भाग 1: बंगाल और वहाँ के ज़मींदार (बर्दवान की नीलामी और इस्तमरारी बंदोबस्त)
- प्रश्न: औपनिवेशिक शासन सबसे पहले भारत के किस प्रांत में स्थापित किया गया था?
उत्तर: बंगाल। - प्रश्न: ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में भूमि संबंधी अधिकारों की नयी व्यवस्था और राजस्व प्रणाली सबसे पहले कहाँ शुरू की थी?
उत्तर: बंगाल में। - प्रश्न: बर्दवान (वर्तमान बर्द्धमान) में सार्वजनिक नीलामी की बड़ी घटना किस वर्ष हुई थी?
उत्तर: सन् 1797 में। - प्रश्न: औपनिवेशिक काल के बंगाल में ‘राजा’ शब्द का प्रयोग आमतौर पर किसके लिए किया जाता था?
उत्तर: शक्तिशाली ज़मींदारों के लिए। - प्रश्न: बंगाल में ‘इस्तमरारी बंदोबस्त’ (स्थायी बंदोबस्त) किस वर्ष लागू किया गया था?
उत्तर: सन् 1793 में। - प्रश्न: इस्तमरारी बंदोबस्त के तहत राजस्व की राशि को निश्चित करने का अधिकार किसके पास था?
उत्तर: ईस्ट इंडिया कंपनी के पास। - प्रश्न: जो ज़मींदार अपनी निश्चित राजस्व राशि नहीं चुका पाते थे, कंपनी उनकी संपदाओं के साथ क्या करती थी?
उत्तर: उनकी संपदाओं (महाल) को नीलाम कर देती थी। - प्रश्न: बर्दवान के राजा की संपदाओं को नीलाम क्यों किया जा रहा था?
उत्तर: क्योंकि उन पर राजस्व की बहुत बड़ी भारी रकम बकाया थी। - प्रश्न: बर्दवान की नीलामी में कलेक्टर को क्या अजीब बात दिखाई दी?
उत्तर: अधिकांश खरीदार राजा के अपने ही नौकर या एजेंट थे। - प्रश्न: बर्दवान में हुई नीलामी में लगभग कितने प्रतिशत बिक्री फर्जी थी?
उत्तर: 95 प्रतिशत से अधिक। - प्रश्न: बर्दवान के राजा का राजमहल कलकत्ता में कहाँ स्थित था?
उत्तर: डायमंड हार्बर रोड पर। - प्रश्न: 19वीं शताब्दी के अंतिम दशकों तक बंगाल के धनी ज़मींदारों के राजमहलों की क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर: उनमें सुंदर विशाल स्तंभ, नृत्यकक्ष, बड़े मैदान और शानदार प्रवेश द्वार होते थे। - प्रश्न: इस्तमरारी बंदोबस्त लागू होने के बाद बंगाल में कितने प्रतिशत से अधिक ज़मींदारियाँ हस्तांतरित की गईं?
उत्तर: 75 प्रतिशत से अधिक। - प्रश्न: 1770 के दशक में बंगाल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संकटग्रस्त होने का क्या मुख्य कारण था?
उत्तर: बार-बार अकाल पड़ना और खेती की पैदावार घटना। - प्रश्न: ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार कृषि, व्यापार और राज्य के राजस्व में विकास के लिए क्या आवश्यक था?
उत्तर: कृषि में निवेश को प्रोत्साहन देना और संपत्ति के अधिकार तय करना। - प्रश्न: कंपनी अधिकारियों को राजस्व माँग की दरों को स्थायी करने से क्या लाभ होने की उम्मीद थी?
उत्तर: कंपनी को नियमित राजस्व की प्राप्ति और उद्यमियों को निश्चित लाभ की उम्मीद। - प्रश्न: ब्रिटिश सरकार को किस वर्ग के उत्पन्न होने की आशा थी जो कृषि में सुधार के लिए पूँजी लगाएगा?
उत्तर: छोटे किसानों (योमैन) और धनी भूस्वामियों का वर्ग। - प्रश्न: इस्तमरारी बंदोबस्त के तहत बंगाल के राजाओं और ताल्लुकदारों को किस रूप में वर्गीकृत किया गया था?
उत्तर: ज़मींदारों के रूप में। - प्रश्न: इस्तमरारी बंदोबस्त की परिभाषा के अनुसार ज़मींदार गाँव का वास्तविक भू-स्वामी न होकर क्या था?
