1. अभिलेख क्या होते हैं? (What are Inscriptions?)
- कठोर सतह: पुराने समय में कागज़ नहीं होता था। इसलिए लोग पत्थर, धातु (लोहा, तांबा) या मिट्टी के बर्तनों जैसी सख्त चीजों पर खोदकर लिखते थे। इसी को अभिलेख कहते हैं।
- स्थायी रिकॉर्ड: ये कठोर चीजों पर लिखे जाते थे। इसलिए ये कभी नष्ट नहीं होते थे और हमेशा के लिए सुरक्षित रहते थे।
2. अभिलेखों में क्या लिखा जाता था? (What was written?)
- राजाओं के काम: राजा अपनी जीत, अपनी तारीफ और अपने बड़े कामों को इस पर लिखवाते थे।
- दान का हिसाब: आम लोग, महिलाएं या पुरुष जब किसी मंदिर या धार्मिक जगह पर दान देते थे, तो उसका पूरा विवरण इस पर लिखवाया जाता था।
- विचार और नियम: राजा अपने आदेशों और विचारों को इस पर लिखवाते थे ताकि प्रजा उन्हें पढ़ सके और मान सके।
3. इनका समय (Date) कैसे पता चलता है?
- तारीख लिखी होना: कई अभिलेखों पर उनके बनने का साल या तारीख लिखी होती है।
- लिखने का तरीका (पुरालिपि): जिन पर तारीख नहीं होती, उनका समय अक्षरों की बनावट देखकर पता लगाया जाता है।
- उदाहरण: इमेज में बताया गया है कि 250 ईस्वी पूर्व (BC) में ‘अ’ अक्षर प्र जैसा दिखता था। लेकिन 500 साल बाद (500 ईस्वी) वही अक्षर भ जैसा दिखने लगा। इतिहासकार इसी बदलाव को देखकर समय का अंदाजा लगाते हैं।
4. ये किस भाषा में लिखे जाते थे? (Languages Used)
- प्राकृत भाषा: सबसे पुराने अभिलेख ‘प्राकृत’ भाषा में हैं। यह उस समय की आम जनता की भाषा थी (जैसे आज हम आम बोलचाल में हिंदी बोलते हैं)।
- राजाओं के नाम: प्रसिद्ध राजा जैसे अजातशत्रु (अजातसत्तु) और अशोक (असोक) के नाम भी हमें प्राकृत भाषा के अभिलेखों से ही मिले हैं।
- अन्य भाषाएँ: प्राकृत के अलावा तमिल, पालि और संस्कृत भाषाओं में भी अभिलेख मिले हैं। उस समय लोग और भी कई भाषाएँ बोलते थे, लेकिन उन्हें लिखा नहीं जाता था।