भाग 1: अल-बिरूनी और ‘किताब-उल-हिन्द’
1. अल-बिरूनी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: अल-बिरूनी का जन्म सन् 973 में आधुनिक उज्बेकिस्तान में स्थित ख्वारिज्म में हुआ था।
2. ख्वारिज्म किस चीज़ का एक महत्वपूर्ण केंद्र था?
उत्तर: शिक्षा का।
3. अल-बिरूनी को कौन-कौन सी भाषाओं का ज्ञान था?
उत्तर: सीरियाई, फ़ारसी, हिब्रू तथा संस्कृत।
4. क्या अल-बिरूनी यूनानी (ग्रीक) भाषा का जानकार था?
उत्तर: नहीं, वह यूनानी भाषा नहीं जानता था।
5. यूनानी भाषा न जानने के बावजूद अल-बिरूनी प्लेटो और दार्शनिकों के विचारों से कैसे परिचित था?
उत्तर: अरबी अनुवादों के माध्यम से।
6. सन् 1017 ई. में ख्वारिज्म पर किसने आक्रमण किया था?
उत्तर: सुल्तान महमूद (महमूद ग़ज़नवी) ने।
7. सुल्तान महमूद आक्रमण के बाद विद्वानों और कवियों को कहाँ ले गया?
उत्तर: अपनी राजधानी ग़ज़नी में।
8. अल-बिरूनी ग़ज़नी किस रूप में आया था?
उत्तर: एक बंधक (बंधी) के रूप में।
9. अल-बिरूनी ने अपना बाकी का जीवन कहाँ बिताया और किस आयु में उसकी मृत्यु हुई?
उत्तर: ग़ज़नी में, सत्तर (70) वर्ष की आयु में।
10. अल-बिरूनी की भारत के प्रति रुचि कहाँ विकसित हुई?
उत्तर: ग़ज़नी में।
11. आठवीं शताब्दी से ही किन विषयों के संस्कृत कार्यों का अरबी में अनुवाद होने लगा था?
उत्तर: खगोल-विज्ञान, गणित और चिकित्सा।
12. भारत के किस क्षेत्र के ग़ज़नवी साम्राज्य का हिस्सा बनने पर स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ा?
उत्तर: पंजाब।
13. अल-बिरूनी ने भारत में किनके साथ कई वर्ष बिताए?
उत्तर: ब्राह्मण पुरोहितों तथा विद्वानों के साथ।
14. ब्राह्मणों के साथ रहकर अल-बिरूनी ने किसका ज्ञान प्राप्त किया?
उत्तर: संस्कृत, धर्म तथा दर्शन का।
15. अल-बिरूनी ने भारत के किन हिस्सों की यात्रा की थी?
उत्तर: पंजाब और उत्तर भारत के कई हिस्सों की।
16. ग्यारहवीं सदी में यात्रा वृत्तांत किस साहित्य का एक मान्य हिस्सा बन चुके थे?
उत्तर: अरबी साहित्य का।
17. अरबी यात्रा वृत्तांत पश्चिम में कहाँ से लेकर उत्तर में कहाँ तक फैले थे?
उत्तर: पश्चिम में सहारा रेगिस्तान से उत्तर में वोल्गा नदी तक।
18. अल-बिरूनी द्वारा अरबी भाषा में लिखी गई प्रसिद्ध कृति का नाम क्या है?
उत्तर: किताब-उल-हिन्द।
19. किताब-उल-हिन्द की भाषा कैसी है?
उत्तर: सरल और स्पष्ट।
20. किताब-उल-हिन्द कुल कितने अध्यायों में विभाजित है?
उत्तर: 80 (अस्सी) अध्यायों में।
21. किताब-उल-हिन्द में किन प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है?
उत्तर: धर्म, दर्शन, त्योहार, खगोल-विज्ञान, कीमिया, रीति-रिवाज, सामाजिक जीवन, भार-तौल, मापन विधियां, मूर्तिकला, कानून और मापतंत्र विज्ञान।
22. ‘मापतंत्र विज्ञान‘ (Metrology) का संबंध किस विषय से है?
उत्तर: मापने के विज्ञान से।
23. अल-बिरूनी के प्रत्येक अध्याय की विशिष्ट शैली की शुरुआत कैसे होती थी?
उत्तर: आरंभ में एक प्रश्न होता था।
24. प्रश्न के बाद अध्याय में क्या शामिल होता था?
उत्तर: संस्कृतवादी परंपराओं पर आधारित वर्णन।
25. अल-बिरूनी के प्रत्येक अध्याय के अंत में क्या होता था?
उत्तर: अन्य संस्कृतियों के साथ एक तुलना।
26. विद्वानों के अनुसार किताब-उल-हिन्द की ज्यामितीय संरचना का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: अल-बिरूनी का गणित की ओर झुकाव।
27. अल-बिरूनी ने अपनी कृतियाँ मुख्य रूप से किन लोगों के लिए लिखी थीं?
उत्तर: उपमहाद्वीप के सीमांत क्षेत्रों (borders) में रहने वाले लोगों के लिए।
28. अल-बिरूनी किन भारतीय भाषाओं के ग्रंथों के अरबी अनुवादों से परिचित था?
