: इतिहास में ‘ताज-उल-इकबाल’ ग्रंथ किस राज्य के इतिहास से संबंधित है?
उत्तर: भोपाल राज्य के इतिहास से। - प्रश्न: प्राचीन इमारतों और अवशेषों की खुदाई के दौरान चित्रों और अभिलेखों को किसने पढ़ा था?
उत्तर: मेजर अलेक्जेंडर कनिंघम ने। - प्रश्न: ब्रिटिश काल में भारत की प्राचीन कलाकृतियों की लूट को किसने ‘आत्मघाती नीति’ कहा था?
उत्तर: पुरातत्ववेत्ता एच.एच. कोल ने। - प्रश्न: किस शासक या ठेकेदार की नज़र न पड़ने के कारण साँची का स्तूप पूरी तरह सुरक्षित बच गया?
उत्तर: रेल ठेकेदारों और निर्माताओं की। - प्रश्न: साँची स्तूप के चारों ओर बनी पत्थर की बाड़ को क्या कहा जाता है?
उत्तर: वेदिका। - प्रश्न: कनिंघम ने साँची के अलावा किस अन्य प्रसिद्ध स्तूप की छानबीन 1834 में की थी?
उत्तर: सारनाथ का स्तूप। - प्रश्न: राष्ट्रीय संग्रहालय, नयी दिल्ली की नींव प्रधानमंत्री नेहरू ने कब रखी थी?
उत्तर: वर्ष 1955 में।
भाग 2: वैदिक परंपरा, यज्ञ और उपनिषद
- प्रश्न: ईसा पूर्व प्रथम सहस्त्राब्दि का काल विश्व इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
उत्तर: इस काल में दुनिया भर में महान चिंतकों और दार्शनिकों का जन्म हुआ। - प्रश्न: ईसा पूर्व प्रथम सहस्त्राब्दि में ईरान में कौन से प्रसिद्ध चिंतक हुए?
उत्तर: जरथुस्त्र। - प्रश्न: प्राचीन चीन के सबसे प्रसिद्ध दार्शनिक कौन थे जो इस काल में उभरे?
उत्तर: खुंगत्सी (कन्फ्यूशियस)। - प्रश्न: प्राचीन यूनान (ग्रीस) के तीन सबसे प्रमुख दार्शनिक कौन थे?
उत्तर: सुकरात, प्लेटो और अरस्तु। - प्रश्न: प्रारंभिक वैदिक परंपरा का कालखंड क्या माना जाता है?
उत्तर: लगभग 1500 ई.पू. से 1000 ई.पू. तक। - प्रश्न: उत्तर वैदिक परंपरा का कालखंड कब से कब तक माना जाता है?
उत्तर: लगभग 1000 ई.पू. से 500 ई.पू. तक। - प्रश्न: ऋग्वेद मुख्य रूप से किन देवताओं की स्तुति का संग्रह है?
उत्तर: अग्नि, इंद्र और सोम। - प्रश्न: ऋग्वेद की ऋचाओं या छंदों का पाठ किस समय किया जाता था?
उत्तर: यज्ञों के अनुष्ठान के समय। - प्रश्न: वैदिक काल में लोग मुख्य रूप से किन चीज़ों के लिए देवताओं से प्रार्थना करते थे?
उत्तर: मवेशी, पुत्र, उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए। - प्रश्न: ऋग्वेद के छंद किस विशेष भाषा में रचे गए थे?
उत्तर: वैदिक संस्कृत में। - प्रश्न: शुरुआती वैदिक काल में यज्ञ किस प्रकार किए जाते थे?
उत्तर: सामूहिक रूप से (पूरे कबीले द्वारा)। - प्रश्न: राजाओं और सरदारों द्वारा किए जाने वाले दो सबसे जटिल यज्ञ कौन से थे?
उत्तर: राजसूय यज्ञ और अश्वमेध यज्ञ। - प्रश्न: राजसूय और अश्वमेध जैसे जटिल यज्ञों को कराने के लिए राजा किस पर निर्भर थे?
उत्तर: ब्राह्मण पुरोहितों पर। - प्रश्न: उपनिषदों की रचना किस काल से शुरू मानी जाती है?
उत्तर: लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से। - प्रश्न: उपनिषदों में मुख्य रूप से किन दार्शनिक प्रश्नों पर चर्चा की गई है?
उत्तर: जीवन का अर्थ, मृत्यु के बाद जीवन और पुनर्जन्म पर। - प्रश्न: बौद्ध ग्रंथों के अनुसार बुद्ध के समय भारत में कितने वैचारिक संप्रदाय सक्रिय थे?
उत्तर: 64 संप्रदाय। - प्रश्न: बौद्ध काल में वाद-विवाद और दार्शनिक चर्चाएँ कहाँ हुआ करती थीं?
उत्तर: कुटागारशालाओं (नुकीली छत वाली झोपड़ियों) या उपवनों में। - प्रश्न: ‘कुटागारशाला’ का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
उत्तर: नुकीली छत वाली झोपड़ी। - प्रश्न: जैन धर्म के तीर्थंकर महावीर और महात्मा बुद्ध ने किस धार्मिक व्यवस्था के प्रभुत्व पर सवाल उठाया?