उत्तर: राज्य का केवल राजस्व समाहर्ता (संग्राहक) मात्र था। - प्रश्न: एक बड़े ज़मींदार के नियंत्रण में कभी-कभी कितने गाँव तक होते थे?
उत्तर: 400 गाँव तक। - प्रश्न: कंपनी के अनुसार एक ज़मींदारी के भीतर आने वाले सभी गाँवों को मिलाकर क्या कहा जाता था?
उत्तर: एक राजस्व संपदा। - प्रश्न: समस्त राजस्व संपदा पर कुल राजस्व माँग कौन निर्धारित करता था?
उत्तर: ईस्ट इंडिया कंपनी। - प्रश्न: विभिन्न गाँवों से अलग-अलग राजस्व राशि इकट्ठा करने की जिम्मेदारी किसकी होती थी?
उत्तर: ज़मींदार की। - प्रश्न: 1793 में बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त लागू किए जाने के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
उत्तर: लॉर्ड चार्ल्स कार्नवालिस। - प्रश्न: थॉमस गेन्सबोरो द्वारा चार्ल्स कार्नवालिस का चित्र किस वर्ष बनाया गया था?
उत्तर: सन् 1785 में। - प्रश्न: अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कार्नवालिस की ब्रिटिश सेना में क्या भूमिका थी?
उत्तर: वह ब्रिटिश सेना का कमांडर था। - प्रश्न: ‘ताल्लुकदार’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर: वह व्यक्ति जिसके साथ कोई ताल्लुक या संबंध हो। - प्रश्न: आगे चलकर ‘ताल्लुक’ शब्द का क्या अर्थ हो गया था?
उत्तर: एक क्षेत्रीय इकाई। - प्रश्न: अंग्रेज़ों के औपनिवेशिक विवरणों में किसानों के लिए किस शब्द का प्रयोग किया जाता था?
उत्तर: ‘रैयत’। - प्रश्न: बंगाल में जो रैयत खुद ज़मीन पर खेती नहीं करते थे, वे उसे आगे किसे पट्टे पर दे देते थे?
उत्तर: ‘शिकमी-रैयत’ को।
भाग 2: राजस्व भुगतान में चूक और जोतदारों का उदय
- प्रश्न: इस्तमरारी बंदोबस्त के शुरुआती दशकों में ज़मींदारों द्वारा राजस्व न चुका पाने का पहला मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: शुरुआती राजस्व माँगें बहुत अधिक ऊँची रखी गई थीं। - प्रश्न: कंपनी ने इस्तमरारी बंदोबस्त में राजस्व माँग को प्रारंभ में ही अत्यधिक ऊँचा क्यों रखा?
उत्तर: ताकि भविष्य में खेती का विस्तार होने और कीमतें बढ़ने पर भी होने वाले नुकसान की भरपाई पहले ही हो सके। - प्रश्न: कंपनी की ऊँची राजस्व माँग किस दशक में लागू की गई थी जब कृषि उपज की कीमतें बहुत नीची थीं?
उत्तर: 1790 के दशक में। - प्रश्न: फसलों की अच्छी या खराब स्थिति का कंपनी के राजस्व भुगतान पर क्या प्रभाव पड़ता था?
उत्तर: कोई प्रभाव नहीं पड़ता था, राजस्व का ठीक समय पर भुगतान अनिवार्य था। - प्रश्न: औपनिवेशिक काल का ‘सूर्यास्त कानून’ (विधि) क्या था?
उत्तर: निश्चित तारीख को सूर्य अस्त होने तक राजस्व भुगतान न होने पर ज़मींदारी नीलाम कर दी जाती थी। - प्रश्न: ब्रिटिश सरकार ने ज़मींदारों को नियंत्रित करने के लिए उनकी कौन-सी शक्ति सबसे पहले भंग की?
उत्तर: उनकी सैन्य-टुकड़ियों को भंग कर दिया गया। - प्रश्न: कंपनी ने ज़मींदारों की स्वायत्तता को सीमित करने के लिए उनकी कचहरियों को किसके नियंत्रण में रख दिया?
उत्तर: कंपनी द्वारा नियुक्त कलेक्टर की देखरेख में। - प्रश्न: ज़मींदारों से स्थानीय स्तर पर कौन-सी दो मुख्य व्यवस्थाएँ करने की शक्ति छीन ली गई थी?