उत्तर: संस्कृत, पाली तथा प्राकृत।
29. ‘हिंदू‘ शब्द का निकास किस प्राचीन भाषा के शब्द से हुआ था?
उत्तर: प्राचीन फ़ारसी शब्द से (लगभग छठी-पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व)।
30. ‘हिंदू‘ शब्द का प्रयोग मूलतः किस नदी के पूर्व के क्षेत्र के लिए होता था?
उत्तर: सिंधु नदी (Indus) के पूर्व के क्षेत्र के लिए।
31. अरबी लोगों ने इस क्षेत्र और यहाँ के निवासियों को क्या नाम दिया?
उत्तर: क्षेत्र को “अल-हिंद” और निवासियों को “हिंदी”।
32. तुर्कों ने सिंधु के पूर्व में रहने वाले लोगों, उनके क्षेत्र और भाषा को क्या नाम दिया?
उत्तर: लोगों को “हिंदू”, क्षेत्र को “हिंदुस्तान” और भाषा को “हिंदवी”।
33. शुरुआत में हिंदू, हिंदुस्तान या हिंदवी शब्दों का प्रयोग किस पहचान के लिए नहीं होता था?
उत्तर: धार्मिक पहचान के लिए।
34. अल-बिरूनी ने संस्कृत भाषा सीखने में किस कठिनाई का उल्लेख किया है?
उत्तर: इसकी बहुत विस्तृत पहुँच, एक ही वस्तु के लिए कई शब्दों का होना और एक ही शब्द का कई वस्तुओं के लिए प्रयोग होना।
35. अल-बिरूनी ने व्याकरण पर लिखे गए किस संस्कृत ग्रंथ का अरबी में अनुवाद किया?
उत्तर: पतंजलि का महाभाष्य/व्याकरण ग्रंथ।
36. अल-बिरूनी ने अपने ब्राह्मण मित्रों के लिए किस यूनानी गणितज्ञ के कार्यों का संस्कृत में अनुवाद किया?
उत्तर: यूक्लिड (Euclid) के कार्यों का।
37. अल-बिरूनी ने भारत को समझने में कितने मुख्य “अवरोधों” (Barriers) की चर्चा की है?
उत्तर: तीन मुख्य अवरोधों की।
38. अल-बिरूनी के अनुसार भारत को समझने में पहला मुख्य अवरोध क्या था?
उत्तर: भाषा (संस्कृत का अरबी और फ़ारसी से पूरी तरह भिन्न होना)।
39. अल-बिरूनी के अनुसार दूसरा मुख्य अवरोध क्या था?
उत्तर: धार्मिक अवस्था और प्रथाओं में भिन्नता।
40. अल-बिरूनी के अनुसार तीसरा मुख्य अवरोध क्या था?
उत्तर: स्थानीय लोगों का अभिमान (घमंड)।
41. इन अवरोधों के बावजूद अल-बिरूनी भारतीय समाज को समझने के लिए किस वर्ग की कृतियों पर आश्रित रहा?
उत्तर: ब्राह्मणों द्वारा रचित कृतियों पर।
42. अल-बिरूनी ने अपने वृत्तांतों में किन प्रमुख हिंदू ग्रंथों से अंश उद्धृत किए हैं?
उत्तर: वेदों, पुराणों, भगवद्गीता, पतंजलि की कृतियों तथा मनुस्मृति से।
43. अल-बिरूनी ने भारत की जाति व्यवस्था को समझने के लिए किस प्राचीन देश के सामाजिक वर्गों से इसकी तुलना की?
उत्तर: प्राचीन फ़ारस (Persia) से।
44. प्राचीन फ़ारस में मान्य चार सामाजिक वर्ग कौन-से थे जिनका उल्लेख अल-बिरूनी ने किया है?
उत्तर: (1) घुड़सवार और शासक वर्ग, (2) भिक्षु और आनुष्ठानिक पुरोहित, (3) चिकित्सक, खगोलशास्त्री व वैज्ञानिक, (4) कृषक तथा शिल्पकार।
45. अल-बिरूनी के अनुसार इस्लाम में सभी लोगों को कैसा माना जाता था?
उत्तर: समान (भिन्नता केवल धार्मिकता के पालन में थी)।
46. जाति व्यवस्था के संबंध में ब्राह्मणवादी व्याख्या को मानने के बावजूद अल-बिरूनी ने किस धारणा को पूरी तरह अस्वीकार किया?
उत्तर: अपवित्रता (Untouchability/Impurity) की मान्यता को।
47. अल-बिरूनी के अनुसार अपवित्र हुई वस्तु की क्या प्रवृत्ति होती है?
उत्तर: वह अपनी पवित्रता की मूल स्थिति को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करती है और सफल होती है।
48. हवा को कौन स्वच्छ करता है और समुद्र में पानी को गंदा होने से कौन बचाता है?
उत्तर: सूर्य हवा को स्वच्छ करता है और नमक पानी को बचाता है।
49. अल-बिरूनी के अनुसार जाति व्यवस्था में सन्निहित अपवित्रता की अवधारणा किसके विरुद्ध थी?