उत्तर: वेदों के प्रभुत्व और ब्राह्मणवाद पर। - प्रश्न: ब्राह्मणवाद के अनुसार किसी व्यक्ति का सामाजिक अस्तित्व किससे निर्धारित होता था?
उत्तर: उसकी जाति और लिंग से। - प्रश्न: महावीर और बुद्ध के अनुसार दुखों से मुक्ति कौन प्राप्त कर सकता था?
उत्तर: कोई भी व्यक्ति अपने स्वयं के प्रयासों से। - प्रश्न: ‘छांदोग्य उपनिषद’ की रचना किस भाषा में और कब हुई थी?
उत्तर: संस्कृत भाषा में, लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व में। - प्रश्न: छांदोग्य उपनिषद में किसे ‘एक सच्चा और सबको पवित्र करने वाला यज्ञ’ कहा गया है?
उत्तर: बहते हुए पवन (हवा) को। - प्रश्न: “मेरी यह आत्मा धान या जौ के दाने से भी छोटी है पर ब्रह्मांड से भी विशाल है” यह कथन कहाँ से है?
उत्तर: छांदोग्य उपनिषद से। - प्रश्न: वैदिक परंपरा के पुरोहित अपने शिष्यों को वेद कैसे सिखाते थे?
उत्तर: मौखिक रूप से रटाकर (सुनकर और बोलकर)। - प्रश्न: गंगा घाटी में नए राज्यों और शहरों का उभार किस काल में हो रहा था?
उत्तर: ईसा पूर्व प्रथम सहस्त्राब्दि (छठी सदी ई.पू.) में। - प्रश्न: नियतिवादी दार्शनिकों के अनुसार मानव जीवन में सुख और दुख कैसे तय होते हैं?
उत्तर: वे पहले से पूरी तरह निर्धारित (पूर्व-नियत) होते हैं। - प्रश्न: आजीविक संप्रदाय के किस प्रसिद्ध उपदेशक की चर्चा बुद्ध के साथ बातचीत में मिलती है?
उत्तर: मक्खलि गोसाल की। - प्रश्न: लोकायत परंपरा के किस विचारक को प्राचीन भारत का प्रमुख ‘भौतिकवादी’ माना जाता है?
उत्तर: अजीत केसकंबलिन् को। - प्रश्न: लोकायत या भौतिकवादी दर्शन की मुख्य मान्यता क्या थी?
उत्तर: मनुष्य चार तत्वों से बना है और मृत्यु के बाद कुछ नहीं बचता।
भाग 3: जैन धर्म और महावीर के संदेश
- प्रश्न: वर्धमान महावीर के जन्म से पहले ही उत्तर भारत में कौन सा दर्शन प्रचलित था?
उत्तर: जैन दर्शन। - प्रश्न: जैन परंपरा के अनुसार महावीर स्वामी से पहले कितने शिक्षक हो चुके थे?
उत्तर: 23 शिक्षक। - प्रश्न: जैन धर्म के इन महान शिक्षकों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: तीर्थंकर। - प्रश्न: जैन धर्म में ‘तीर्थंकर’ शब्द का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: वे महापुरुष जो पुरुषों और महिलाओं को जीवन की नदी के पार पहुँचाते हैं। - प्रश्न: जैन दर्शन की सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय अवधारणा क्या है?
उत्तर: संपूर्ण विश्व प्राणवान है (पत्थर, चट्टान और जल में भी जीवन है)। - प्रश्न: जैन धर्म का सबसे प्रमुख सिद्धांत कौन सा है जिसने पूरे भारतीय चिंतन को प्रभावित किया?
उत्तर: अहिंसा का सिद्धांत (जीवों को न मारना)। - प्रश्न: जैन मान्यता के अनुसार मनुष्य का जन्म और पुनर्जन्म का चक्र किसके द्वारा निर्धारित होता है?
उत्तर: उसके कर्मों के द्वारा। - प्रश्न: कर्म के चक्र से मुक्ति पाने के लिए जैन धर्म में क्या आवश्यक माना गया है?
उत्तर: त्याग और कठिन तपस्या। - प्रश्न: जैन धर्म के अनुसार कर्म से मुक्ति और मोक्ष केवल कहाँ रहकर संभव है?
उत्तर: संसार का त्याग करके विहारों (मठों) में निवास करने से। - प्रश्न: जैन साधु और साध्वियों के लिए अनिवार्य ‘पंचव्रत’ (पाँच व्रत) कौन से हैं?
उत्तर: हत्या न करना, चोरी न करना, झूठ न बोलना, ब्रह्मचर्य और धन संग्रह न करना। - प्रश्न: जैन धर्म के ‘अमृषा’ व्रत का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: झूठ न बोलना (सत्य का पालन)। - प्रश्न: जैन धर्म के किस व्रत के तहत संपत्ति या धन इकट्ठा करने की मनाही है?
उत्तर: अपरिग्रह (धन संग्रह न करना)। - प्रश्न: महावीर स्वामी के उपदेशों को उनके शिष्यों ने किस प्रसिद्ध जैन ग्रंथ में कहानियों के रूप में संकलित किया?