उत्तर: स्थानीय न्याय और स्थानीय पुलिस की व्यवस्था। - प्रश्न: ज़मींदारों की शक्ति घटने के बाद ज़िले में सत्ता का वैकल्पिक केंद्र कौन-सा कार्यालय बन गया था?
उत्तर: कलेक्टर का कार्यालय। - प्रश्न: राजस्व इकट्ठा करने के समय ज़मींदार का जो अधिकारी गाँव में आता था, उसे आमतौर पर क्या कहते थे?
उत्तर: ‘अमला’। - प्रश्न: गाँव के किसान (रैयत) कभी-कभी जान-बूझकर राजस्व भुगतान में देरी क्यों करते थे?
उत्तर: ज़मींदार को परेशानी में डालने और उसकी ताकत को चुनौती देने के लिए। - प्रश्न: यदि ज़मींदार राजस्व के बकायेदारों पर मुकदमा चलाता था, तो उसमें क्या समस्या आती थी?
उत्तर: न्यायिक प्रक्रिया बहुत लंबी और खर्चीली होती थी। - प्रश्न: सन् 1798 में अकेले बर्दवान ज़िले में राजस्व भुगतान से संबंधित कितने मुकदमे अदालत में लंबित थे?
उत्तर: 30,000 से अधिक वाद। - प्रश्न: 18वीं शताब्दी के अंत में बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में उभरने वाले धनी किसानों के समूह को क्या कहा जाता था?
उत्तर: ‘जोतदार’। - प्रश्न: उत्तरी बंगाल के दिनाजपुर ज़िले का विस्तृत सर्वेक्षण करने वाले ब्रिटिश अधिकारी का नाम क्या था?
उत्तर: फ्रांसिस बुकानन। - प्रश्न: 19वीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों तक जोतदारों ने कितने बड़े भूखंड अर्जित कर लिए थे?
उत्तर: कई हज़ार एकड़ में फैले बड़े-बड़े रकबे। - प्रश्न: जोतदार गाँवों में खेती के अलावा और कौन-से दो मुख्य व्यवसाय नियंत्रित करते थे?
उत्तर: स्थानीय व्यापार और साहूकार का कारोबार। - प्रश्न: जोतदारों की ज़मीन का अधिकांश भाग किस प्रकार के किसानों के माध्यम से जोता जाता था?
उत्तर: बटाईदारों (अधियारों या बरगादारों) के माध्यम से। - प्रश्न: बंगाल में ‘अधियार’ या ‘बरगादार’ किन्हें कहा जाता था?
उत्तर: उन बटाईदारों को जो खुद के हल लाते थे, मेहनत करते थे और फसल का आधा हिस्सा जोतदार को देते थे। - प्रश्न: जोतदारों की शक्ति ज़मींदारों की तुलना में अधिक प्रभावशाली क्यों थी?
उत्तर: क्योंकि ज़मींदार शहरों में रहते थे जबकि जोतदार गाँवों में रहकर सीधे ग्रामीणों को नियंत्रित करते थे। - प्रश्न: ज़मींदार द्वारा लगान (जमा) बढ़ाने के प्रयासों का गाँवों में सबसे प्रखर विरोध कौन करता था?
उत्तर: जोतदार। - प्रश्न: जॉर्ज चिनरी नामक चित्रकार भारत में कितने वर्ष (1802-25) तक रहा था?
उत्तर: 23 वर्ष तक। - प्रश्न: ग्रामीण बंगाल में जोतदार और साहूकार किस प्रकार के घरों में रहा करते थे?
उत्तर: पक्के और बड़े घरों में, जिनके चित्र जॉर्ज चिनरी ने बनाए थे। - प्रश्न: जब राजस्व न चुका पाने के कारण ज़मींदार की ज़मीनें नीलाम होती थीं, तो उन्हें प्रायः कौन खरीद लेता था?
उत्तर: जोतदार ही खरीद लेते थे। - प्रश्न: उत्तरी बंगाल में सबसे शक्तिशाली माने जाने वाले जोतदारों को बंगाल के अन्य भागों में किन नामों से जाना जाता था?
उत्तर: ‘हवलदार’, ‘गाँटीदार’ या ‘मंडल’। - प्रश्न: ग्रामीण बंगाल के शक्ति ढांचे में जोतदार मुख्य रूप से किस वर्ग को ऋण या उधार देते थे?
उत्तर: अन्य गरीब रैयतों को। - प्रश्न: ग्रामीण शक्ति संरचना में ‘शिकमी रैयत’ अपना लगान किसे चुकाते थे?