उत्तर: प्रकृति के नियमों के विरुद्ध।
50. वर्ण व्यवस्था के अनुसार ब्राह्मणों की उत्पत्ति ब्रह्मन् के किस अंग से मानी गई है?
उत्तर: सिर से।
51. ब्राह्मणों के बाद दूसरी जाति कौन-सी थी और उसकी उत्पत्ति कहाँ से बताई गई है?
उत्तर: क्षत्रिय; ब्रह्मन् के कंधों और हाथों से।
52. वैश्य वर्ग का उद्भव ब्रह्मन् के किस अंग से माना गया है?
उत्तर: जंघाओं (Thighs) से।
53. शूद्र वर्ग की रचना ब्रह्मन् के किस अंग से बताई गई है?
उत्तर: चरणों (पैरों) से।
54. वर्ण व्यवस्था में किन दो अंतिम वर्गों के बीच अधिक अंतर नहीं माना गया है जो एक साथ एक ही गाँवों में रहते थे?
उत्तर: वैश्य और शूद्र।
55. प्राचीन समाज में ‘अंत्यज‘ शब्द का क्या अर्थ था?
उत्तर: शाब्दिक रूप में ‘व्यवस्था से परे’ या व्यवस्था के बाहर की श्रेणियां।
56. अंत्यज श्रेणियों से सामान्यतया समाज में क्या अपेक्षा की जाती थी?
उत्तर: किसानों और जमींदारों के लिए सस्ता श्रम उपलब्ध कराना।
57. क्या अंत्यज वर्ग को आर्थिक तंत्र से बाहर रखा गया था?
उत्तर: नहीं, सामाजिक प्रताड़ना के बावजूद उन्हें आर्थिक तंत्र में शामिल किया जाता था।
58. अल-बिरूनी की पुस्तक किस भाषा में लिखी गई थी?
उत्तर: अरबी भाषा में।
59. अल-बिरूनी किस सदी में भारत आया था?
उत्तर: ग्यारहवीं शताब्दी में।
60. अल-बिरूनी को किस शासक ने बंधक बनाया था?
उत्तर: सुल्तान महमूद ग़ज़नवी ने।
61. अल-बिरूनी के अनुसार भारत में कौन-सा वर्ग ज्ञान का एकमात्र संरक्षक था?
उत्तर: ब्राह्मण वर्ग।
62. किताब-उल-हिन्द में किस विज्ञान को मापने के विज्ञान के रूप में परिभाषित किया गया है?
उत्तर: मापतंत्र विज्ञान (Metrology)।
63. अल-बिरूनी का मूल निवास स्थान ख्वारिज्म आज किस देश का हिस्सा है?
उत्तर: उज्बेकिस्तान का।
64. अल-बिरूनी के लेखन की शैली को आधुनिक विद्वान क्या नाम देते हैं?
उत्तर: ज्यामितीय संरचना (Geometric structure)।
65. अल-बिरूनी ने अपनी पुस्तक में कुल कितने विषयों पर मुख्य रूप से 80 अध्याय लिखे?
उत्तर: खगोल-विज्ञान, दर्शन, रीति-रिवाज, कानून, मूर्तिकला आदि सहित कई सामाजिक विषय।
66. अल-बिरूनी ने किस यूनानी दार्शनिक के कार्यों को अरबी में पढ़ा था?
उत्तर: प्लेटो (Plato)।
67. अल-बिरूनी की मृत्यु किस शहर में हुई थी?
उत्तर: ग़ज़नी में।
68. क्या ग्यारहवीं सदी से पहले भारत के बाहर अल-बिरूनी को पढ़ा जा चुका था?
उत्तर: हाँ, भारत से बाहर कई लोग उसे पढ़ चुके थे।
69. ‘ब्रह्मन्‘ शब्द को अल-बिरूनी ने किस रूप में परिभाषित किया है?
उत्तर: प्रकृति नामक शक्ति का दूसरा नाम।
70. अल-बिरूनी के अनुसार प्रकृति का कौन-सा नियम अपवित्रता को खारिज करता है?
उत्तर: शुद्धि का नियम (जैसे सूर्य और नमक द्वारा सफाई)।
भाग 2: इब्न बतूता और उसका ‘रिहला‘
71. इब्न बतूता किस देश का यात्री था?
उत्तर: मोरक्को (उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका) का।
72. इब्न बतूता का जन्म मोरक्को के किस शहर में हुआ था?
उत्तर: तैंजियर (Tangier) में।
73. इब्न बतूता का परिवार किस कानून (विशेषज्ञता) के लिए प्रसिद्ध था?
उत्तर: इस्लामी कानून अथवा शरिया (Sharia) के लिए।
74. इब्न बतूता द्वारा अरबी भाषा में लिखा गया उसका प्रसिद्ध यात्रा वृत्तांत क्या कहलाता है?
उत्तर: रिहला (Rihla)।
75. इब्न बतूता किस शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप में आया था?
उत्तर: चौदहवीं शताब्दी में।
76. इब्न बतूता ज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत किसे मानता था?
उत्तर: पुस्तकों के स्थान पर यात्राओं से अर्जित अनुभवों को।
77. 1332-33 में भारत आने से पहले इब्न बतूता किन स्थानों की यात्रा कर चुका था?