उत्तर: उत्तराध्ययन सूत्र में। - प्रश्न: जैन विद्वानों ने अपने साहित्य की रचना मुख्य रूप से किन भाषाओं में की थी?
उत्तर: प्राकृत, संस्कृत और तमिल भाषाओं में। - प्रश्न: प्राचीन काल से ही जैन ग्रंथों की पांडुलिपियों को कहाँ सुरक्षित रखा गया है?
उत्तर: मंदिरों से जुड़े पुस्तकालयों या ज्ञान भंडारों में। - प्रश्न: भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे प्राचीन मूर्ति पूजा के साक्ष्य किस धर्म के अनुयायियों के मिले हैं?
उत्तर: जैन तीर्थंकरों के उपासकों के। - प्रश्न: मथुरा से प्राप्त जैन तीर्थंकर की प्रसिद्ध मूर्ति किस काल की मानी जाती है?
उत्तर: लगभग तीसरी शताब्दी ईसवी की। - प्रश्न: ‘संतचरित्र’ (Hagiography) शब्द का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: किसी संत या धार्मिक नेता की जीवनी। - प्रश्न: इतिहासकार ‘संतचरित्र’ का उपयोग इतिहास लेखन में क्यों करते हैं?
उत्तर: इससे उस धर्म के अनुयायियों के विश्वासों और मान्यताओं का पता चलता है। - प्रश्न: उत्तराध्ययन सूत्र की कहानी में महारानी कमलावती ने अपने पति राजा को क्या बनने की सलाह दी थी?
उत्तर: संन्यास लेकर साधु बनने की।
भाग 4: महात्मा बुद्ध और बौद्ध ग्रंथों का निर्माण
- प्रश्न: महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम क्या था?
उत्तर: सिद्धार्थ। - प्रश्न: सिद्धार्थ का जन्म किस प्रसिद्ध कबीले या गणसंघ के सरदार के घर हुआ था?
उत्तर: शाक्य कबीले में। - प्रश्न: सिद्धार्थ के मन में वैराग्य उत्पन्न करने वाले वे ‘चार दृश्य’ कौन से थे?
उत्तर: एक वृद्ध व्यक्ति, एक बीमार, एक लाश और एक शांत संन्यासी। - प्रश्न: सिद्धार्थ को किस घटना को देखकर यह अहसास हुआ कि मानव शरीर का क्षय और अंत निश्चित है?
उत्तर: एक लाश (मृतक) को देखकर। - प्रश्न: ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ को किस नाम से जाना गया?
उत्तर: बुद्ध (अर्थात ज्ञानी या प्रबुद्ध व्यक्ति)। - प्रश्न: अमरावती से प्राप्त मूर्ति में बुद्ध द्वारा आधी रात को महल त्यागने के दृश्य को किस पशु के साथ दिखाया गया है?
उत्तर: घोड़े के साथ। - प्रश्न: बुद्ध ने दुखों से मुक्ति के लिए किस मार्ग को अपनाने का उपदेश दिया?
उत्तर: मध्यम मार्ग (अति तपस्या और अति भोग के बीच का रास्ता)। - प्रश्न: बौद्ध दर्शन के अनुसार यह संपूर्ण विश्व कैसा है?
उत्तर: अनित्य (क्षणभंगुर और लगातार बदलने वाला)। - प्रश्न: बौद्ध दर्शन में विश्व को ‘आत्माविहीन’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि यहाँ कुछ भी स्थायी या शाश्वत नहीं है। - प्रश्न: बौद्ध धर्म की प्रारंभिक परंपराओं में ईश्वर के अस्तित्व को कैसा माना गया है?
उत्तर: अप्रासंगिक (ईश्वर का होना या न होना मायने नहीं रखता)। - प्रश्न: बुद्ध के अनुसार समाज की स्थापना किसने की थी?
उत्तर: समाज का निर्माण इनसानों ने किया था, ईश्वर ने नहीं। - प्रश्न: बौद्ध धर्म में ‘निर्वाण’ शब्द का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: अहं और इच्छा का पूरी तरह खत्म हो जाना। - प्रश्न: अपने शिष्यों को दिया गया बुद्ध का अंतिम निर्देश क्या था?
उत्तर: “तुम सब अपने लिए खुद ही ज्योति बनो” (अप्प दीपो भव)। - प्रश्न: बुद्ध के उपदेशों और संभाषणों को उनके जीवनकाल में किस रूप में प्रसारित किया जाता था?
उत्तर: केवल मौखिक रूप से। - प्रश्न: बुद्ध की मृत्यु के बाद उनकी शिक्षाओं का संकलन करने के लिए पहली सभा कहाँ बुलाई गई थी?
उत्तर: वेसली (वैशाली, बिहार) में। - प्रश्न: बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथों के संग्रह को क्या कहा जाता है?
उत्तर: त्रिपिटक (तीन टोकरियाँ)। - प्रश्न: बौद्ध संघ या मठों में रहने वाले लोगों के नियमों का संग्रह किस पिटक में है?