उत्तर: मुख्य रैयतों (किसानों) को। - प्रश्न: ज़मींदारों ने अपनी भू-संपदा को नीलामी से बचाने के लिए कौन-सी प्रमुख तरकीब निकाली थी?
उत्तर: फर्जी या बेनामी बिक्री की तरकीब। - प्रश्न: बर्दवान के राजा ने अपनी ज़मींदारी का कुछ हिस्सा अपनी माता के नाम क्यों स्थानांतरित कर दिया था?
उत्तर: क्योंकि ईस्ट इंडिया कंपनी ने नियम बनाया था कि स्त्रियों की संपत्ति को नहीं छीना जाएगा। - प्रश्न: सन् 1793 से 1801 के बीच बंगाल की चार बड़ी ज़मींदारियों ने बेनामी खरीदारी से कुल कितने रुपये प्राप्त किए?
उत्तर: कुल मिलाकर 30 लाख रुपये।
भाग 3: लठियाल, पाँचवीं रिपोर्ट और पहाड़ी लोग
- प्रश्न: 1793-1801 के दौरान बंगाल में नीलामियों में की गई कुल बिक्रियों में कितने प्रतिशत सौदे पूरी तरह नकली थे?
उत्तर: 15 प्रतिशत सौदे। - प्रश्न: ‘लठियाल’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
उत्तर: वह व्यक्ति जिसके पास लाठी या डंडा हो। - प्रश्न: नीलामी में ज़मीन खरीदने वाले बाहरी खरीदारों को भगाने के लिए ज़मींदार किसका उपयोग करते थे?
उत्तर: अपने वफादार ‘लठियालों’ (डंडेबाज़ों) का। - प्रश्न: पुराने ज़मींदार के प्रति वफादार रैयत बाहरी खरीदार को ज़मीन पर कब्ज़ा क्यों नहीं करने देते थे?
उत्तर: क्योंकि वे पुराने ज़मींदार को अपना ‘अन्नदाता’ और खुद को उसकी प्रजा मानते थे। - प्रश्न: 19वीं शताब्दी के प्रारंभ में किस आर्थिक बदलाव के कारण ज़मींदारों की सत्ता गाँवों पर और मजबूत हो गई?
उत्तर: कीमतों में मंदी की स्थिति समाप्त हो जाने के कारण। - प्रश्न: किस दशक की वैश्विक महामंदी के कारण अंततः बंगाल के ज़मींदारों का पतन हो गया और जोतदार मजबूत हुए?
उत्तर: 1930 के दशक की घोर मंदी में। - प्रश्न: ब्रिटिश संसद में भारत में कंपनी के प्रशासन पर ‘पाँचवीं रिपोर्ट’ किस वर्ष पेश की गई थी?
उत्तर: सन् 1813 में। - प्रश्न: अक्सर चर्चा में रहने वाली ‘पाँचवीं रिपोर्ट’ कुल कितने पृष्ठों की एक विशाल रिपोर्ट थी?
उत्तर: 1,002 पृष्ठों की। - प्रश्न: पाँचवीं रिपोर्ट के 800 से अधिक पृष्ठों के परिशिष्ट में क्या-क्या शामिल था?
उत्तर: ज़मींदारों-रैयतों की अर्जियाँ, कलेक्टरों की रिपोर्ट, सांख्यिकीय तालिकाएँ और राजस्व टिप्पणियाँ। - प्रश्न: तेजचंद के बाद बर्दवान का वह कौन-सा महाराजा था जिसके शासन में ज़मींदारी काफी फली-फूली?
उत्तर: महाराजा मेहताब चंद (1820-79)। - प्रश्न: महाराजा मेहताब चंद ने किन दो बड़े विद्रोहों के दौरान ब्रिटिश हुकूमत का खुलकर साथ दिया था?
उत्तर: संथालों के विद्रोह (1855-56) और 1857 के विद्रोह के दौरान। - प्रश्न: हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में ‘बेनामी’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर: गुमनाम (ऐसा सौदा जो किसी फर्जी या महत्त्वहीन व्यक्ति के नाम पर किया जाए)। - प्रश्न: सत्यजीत राय की प्रसिद्ध फिल्म ‘जलशाघर’ की शूटिंग बंगाल के किस ऐतिहासिक राजमहल में की गई थी?
उत्तर: अंडुल राजमहल में। - प्रश्न: ब्रिटेन के निजी व्यापारी और उद्योगपति ईस्ट इंडिया कंपनी के किस विशेषाधिकार का विरोध कर रहे थे?