उत्तर: मक्का, सीरिया, इराक, फारस, यमन, ओमान तथा पूर्वी अफ्रीका के तटीय बंदरगाह।
78. इब्न बतूता सन् 1333 में स्थलमार्ग से भारत के किस क्षेत्र में प्रवेश किया था?
उत्तर: सिंध में।
79. इब्न बतूता के समय दिल्ली का सुल्तान कौन था?
उत्तर: सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक।
80. सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक ने इब्न बतूता की विद्वता से प्रभावित होकर उसे किस पद पर नियुक्त किया?
उत्तर: दिल्ली का क़ाज़ी या न्यायाधीश।
81. सुल्तान का विश्वास खोने के बाद इब्न बतूता को कहाँ डाल दिया गया था?
उत्तर: कारागार (जेल) में।
82. गलतफहमी दूर होने के बाद सुल्तान ने 1342 ई. में इब्न बतूता को कहाँ का दूत बनाकर भेजा?
उत्तर: मंगोल शासक के पास, चीन।
83. चीन यात्रा के दौरान इब्न बतूता दिल्ली से किस तट की ओर बढ़ा?
उत्तर: मालाबार तट की ओर।
84. मालाबार तट से इब्न बतूता कहाँ गया जहाँ वह 18 महीनों तक क़ाज़ी रहा?
उत्तर: मालद्वीप में।
85. मालद्वीप के बाद इब्न बतूता ने किस द्वीप पर जाने का निश्चय किया?
उत्तर: श्रीलंका।
86. चीन के किस प्रसिद्ध बंदरगाह नगर को इब्न बतूता ने ‘जायतुन‘ कहा है?
उत्तर: क्वानझू (Quanzhou) को।
87. चीन में वह कहाँ तक यात्रा पर गया लेकिन वहाँ लंबे समय तक नहीं ठहरा?
उत्तर: बीजिंग तक।
88. इब्न बतूता किस वर्ष वापस अपने घर मोरक्को पहुँचा?
उत्तर: 1354 में (यात्रा शुरू करने के लगभग 30 वर्ष बाद)।
89. इब्न बतूता के चीनी विवरणों की तुलना किस प्रसिद्ध वेनिस (इटली) के यात्री से की जाती है?
उत्तर: मार्को पोलो (तेरहवीं शताब्दी के अंत में यात्रा की)।
90. इब्न बतूता के अनुसार मुल्तान से दिल्ली की यात्रा में कितने दिन लगते थे?
उत्तर: 40 (चालीस) दिन।
91. इब्न बतूता के अनुसार सिंध से दिल्ली की यात्रा में कितने दिन का समय लगता था?
उत्तर: लगभग 50 (पचास) दिन।
92. दौलताबाद से दिल्ली और ग्वालियर से दिल्ली की दूरी तय करने में क्रमशः कितना समय लगता था?
उत्तर: दौलताबाद से 40 दिन और ग्वालियर से 10 दिन।
93. इब्न बतूता ने अपने यात्रा वृत्तांत में यात्रा के किन खतरों का उल्लेख किया है?
उत्तर: डाकुओं के हमले, बीमारी (जैसे ज्वर/बुखार) और गृहातुरता (Loneliness/Homesickness)।
94. इब्न बतूता के अनुसार यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए लोग कैसे चलना पसंद करते थे?
उत्तर: कारवाँ (समूहों) में।
95. किस स्थानीय शासक ने इब्न बतूता के वापस आने पर उसकी कहानियों को दर्ज करने के निर्देश दिए?
उत्तर: मोरक्को के सुल्तान/स्थानीय शासक ने।
96. इब्न बतूता के श्रुतलेखों (Dictations) को लिखने के लिए किसे नियुक्त किया गया था?
उत्तर: इब्न जुज्जाई (Ibn Juzayy) को।
97. इब्न बतूता ने भारत की किन दो वानस्पतिक उपजों को देखकर उन्हें पूरी तरह असामान्य माना?
उत्तर: नारियल तथा पान।
98. इब्न बतूता ने नारियल के फल की तुलना किससे की है?
उत्तर: मानव के सिर से।
99. इब्न बतूता के अनुसार नारियल में क्या विशेषताएँ थीं जो मानव सिर जैसी दिखती थीं?
उत्तर: इसमें दो आँखें और एक मुख जैसी आकृति है और अंदर का भाग मस्तिष्क जैसा व रेशा बालों जैसा दिखता है।
100. नारियल के रेशों से उस समय लोग क्या बनाते थे और इसका प्रयोग जहाजों में कैसे होता था?
उत्तर: रसियां बनाते थे; लोहे की कीलों के बजाय जहाजों को आपस में सिलने के लिए।
101. इब्न बतूता ने पान के पौधे की तुलना किस लता से की है?
उत्तर: अंगूर-लता (Grapevine) से।
102. इब्न बतूता के अनुसार पान को किस मुख्य उद्देश्य के लिए उगाया जाता था?
उत्तर: केवल इसकी पत्तियों (पत्तों) के लिए, क्योंकि इसका कोई फल नहीं होता।
103. इब्न बतूता के अनुसार पान खाने की क्या विधि थी?