उत्तर: विनय पिटक में। - प्रश्न: महात्मा बुद्ध की मुख्य शिक्षाएँ और कहानियाँ किस पिटक में संग्रहित हैं?
उत्तर: सुत्त पिटक में। - प्रश्न: बौद्ध धर्म के दार्शनिक और गूढ़ विषयों का संकलन किस पिटक में किया गया है?
उत्तर: अभिधम्म पिटक में। - प्रश्न: श्रीलंका के इतिहास और बौद्ध धर्म पर लिखे गए दो प्रसिद्ध क्षेत्रीय ग्रंथ कौन से हैं?
उत्तर: दीपवंश और महावंश। - प्रश्न: ‘दीपवंश’ और ‘महावंश’ ग्रंथों का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर: दीपवंश (द्वीप का इतिहास) और महावंश (महान इतिहास)। - प्रश्न: बौद्ध धर्म के प्राचीनतम ग्रंथ मुख्य रूप से किस भाषा में लिखे गए थे?
उत्तर: पालि भाषा में। - प्रश्न: बौद्ध ग्रंथों की खोज में चीन से भारत आने वाले दो प्रसिद्ध तीर्थयात्री कौन थे?
उत्तर: फा-शिएन और श्वैन त्सांग। - प्रश्न: सुत्त पिटक के किस हिस्से में बौद्ध भिक्खुनियों द्वारा रचे गए सुंदर छंदों का संग्रह है?
उत्तर: थेरीगाथा में। - प्रश्न: ‘थेरी’ शब्द का बौद्ध धर्म में क्या अर्थ होता है?
उत्तर: ऐसी आदरणीय महिलाएँ जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया हो। - प्रश्न: थेरीगाथा में वर्णित ‘पुन्ना’ नाम की महिला संघ में आने से पहले क्या काम करती थी?
उत्तर: वह एक दासी (पानी भरने वाली) थी। - प्रश्न: सुत्त पिटक में मगध के किस राजा और बुद्ध के बीच की प्रसिद्ध बातचीत का विवरण है?
उत्तर: राजा अजातसत्तु (अजातशत्रु)। - प्रश्न: सुत्त पिटक में बुद्ध ने ‘सिगल’ नाम के किस व्यक्ति को सामाजिक कर्तव्यों की सलाह दी थी?
उत्तर: एक अमीर गृहपति (सांसारिक व्यक्ति) को। - प्रश्न: विनय पिटक के अनुसार भिक्षुओं को नया कंबल या गलीचा न्यूनतम कितने वर्षों तक इस्तेमाल करना होता था?
उत्तर: कम से कम 6 वर्षों तक। - प्रश्न: भिक्षु किसी गृहस्थ के घर से अधिकतम कितने कटोरे भोजन स्वीकार कर सकते थे?
उत्तर: केवल दो से तीन कटोरे।
भाग 5: बौद्ध संघ, स्तूप और वास्तुकला
- प्रश्न: बुद्ध के उन शिष्यों की संस्था को क्या कहा जाता था जो धम्म के शिक्षक बने?
उत्तर: संघ। - प्रश्न: बौद्ध भिक्षुओं को ‘भिक्खु’ क्यों कहा जाता था?
उत्तर: क्योंकि वे भोजन के लिए पूरी तरह दान (भिक्षा) पर निर्भर थे। - प्रश्न: शुरुआत में बौद्ध संघ में केवल किसे शामिल होने की अनुमति थी?
उत्तर: केवल पुरुषों को। - प्रश्न: बुद्ध के किस प्रिय शिष्य के समझाने पर महिलाओं को संघ में प्रवेश मिला?
उत्तर: आनंद के अनुरोध पर। - अशोक: बौद्ध संघ में शामिल होने वाली सबसे पहली महिला (भिक्खुनी) कौन थीं?
उत्तर: महाप्रजापति गोतमी (बुद्ध की उपमाता)। - प्रश्न: बौद्ध संघ की निर्णय लेने की संचालन पद्धति किस राजनीतिक व्यवस्था पर आधारित थी?
उत्तर: गणों और संघों की लोकतांत्रिक (मतदान) परंपरा पर। - प्रश्न: प्राचीन काल में अंतिम संस्कार से जुड़े टीलों या पवित्र स्थलों को क्या कहा जाता था?
उत्तर: चैत्य। - प्रश्न: बुद्ध के जीवन से जुड़ा ‘लुम्बिनी’ स्थल क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर: यहाँ महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था। - प्रश्न: महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति (बोध) किस स्थान पर हुई थी?
उत्तर: बोधगया (बिहार) में। - प्रश्न: बुद्ध ने अपना सबसे पहला उपदेश कहाँ दिया था?
उत्तर: सारनाथ (उत्तर प्रदेश) में। - प्रश्न: महात्मा बुद्ध ने महापरिनिर्वाण (निब्बान) कहाँ प्राप्त किया था?
उत्तर: कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में। - प्रश्न: बुद्ध की मृत्यु के 200 वर्ष बाद किस सम्राट ने लुम्बिनी की यात्रा की याद में स्तंभ बनवाया था?
उत्तर: सम्राट अशोक (असोक) ने। - प्रश्न: बुद्ध के अवशेषों (अस्थियों या सामान) पर बनाए गए मिट्टी के गोलार्ध टीलों को क्या कहते हैं?
उत्तर: स्तूप। - प्रश्न: किस बौद्ध ग्रंथ के अनुसार अशोक ने बुद्ध के अवशेषों को बाँटकर हर मुख्य शहर में स्तूप बनवाए?
उत्तर: अशोकावदान ग्रंथ के अनुसार। - प्रश्न: ‘स्तूप’ शब्द का संस्कृत में शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
उत्तर: टीला। - प्रश्न: स्तूप के सबसे निचले अर्धगोलाकार हिस्से या मिट्टी के टीले को क्या कहा जाता था?
उत्तर: अंड। - प्रश्न: अंड के ऊपर बने चौकोर छज्जे जैसे ढाँचे को क्या कहते थे, जो देवताओं का घर माना जाता था?
उत्तर: हर्मिका। - प्रश्न: हर्मिका से ऊपर निकलने वाले सीधे मस्तूल या डंडे को बौद्ध वास्तुकला में क्या कहते थे?
उत्तर: यष्टि। - प्रश्न: साँची स्तूप के तोरणद्वारों के निर्माण के लिए किस श्रेणी के शिल्पकारों ने भारी दान दिया था?
उत्तर: हाथी दाँत का काम करने वाले शिल्पकारों ने। - प्रश्न: बौद्ध स्तूप की परिक्रमा करने के लिए उपासक किस दिशा में चक्कर काटते थे?
उत्तर: दक्षिणावर्त (Clockwise – टीले को हमेशा दाईं ओर रखकर)। - प्रश्न: आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के कमिश्नर वाल्टर एलियट ने 1854 में किस महान स्तूप की यात्रा की थी?
उत्तर: अमरावती का स्तूप। - प्रश्न: मद्रास संग्रहालय में रखे गए अमरावती के पत्थरों को किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर: एलियट संगमरमर (Elliot Marbles)। - प्रश्न: अमरावती का महाचैत्य पूरी तरह नष्ट क्यों हो गया जबकि साँची बच गया?
उत्तर: क्योंकि अमरावती की खोज पहले हुई और तब तक लोग मूल स्थान पर संरक्षण का महत्व नहीं जानते थे। - प्रश्न: बुद्ध के प्रथम उपदेश की घटना को मूर्तिकला में किस प्रतीक द्वारा दिखाया जाता है?
उत्तर: धर्मचक्र (पहिया या चक्र) के रूप में। - प्रश्न: बौद्ध कला में ‘रिक्त स्थान’ या खाली आसन मुख्य रूप से किसका प्रतीक है?
उत्तर: बुद्ध के ध्यान की दशा का।
भाग 6: लोक परंपराएँ, महायान और पौराणिक हिंदू धर्म
- प्रश्न: साँची के तोरणद्वार पर पेड़ की डाल पकड़कर झूलती हुई स्त्री की मूर्ति किसकी है?
उत्तर: शालभंजिका की। - प्रश्न: लोक परंपराओं के अनुसार शालभंजिका नामक स्त्री की क्या विशेषता मानी जाती थी?
उत्तर: उसके छूने से वृक्षों में फूल खिल उठते थे और फल लगने लगते थे। - प्रश्न: बौद्ध मूर्तिकला में कमल के फूलों और हाथियों के बीच बैठी देवी की मूर्ति किसकी मानी जाती है?
उत्तर: गजलक्ष्मी (सौभाग्य की देवी) या बुद्ध की माता माया। - प्रश्न: शुरुआती ब्रिटिश इतिहासकार जेम्स फर्गुसन ने बौद्ध ग्रंथों से अनभिज्ञ होने के कारण साँची को किसका केंद्र माना था?
उत्तर: वृक्ष और सर्प पूजा का केंद्र। - प्रश्न: ईसा की प्रथम शताब्दी के आसपास बौद्ध धर्म में मूर्ति पूजा और मुक्तिदाता वाली किस नई शाखा का जन्म हुआ?
उत्तर: महायान बौद्ध मत का। - प्रश्न: महायान बौद्ध धर्म के अंतर्गत किन परम करुणामय जीवों की पूजा की अवधारणा शुरू हुई?
उत्तर: बोधिसत्व (बोधिसत्त) की। - प्रश्न: महायान के अनुयायियों ने बौद्ध धर्म की पुरानी और पुरातन परंपरा को क्या नाम दिया?
उत्तर: हीनयान (या थेरवाद)। - प्रश्न: हिंदू धर्म की वह परंपरा जिसमें भगवान विष्णु को सबसे महत्वपूर्ण और सर्वोच्च देवता माना जाता है, क्या कहलाती है?
उत्तर: वैष्णव परंपरा (वैष्णववाद)। - प्रश्न: वैष्णव परंपरा के अनुसार संसार की रक्षा के लिए भगवान विष्णु के कुल कितने अवतारों की कल्पना की गई है?