उत्तर: पहले सुपारी के छोटे टुकड़े चबाए जाते थे, फिर पान की पत्तियों के साथ मिलाकर चबाते थे।
104. इब्न बतूता ने भारत के किस शहर को सबसे बड़ा, विशाल आबादी वाला और क्षेत्रफल में फैला हुआ बताया?
उत्तर: दिल्ली (देहली) को।
105. महाराष्ट्र का कौन-सा शहर आकार में दिल्ली को कड़ी चुनौती देता था?
उत्तर: दौलताबाद।
106. इब्न बतूता के अनुसार दिल्ली शहर की प्राचीर (किले की दीवार) की चौड़ाई कितनी थी?
उत्तर: ग्यारह हाथ (एक हाथ लगभग 20 इंच के बराबर)।
107. दिल्ली की प्राचीर के अंदर किन वस्तुओं के संग्रहण के लिए विशाल भंडारगृह बने थे?
उत्तर: खाद्य सामग्री, हथियार, बारूद, प्रक्षेपास्त्र और घेरेबंदी की मशीनें।
108. इब्न बतूता के अनुसार दिल्ली शहर के कुल कितने प्रवेश द्वार (दरवाजे) थे?
उत्तर: 28 (अठ्ठाईस) द्वार।
109. दिल्ली का कौन-सा दरवाजा सबसे विशाल था?
उत्तर: बदायूँ दरवाजा।
110. दिल्ली के किस दरवाजे के भीतर अनाज मंडी स्थापित थी?
उत्तर: मांडवी दरवाजा।
111. दिल्ली के किस दरवाजे के बगल में फलों का एक सुंदर बगीचा था?
उत्तर: गुल दरवाजा।
112. इब्न बतूता के अनुसार भारतीय शहरों के बाजार केवल आर्थिक विनिमय के स्थान नहीं थे, बल्कि और क्या थे?
उत्तर: सामाजिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र।
113. अधिकांश बाज़ारों में प्रार्थना और पूजा के लिए क्या स्थापित होता था?
उत्तर: एक मस्जिद तथा एक मंदिर।
114. बाज़ारों में किनके सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए विशेष स्थान चिह्नित थे?
उत्तर: नर्तकों, संगीतकारों तथा गायकों के लिए।
115. इतिहासकारों के अनुसार भारतीय शहरों की समृद्धि का मुख्य आधार क्या था?
उत्तर: गाँवों से प्राप्त अधिशेष (Surplus revenue/crop) का अधिग्रहण।
116. भारतीय मिट्टी के उपजाऊपन के कारण किसान वर्ष में कितनी फसलें उगाते थे?
उत्तर: दो फसलें।
117. मध्य तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के किस उत्पाद की अत्यधिक माँग थी?
उत्तर: सूती कपड़ा, महीन मलमल, रेशम, जरी तथा साटन।
118. इब्न बतूता के अनुसार कौन-सा कपड़ा इतना महँगा था जिसे केवल अमीर और धनाढ्य लोग ही पहन सकते थे?
उत्तर: महीन मलमल की कुछ खास किस्में।
119. दौलताबाद में पुरुष और महिला गायकों के लिए स्थित विशाल बाजार को क्या कहा जाता था?
उत्तर: ताराबाबाद (Tarababad)।
120. ताराबाबाद बाजार की दुकानों के मध्य में गायिकाओं के लिए क्या विशेष व्यवस्था थी?
उत्तर: एक झूला होता था जिस पर गायिका सज-धजकर बैठती थी।
121. ताराबाबाद बाजार में प्रत्येक गुरुवार को सुबह की इबादत के बाद कौन इकट्ठा होते थे?
उत्तर: संगीतकारों के प्रमुख अपने सेवकों और दासों के साथ।
122. मध्यकाल में व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य व्यापारिक मार्गों पर क्या स्थापित करता था?
उत्तर: सराय तथा विश्राम गृह।
123. इब्न बतूता भारत की किस अनूठी प्रणाली को देखकर पूरी तरह चकित रह गया था?
उत्तर: डाक प्रणाली (Postal System) की कार्यकुशलता को।
124. डाक व्यवस्था के कारण सिंध से दिल्ली तक गुप्तचरों की खबरें सुल्तान तक कितने दिनों में पहुँचती थीं?
उत्तर: मात्र 5 (पाँच) दिनों में (जबकि सामान्य यात्रा में 50 दिन लगते थे)।
125. इब्न बतूता के अनुसार भारत में कितने प्रकार की डाक व्यवस्था थी?
उत्तर: दो प्रकार की।
126. अश्व (घोड़े) डाक व्यवस्था को मध्यकाल में क्या कहा जाता था?
उत्तर: उलुक (Uluq)।
127. उलुक व्यवस्था में राजकीय घोड़े कितनी दूरी पर स्थापित होते थे?
उत्तर: हर चार मील की दूरी पर।
128. पैदल डाक व्यवस्था को मध्यकाल में किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर: दावा (Dawa)।
129. ‘दावा‘ प्रणाली में एक मील के भीतर कितने अवस्थान (स्टेशन) होते थे?