उत्तर: दस अवतारों की। - प्रश्न: कर्नाटक के एहोल में स्थित छठी शताब्दी की प्रसिद्ध मूर्ति में विष्णु के किस अवतार को पृथ्वी देवी को बचाते हुए दिखाया गया है?
उत्तर: वराह अवतार को। - प्रश्न: हिंदू धर्म के प्राचीन आख्यानों और देवी-देवताओं की कहानियों से युक्त ग्रंथों को क्या कहा जाता है जिनकी रचना ब्राह्मणों ने की थी?
उत्तर: पुराण। - प्रश्न: प्राचीन काल में वैदिक साहित्य से वंचित किन वर्गों को पुराणों को केवल सुनने की अनुमति थी?
उत्तर: महिलाओं और शूद्रों को। - प्रश्न: हिंदू वास्तुकला में मंदिरों का वह सबसे शुरुआती चौकोर कमरा क्या कहलाता है जहाँ मुख्य मूर्ति रखी जाती थी?
उत्तर: गर्भगृह। - प्रश्न: देवगढ़ (उत्तर प्रदेश) के पाँचवीं सदी के मंदिर में विष्णु की कौन सी प्रसिद्ध मूर्ति मिली है?
उत्तर: शेषनाग पर आराम करते हुए भगवान विष्णु की मूर्ति। - प्रश्न: महाराष्ट्र के एलोरा में स्थित वह कौन सा प्रसिद्ध मंदिर है जिसे आठवीं शताब्दी में पूरी खड़ी पहाड़ी को ऊपर से नीचे काटकर बनाया गया था?
उत्तर: कैलाशनाथ मंदिर। - प्रश्न: साँची स्तूप को रेल ठेकेदारों और निर्माताओं की लालची नज़रों से बचाने में मुख्य रूप से किसका भाग्य अच्छा रहा?
उत्तर: इतिहासकारों और भारतीय पुरातत्ववेत्ताओं का। - प्रश्न: ‘भोपाल का इतिहास’ बताने वाली पुस्तक ‘ताज-उल-इकबाल तारीख भोपाल’ मूल रूप से किस भाषा में लिखी गई थी?
उत्तर: उर्दू भाषा में। - प्रश्न: मेजर अलेक्जेंडर कनिंघम ने साँची के गुंबदनुमा ढाँचे की खुदाई कहाँ पर की थी?
उत्तर: गुंबदनुमा ढाँचे के बिल्कुल बीचोंबीच। - प्रश्न: कनिंघम ने साँची कण्खेड़ा गाँव में कई हफ़्तों तक रुककर किन तीन मुख्य चीज़ों का निरीक्षण किया था?
उत्तर: पत्थर की वस्तुओं, बुद्ध की मूर्तियों और प्राचीन तोरणद्वार का। - प्रश्न: 19वीं सदी के यूरोपियों में साँची के स्तूप को लेकर सबसे ज़्यादा दिलचस्पी किस चीज़ में थी?
उत्तर: साँची के सबसे अच्छी हालत में बचे पूर्वी तोरणद्वार में। - प्रश्न: इतिहासकार एच.एच. कोल ने प्राचीन कलाकृतियों के संरक्षण के लिए अधिकारियों के सामने क्या ठोस नीति रखी थी?
उत्तर: असली कृतियाँ खोज की जगह पर ही रहें और संग्रहालयों में केवल प्लास्टर प्रतिकृतियाँ भेजी जाएँ। - प्रश्न: ऋग्वेद से ली गई ‘अग्नि की प्रार्थना’ के अनुसार लोग अग्निदेव से अपने वंश को आगे बढ़ाने के लिए क्या माँगते थे?
उत्तर: एक गुणवान पुत्र। - प्रश्न: पुरोहित परिवारों के बच्चों को वैदिक संस्कृत में रचे गए छंद किस प्रकार सिखाए और याद कराए जाते थे?
उत्तर: मौखिक रूप से बार-बार दोहराकर। - प्रश्न: उत्तर वैदिक काल (1000 ई.पू. – 500 ई.पू.) में कुछ छोटे यज्ञों का आयोजन मुख्य रूप से किसके द्वारा किया जाता था?
उत्तर: घरों के मालिकों (गृहपतियों) द्वारा। - प्रश्न: ईसा पूर्व प्रथम सहस्त्राब्दि में गंगा घाटी में कौन से दो बड़े बदलाव आ रहे थे जिससे मनीषी चिंतित थे?
उत्तर: नए राज्यों और शहरों का उभरना तथा सामाजिक-आर्थिक जीवन में बदलाव। - प्रश्न: प्राचीन काल के यज्ञों में देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में जो सामग्री डाली जाती थी, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर: आहुति। - प्रश्न: ऋग्वेद के अनुसार यज्ञ के समय पुष्टिवर्धक अद्भुत मवेशी के रूप में किस जानवर को लाने की प्रार्थना की गई है?
उत्तर: गाय को। - प्रश्न: वैदिक परंपरा से बाहर के बौद्ध और जैन दार्शनिक सत्य के बारे में मुख्य रूप से क्या सवाल उठा रहे थे?
उत्तर: कि सत्य एक होता है या अनेक। - प्रश्न: प्राचीन काल में ‘परम यथार्थ’ की प्रकृति को समझने और अभिव्यक्त करने में कौन लोग लगातार लगे हुए थे?
उत्तर: प्राचीन मनीषी और दार्शनिक। - प्रश्न: बौद्ध काल में यदि एक शिक्षक अपने प्रतिद्वंद्वी को तर्कों से हरा देता था, तो क्या परिणाम होता था?
उत्तर: वह हारने वाला शिक्षक अपने अनुयायियों के साथ विजेता का शिष्य बन जाता था। - प्रश्न: छांदोग्य उपनिषद के श्लोक के अनुसार इंसानी मन के अंदर छुपी आत्मा की तुलना किससे की गई है?
उत्तर: धान, यव (जौ), सरसों या बाजरे के बीज की गिरी से भी छोटी। - प्रश्न: प्राचीन विचारकों के अनुसार क्या पुनर्जन्म का संबंध व्यक्ति के पिछले जीवन से होता है?
उत्तर: हाँ, लोगों का मानना था कि पुनर्जन्म अतीत के कर्मों के कारण होता है। - प्रश्न: आजीविक परंपरा के नियतिवादियों का जीवन के बारे में सबसे मुख्य विश्वास क्या था?
उत्तर: कि सब कुछ पहले से ही भाग्य द्वारा तय (पूर्व-निर्धारित) है। - प्रश्न: जैन धर्म के अनुसार पुरुषों और महिलाओं को संसार रूपी ‘जीवन की नदी’ के पार पहुँचाने वाले महापुरुष को क्या कहते हैं?
उत्तर: तीर्थंकर। - प्रश्न: जैन दर्शन के अनुसार किस चीज़ से पूरी तरह नाता तोड़कर ही घोर तपस्या की ओर बढ़ना चाहिए?
उत्तर: इंद्रिय सुखों और सांसारिक मोह-माया से। - प्रश्न: जैन साधु और साध्वियों के लिए बनाए गए कठोर नियम और व्रत अंततः कहाँ रहकर पूरे किए जा सकते थे?
उत्तर: जैन विहारों (मठों) में अनिवार्य रूप से निवास करके। - प्रश्न: ‘उत्तराध्ययन सूत्र’ नामक प्राचीन जैन ग्रंथ में महारानी कमलावती ने संसार की तुलना किससे की है?
उत्तर: एक बंद पिंजरे से (जिससे वे नफ़रत करती थीं)। - प्रश्न: सैकड़ों वर्षों से जैन धर्म की अनमोल पांडुलिपियों को कहाँ सबसे ज़्यादा सुरक्षित और संरक्षित रखा गया है?
उत्तर: जैन मंदिरों से जुड़े प्राचीन पुस्तकालयों में। - प्रश्न: जैन महारानी कमलावती के अनुसार मृत्यु के बाद जब सारा धन पीछे छूट जाता है, तब केवल क्या रक्षा करता है?
उत्तर: केवल धर्म। - प्रश्न: बौद्ध परंपराओं के अनुसार सिद्धार्थ (महात्मा बुद्ध) शाक्य कबीले के किस पद पर बैठे व्यक्ति के बेटे थे?
उत्तर: शाक्य कबीले के सरदार के बेटे थे। - प्रश्न: सिद्धार्थ को महल की चारदीवारी के अंदर सुख-सुविधाओं के बीच क्यों रखा गया था?
उत्तर: ताकि वे जीवन के कटु यथार्थों और दुखों से दूर रह सकें। - प्रश्न: सिद्धार्थ ने महल छोड़ने के बाद सत्य की खोज में शुरुआत में किस प्रकार के अतिवादी तरीके अपनाए थे?
उत्तर: शरीर को अधिक से अधिक कष्ट देने और भूखे रहने के तरीके। - प्रश्न: बुद्ध के जीवन की यादों और उनके संदेशों को बनाए रखने के लिए चरित लेखन ग्रंथ कब लिखे गए थे?
उत्तर: बुद्ध के जीवन काल से लगभग सौ वर्षों के बाद। - प्रश्न: बुद्ध के संदेश उपमहाद्वीप के बाहर समुद्र पार करके किन दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों तक फैले?
उत्तर: म्यांमार, थाइलैंड और इंडोनेशिया। - प्रश्न: इतिहासकारों के अनुसार बुद्ध के जीवन के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का मुख्य आधार क्या रहा है?
उत्तर: बौद्ध ग्रंथों का बहुत परिश्रम से किया गया संपादन, अनुवाद और विश्लेषण। - प्रश्न: महात्मा बुद्ध आम जनता को अपनी शिक्षाएँ किस माध्यम से और किस प्रकार देते थे?
उत्तर: चर्चा और बातचीत करते हुए मौखिक रूप से। - प्रश्न: बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद ज्येष्ठ या वरिष्ठ श्रमणों (भिक्षुओं) की सभा बिहार में कहाँ बुलाई गई थी?
उत्तर: वेसली (वैशाली) में। - प्रश्न: बौद्ध विद्वानों ने मौखिक रूप से चले आ रहे त्रिपिटक ग्रंथों को बाद में लिखकर किस आधार पर वर्गीकृत किया?