उत्तर: तीन अवस्थान (अर्थात एक मील का एक-तिहाई हिस्सा)।
130. पैदल डाकवाहक (दावा) के हाथ में क्या होता था जिससे लोग उसके आने की आवाज सुन लेते थे?
उत्तर: दो हाथ लंबी एक छड़ जिसके ऊपर ताँबे की घंटियाँ लगी होती थीं।
131. उलुक और दावा में से कौन-सी डाक व्यवस्था अधिक तीव्र (तेज) होती थी?
उत्तर: पैदल डाक व्यवस्था (दावा)।
132. पैदल डाक व्यवस्था का प्रयोग विशेष रूप से किस फल के परिवहन के लिए होता था?
उत्तर: खुरासान के फलों के परिवहन के लिए।
133. इब्न बतूता ने भारत में दास प्रथा के संबंध में क्या साक्ष्य दिए हैं?
उत्तर: दास बाज़ारों में किसी अन्य वस्तु की तरह खुलेआम बेचे और भेंट किए जाते थे।
134. सिंध पहुँचने पर इब्न बतूता ने सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक को भेंट देने के लिए क्या खरीदा था?
उत्तर: घोड़े, ऊँट तथा दास।
135. सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक ने किस धर्मोपदेशक के प्रवचन से प्रसन्न होकर उन्हें 200 दास दिए थे?
उत्तर: नसीरुद्दीन नामक धर्मोपदेशक को।
136. सुल्तान अपने अमीरों पर कड़ी नज़र रखने और मुखबिरी के लिए किन्हें नियुक्त करता था?
उत्तर: दासियों (Female slaves) को।
137. मध्यकाल में अधिकांश दास-दासियों को मुख्य रूप से किस कार्य में इस्तेमाल किया जाता था?
उत्तर: घरेलू श्रम और पालकी या डोले में पुरुषों और महिलाओं को ले जाने के लिए।
138. इब्न बतूता के अनुसार अधिकांश परिवारों में कम से कम कितने दास होते थे?
उत्तर: कम से कम एक या दो दास।
139. 1400 से 1800 के बीच भारत आए यात्रियों ने अपने यात्रा वृत्तांत अधिकांशतः किस भाषा में लिखे?
उत्तर: फ़ारसी भाषा में।
140. इब्न बतूता के रिला में वर्णित समाज मुख्य रूप से किस शताब्दी की झलक दिखाता है?
उत्तर: चौदहवीं शताब्दी की।
भाग 3: फ्रांस्वा बर्नियर और यूरोपीय यात्री
141. फ्रांस्वा बर्नियर किस देश का निवासी था?
उत्तर: फ्रांस का।
142. बर्नियर पेशे से क्या था?
उत्तर: एक चिकित्सक (Doctor), राजनीतिक दार्शनिक तथा इतिहासकार।
143. बर्नियर भारत में किस साम्राज्य के दौरान अवसरों की तलाश में आया था?
उत्तर: मुग़ल साम्राज्य के दौरान।
144. बर्नियर भारत में कितने वर्षों तक रहा?
उत्तर: 12 वर्ष तक (1656 से 1668 तक)।
145. बर्नियर भारत में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ के किस ज्येष्ठ पुत्र के चिकित्सक के रूप में जुड़ा था?
उत्तर: दारा शिकोह के चिकित्सक के रूप में।
146. दारा शिकोह के बाद बर्नियर मुग़ल दरबार के किस आर्मीनियाई अमीर के साथ एक बुद्धिजीवी के रूप में जुड़ा?
उत्तर: दानिशमंद खान के साथ।
147. बर्नियर ने भारत में जो कुछ देखा, उसकी तुलना मुख्य रूप से कहाँ की स्थिति से की?
उत्तर: यूरोपीय स्थिति और विशेष रूप से फ्रांस से।
148. बर्नियर ने अपनी प्रमुख कृति (पुस्तक) किस देश के शासक को समर्पित की थी?
उत्तर: फ्रांस के शासक लुई XIV (चौदहवें) को।
149. बर्नियर की प्रसिद्ध पुस्तक का नाम क्या है?
उत्तर: ट्रैवल्स इन द मुग़ल एम्पायर (Travels in the Mughal Empire)।
150. बर्नियर के अनुसार भारत और यूरोप के बीच सबसे मूल भिन्नता क्या थी?
उत्तर: भारत में निजी भूस्वामित्व (Private property in land) का अभाव।
151. बर्नियर का मानना था कि मुग़ल साम्राज्य में सारी भूमि का स्वामी कौन होता था?
उत्तर: स्वयं सम्राट (राजा)।
152. राजकीय भूस्वामित्व के कारण बर्नियर के अनुसार अर्थव्यवस्था पर क्या बुरा प्रभाव पड़ता था?
उत्तर: भूधारक अपनी भूमि बच्चों को नहीं दे सकते थे, जिससे वे दूरगामी निवेश के प्रति उदासीन थे।
153. बर्नियर ने भारतीय समाज को किस रूप में वर्णित किया है?
उत्तर: दरिद्र लोगों के समरूप जनसमूह के रूप में, जिसका शोषण एक अमीर अल्पसंख्यक शासक वर्ग करता था।
154. बर्नियर ने भारतीय समाज के वर्ग विभाजन के बारे में कौन-सा प्रसिद्ध दावा किया?
उत्तर: “भारत में मध्य की स्थिति (Middle class) के लोग नहीं हैं”।
155. बर्नियर के अनुसार मुग़ल सम्राट किन लोगों का राजा था?
उत्तर: “भिखारियों और क्रूर लोगों का राजा”।
156. मुग़ल इतिहासकार अबुल फ़ज़्ल ने भूमि राजस्व (Land revenue) को किस रूप में परिभाषित किया है?
उत्तर: ‘राजत्व का पारिश्रमिक’ (सुरक्षा प्रदान करने के बदले कर)।
157. बर्नियर के वृत्तांतों का प्रयोग करके किस फ्रांसीसी दार्शनिक ने ‘प्राच्य निरंकुशवाद‘ (Oriental Despotism) का सिद्धांत दिया?
उत्तर: मॉन्टेस्क्यू (Montesquieu) ने।
158. उन्नीसवीं शताब्दी में कार्ल मार्क्स ने बर्नियर के विचारों को किस सिद्धांत के रूप में आगे बढ़ाया?
उत्तर: एशियाई उत्पादन शैली (Asiatic Mode of Production) के सिद्धांत के रूप में।
159. बर्नियर मुग़लकालीन शहरों को स्थायी नगर न मानकर क्या कहता है?
उत्तर: “शिविर नगर” (Camp Towns)।
160. ‘शिविर नगर‘ से बर्नियर का क्या आशय था?
उत्तर: वे नगर जो अपने अस्तित्व के लिए पूरी तरह राजकीय दरबार के आगमन पर निर्भर करते थे।
161. सत्रहवीं शताब्दी में भारत की कितनी प्रतिशत जनसंख्या नगरों में रहती थी?
उत्तर: लगभग 15 प्रतिशत (जो उस समय पश्चिमी यूरोप से भी अधिक थी)।
162. पश्चिमी भारत में व्यापारिक समुदायों के समूहों को क्या कहा जाता था और उनके मुखिया को क्या कहते थे?
उत्तर: समूहों को ‘महाजन’ और मुखिया को ‘सेठ’।
163. अहमदाबाद जैसे बड़े शहरी केंद्रों में सभी महाजनों का सामूहिक प्रतिनिधित्व करने वाले को क्या कहा जाता था?
उत्तर: नगर सेठ।
164. मुग़ल काल में पारंपरिक चिकित्सकों और अध्यापकों को क्रमशः किन नामों से जाना जाता था?
उत्तर: चिकित्सकों को हकीम या वैद्य और अध्यापकों को पंडित या मुल्ला।
165. बर्नियर ने यूरोपीय पाठकों का ध्यान खींचने के लिए भारत की किस कुप्रथा का बहुत विस्तृत और मार्मिक विवरण दिया?
उत्तर: सती प्रथा का।
166. बर्नियर ने लाहौर में कितने वर्ष की एक अल्पवयस्क सती बालिका की बलि का मार्मिक वर्णन किया है?
उत्तर: बारह (12) वर्ष की बालिका का।
167. बर्नियर के अनुसार सती प्रथा के दौरान महिला को भागने से रोकने के लिए ब्राह्मण क्या करते थे?
उत्तर: उसे लकड़ियों पर बैठाकर उसके हाथ और पैर बांध देते थे।
168. क्या मुग़ल काल में महिलाएँ केवल सती प्रथा तक सीमित थीं?
उत्तर: नहीं, वे कृषि उत्पादन, शिल्प और व्यापारिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेती थीं।
169. लगभग 1500 ई. में भारत में सबसे पहले किस यूरोपीय शक्ति का आगमन हुआ था?
उत्तर: पुर्तगालियों का।
170. किस प्रसिद्ध यूरोपीय लेखक ने दक्षिण भारत में व्यापार और समाज का एक विस्तृत विवरण लिखा था?
उत्तर: दुआर्ते बरबोसा (Duarte Barbosa) ने।
171. किस प्रसिद्ध फ्रांसीसी जौहरी (Jeweller) ने कम से कम छह बार भारत की यात्रा की थी?
उत्तर: ज्यौं-बैप्टिस्ट तैवर्नियर (Jean-Baptiste Tavernier) ने।
172. तैवर्नियर ने भारत की व्यापारिक स्थितियों की तुलना किन साम्राज्यों से की थी?
उत्तर: ईरान और ऑटोमन साम्राज्य से।
173. कौन-सा इतालावी (Italian) चिकित्सक भारत आने के बाद कभी यूरोप वापस नहीं गया और यहीं बस गया?
उत्तर: मनूकी (Manucci)।
174. हेरात से आए किस राजनयिक ने पंद्रहवीं शताब्दी में विजयनगर शहर का सबसे महत्वपूर्ण विवरण दिया?
उत्तर: अब्दुर रज्जाक समरकंदी ने।
175. डच यात्री पेलसर्ट ने सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशक में किसानों के शोषण के लिए किसे उत्तरदायी ठहराया?
उत्तर: राज्य (गवर्नरों) को।
176. बर्नियर के अनुसार शिल्पकारों की कार्यशालाओं को मुग़ल काल में क्या कहा जाता था?