उत्तर: ग्रंथों के विषय और उनकी लंबाई के अनुसार। - प्रश्न: बौद्ध धर्म की सुत्त पिटक, विनय पिटक और अभिधम्म पिटक को एक साथ मिलाकर क्या शाब्दिक अर्थ बनता है?
उत्तर: त्रिपिटक, जिसका अर्थ है ‘तीन टोकरियाँ’। - प्रश्न: पालि भाषा के पुराने ग्रंथों के अलावा बौद्ध धर्म के बाद के ग्रंथ किस भाषा में लिखे जाने लगे थे?
उत्तर: संस्कृत भाषा में। - प्रश्न: पालि, संस्कृत, चीनी और तिब्बती भाषाओं में लिखे गए मूल बौद्ध ग्रंथों से आज क्या तैयार किया गया है?
उत्तर: आधुनिक भाषाओं में अनुवाद। - प्रश्न: कई सदियों तक बुद्ध की शिक्षाओं को फैलाने वाली अमूल्य पांडुलिपियाँ पूरे एशिया में कहाँ सुरक्षित थीं?
उत्तर: एशिया के भिन्न-भिन्न इलाकों में स्थित बौद्ध विहारों (मठों) में। - प्रश्न: सुत्त पिटक के अनुसार महात्मा बुद्ध ने अमीर गृहपति सिगल को नौकरों की देखभाल के लिए कितने नियम बताए थे?
उत्तर: पाँच तरीके (क्षमता अनुसार काम, भोजन-मज़दूरी, बीमारी में सहायता, छुट्टी आदि)। - प्रश्न: बौद्ध संघ में आने के बाद भिक्षु और भिक्खुनियों को सबसे पहले अपनी किस चीज़ को त्यागना पड़ता था?
उत्तर: अपनी पुरानी सामाजिक पहचान और जाति को। - प्रश्न: बौद्ध संघ में रहने वाले साधु अपने पास भोजन माँगने के लिए हर दिन क्या रखते थे?
उत्तर: केवल एक कटोरा। - प्रश्न: थेरीगाथा ग्रंथ में दासी पुन्ना नदी के ठंडे पानी में उतरने के पीछे अपने मन में किस बात का डर बताती है?
उत्तर: मालिक की सज़ा का या ऊँचे घरानों की स्त्रियों के कड़वे वचनों का। - प्रश्न: दासी पुन्ना के अनुसार यदि पानी में नहाने से पाप धुल जाते, तो सबसे पहले स्वर्ग कौन जाता?
उत्तर: सारे मेंढक, कछुए, पानी के साँप और मगरमच्छ। - प्रश्न: विनय पिटक के नियम के अनुसार यदि कोई भिक्षु संघ के विहार से बिना बिस्तर समेटे चला जाए तो क्या होता था?
उत्तर: उसे अपने इस किए गए ‘अपराध’ को सबके सामने स्वीकार करना पड़ता था। - प्रश्न: बौद्ध धर्म की ओर समाज के कमज़ोर और गरीब लोगों के आकर्षित होने का सबसे बड़ा कारण क्या था?
उत्तर: जन्म के आधार पर श्रेष्ठता की बजाय अच्छे आचरण, मित्रता और करुणा को महत्व देना। - प्रश्न: बौद्ध स्तूप के अंड (गोल टीले) के ऊपर देवताओं के घर के प्रतीक के रूप में क्या बना होता था?
उत्तर: हर्मिका (छज्जे जैसा ढाँचा)। - प्रश्न: सम्राट अशोक ने बुद्ध के अवशेषों को देश के हर महत्वपूर्ण शहर में बाँटकर क्या बनाने का आदेश दिया था?
उत्तर: स्तूप बनाने का आदेश दिया था (अशोकवदान ग्रंथ के अनुसार)। - प्रश्न: बौद्ध स्तूपों के खंभों और वेदिकाओं पर खुदे हुए प्राचीन अभिलेखों से इतिहासकारों को किस बात का पता चलता है?
उत्तर: इन्हें बनाने और सजाने के लिए लोगों द्वारा दिए गए दान का। - प्रश्न: इतिहासकार प्राचीन मूर्तियों के रहस्य और उनके अंकन का सही मतलब समझने के लिए किसका सहारा लेते हैं?
उत्तर: मूर्तियों से जुड़ी प्राचीन कहानियों और लिखित ग्रंथों का। - प्रश्न: तमिलनाडु के महाबलीपुरम् में एक विशाल चट्टान पर उत्कीर्ण मूर्तियों को लेकर कला इतिहासकारों में क्या मतभेद है?
उत्तर: कुछ इसे ‘गंगा नदी का स्वर्ग से अवतरण’ मानते हैं और कुछ ‘अर्जुन की तपस्या’。 - प्रश्न: 19वीं सदी में यूरोपीय विद्वानों को कई सिरों और हाथों वाली भारतीय मूर्तियाँ शुरुआत में कैसी लगती थीं?
उत्तर: अजीबोगरीब और विकृत (जिससे वे कई बार घृणा से भर जाते थे)।