उत्तर: कारखाना।
177. बर्नियर के कार्य फ्रांस में किस वर्ष प्रकाशित हुए थे?
उत्तर: 1670-71 में।
178. मुग़ल सेना के साथ यात्रा के दौरान बर्नियर ने किस क्षेत्र के कूच (मार्च) का विवरण स्रोत 4 में दिया है?
उत्तर: कश्मीर कूच का।
179. बर्नियर के अनुसार मुग़ल भारत में नींबू के शरबत के अलावा और किस वस्तु को सबसे अधिक ताजगी भरा माना जाता था?
उत्तर: दही को।
180. 1750 के बाद किन भारतीय यात्रियों ने यूरोप की यात्रा की और यूरोपीय लोगों की भारतीय समाज की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया?
उत्तर: शेख इतिसमुद्दीन तथा मिर्जा अबु तालिब ने।
181. अब्दुर रज्जाक समरकंदी ने केरल के किस बंदरगाह शहर को देखकर उसे एक ‘विचित्र देश‘ बताया था?
उत्तर: कालीकट (आधुनिक कोजीकोड) को।
182. अब्दुर रज्जाक समरकंदी ने मंगलौर के पास स्थित किस अद्भुत मंदिर की प्रशंसा की जो पूरी तरह काँसे से ढका था?
उत्तर: नौ मील के भीतर स्थित एक वर्गाकार पूजा-स्थल को।
183. मार्को पोलो का संबंध किस यूरोपीय देश से था?
उत्तर: इटली से।
184. रूस से पंद्रहवीं शताब्दी में भारत आने वाले यात्री का नाम क्या था?
उत्तर: अफानासी निकितिच निकितिन।
185. तुर्की से आने वाले किस यात्री की मृत्यु 1562 में हुई थी?
उत्तर: सयदी अली रेइस।
186. स्पेन से आने वाले जेसुइट पादरी का नाम क्या था जो 1536-1600 के बीच सक्रिय थे?
उत्तर: अंतोनियो मानसेरेते (Antonio Monserrate)।
187. इंग्लैंड (ब्रिटेन) से सत्रहवीं शताब्दी में आने वाले किस यात्री का उल्लेख काल-रेखा में है?
उत्तर: पीटर मुंडी (Peter Mundy)।
188. महमूद वली बल्खी कहाँ का यात्री था जो 1620 के दशक में भारत आया था?
उत्तर: बल्ख (मध्य एशिया) का।
189. कौन-सा यात्री भारत से इतना सम्मोहित हुआ कि वह कुछ समय के लिए सन्यासी बन गया?
उत्तर: महमूद वली बल्खी।
190. 1740 के दशक में उत्तर भारत आने वाले किस यात्री को भारत से घृणा और निराशा हुई थी?
उत्तर: शेख अली हाजिन को।
191. अधिकांश यूरोपीय और विदेशी यात्रियों ने भारत को किस प्रकार के देश के रूप में देखा?
उत्तर: अचंभों के देश के रूप में।
192. बर्नियर ने मुग़ल काल में शिल्पकारों द्वारा की जाने वाली नकल की क्षमता के बारे में क्या कहा?
उत्तर: वे यूरोप की वस्तुओं की इतनी निपुणता से नकल करते थे कि असली-नकली का अंतर करना मुश्किल था।
193. बर्नियर के अनुसार भारतीय लोग कौन-से बेहतरीन अस्त्र और आभूषण बनाते थे?
उत्तर: बेहतरीन बंदूकें और सुंदर स्वर्णाभूषण।
194. बर्नियर के अनुसार संपूर्ण विश्व से व्यापार के बदले भारत में क्या आकर खो जाता था?
उत्तर: सोना और चाँदी (क्योंकि भारत बड़े पैमाने पर निर्यात करता था)।
195. बर्नियर ने मुग़ल साम्राज्य के किस राज्य को मिस्र से भी अधिक उपजाऊ और रेशम-नील का उत्पादक बताया?
उत्तर: बंगाल के विशाल राज्य को।
196. मुग़ल दस्तावेज़ों के अनुसार भूमि कर वास्तव में लगान न होकर किस पर लगने वाला कर था?
उत्तर: उपज पर लगने वाला कर (Tax on crop)।
197. किस जेसुइट पादरी ने भारतीय ग्रंथों को यूरोपीय भाषाओं में अनुवादित किया था?
उत्तर: जेसुइट रॉबर्टो नोबिली (Roberto Nobili) ने।
198. इब्न बतूता के अनुसार दौलताबाद (महाराष्ट्र) के बाजार की मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर: वहाँ संगीत और गायिकाओं के लिए दुकानें सजी होती थीं।
199. स्त्रियों द्वारा लिखे गए यात्रा वृत्तांतों की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: दुर्भाग्य से हमारे पास महिलाओं द्वारा छोड़े गए वृत्तांत लगभग न के बराबर हैं।
200. यात्रियों के वृत्तांतों को इतिहास लेखन में पढ़ते समय इतिहासकारों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर: यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये विवरण एक विशेष दृष्टिकोण और बाहरी नज़रिए से लिखे गए हैं, जिनमें कई सामाजिक आयाम अनछुए रह गए हैं।