उत्तर: भारत तथा चीन के साथ व्यापार पर कंपनी के एकाधिकार का। - प्रश्न: ब्रिटिश संसद ने कंपनी के शासन को विनियमित करने के लिए किस शताब्दी के अंत में अनेक अधिनियम पारित किए?
उत्तर: अठारहवीं शताब्दी के अंतिम दशकों में। - प्रश्न: पाँचवीं रिपोर्ट ब्रिटिश संसद की किस विशेष समिति द्वारा तैयार की गई थी?
उत्तर: एक प्रवर समिति (Select Committee) द्वारा। - प्रश्न: आधुनिक शोधों के अनुसार पाँचवीं रिपोर्ट में ज़मींदारों के पतन के बारे में क्या कमी पाई गई है?
उत्तर: इसमें परंपरागत ज़मींदारी सत्ता के पतन का वर्णन अतिरंजित और बढ़ा-चढ़ा कर किया गया है। - प्रश्न: पाँचवीं रिपोर्ट के स्रोत 2 के अनुसार स्थानीय वर्ष 1203 (1796-97) में बिक्री के लिए विज्ञापित ज़मीन की निर्धारित राशि (जुम्मा) क्या थी?
उत्तर: 28,70,061 सिक्का रुपये। - प्रश्न: पाँचवीं रिपोर्ट में बंगाल के किन प्रमुख ज़िलों के राजाओं को बकायेदारों के रूप में बहुत पुराना परिवार बताया गया है?
उत्तर: नदिया, राजशाही और विशनपुर के राजा। - प्रश्न: अध्याय के दूसरे भाग “कुदाल और हल” में मुख्य रूप से किस भौगोलिक क्षेत्र और पहाड़ियों का वर्णन है?
उत्तर: राजमहल की पहाड़ियों का।
भाग 4: फ्रांसिस बुकानन, पहाड़िया जनजाति और झूम कृषि
- प्रश्न: फ्रांसिस बुकानन पेशे से क्या था जो भारत आया था?
उत्तर: वह एक चिकित्सक (Surgeon) था। - प्रश्न: फ्रांसिस बुकानन ने बंगाल चिकित्सा सेवा में किस अवधि के दौरान कार्य किया था?
उत्तर: 1794 से 1815 तक। - प्रश्न: बुकानन भारत के किस गवर्नर जनरल का शल्य-चिकित्सक (सर्जन) भी रहा था?
उत्तर: लॉर्ड वेलेज़ली का। - प्रश्न: कलकत्ता में अलीपुर चिड़ियाघर (Zoo) की स्थापना का श्रेय किस ब्रिटिश अधिकारी को जाता है?
उत्तर: फ्रांसिस बुकानन को। - प्रश्न: अपनी माता की मृत्यु के बाद जायदाद मिलने पर बुकानन ने अपने नाम के आगे कौन-सा वंश का नाम जोड़ा?
उत्तर: ‘हैमिल्टन’ (अतः उन्हें बुकानन-हैमिल्टन भी कहते हैं)। - प्रश्न: राजमहल की पहाड़ियों के इर्द-गिर्द रहने वाले वनवासियों को इतिहास में क्या कहा गया है?
उत्तर: पहाड़िया लोग। - प्रश्न: पहाड़िया लोग मुख्य रूप से अपनी जीविका के लिए किस प्रकार की खेती करते थे?
उत्तर: झूम खेती (Shift Cultivation)। - प्रश्न: पहाड़िया लोग ज़मीन को साफ़ करने और उसे खुरचने के लिए किस कृषि उपकरण का उपयोग करते थे?
उत्तर: कुदाल (Hoe) का। - प्रश्न: पहाड़िया लोग राख की पोटाश से उपजाऊ बनी भूमि पर अपने खाने के लिए मुख्य रूप से क्या उगाते थे?
उत्तर: तरह-तरह की दालें और ज्वार-बाजरा। - प्रश्न: पहाड़िया लोग जंगलों से बेचने के लिए कौन-सी दो मुख्य प्राकृतिक वस्तुएं इकट्ठी करते थे?
उत्तर: रेशम के कोया (कोकून) और राल (रेजिन)। - प्रश्न: पहाड़िया लोग काठकोयला (चारकोल) बनाने के लिए जंगलों से क्या इकट्ठा करते थे?
उत्तर: लकड़ियाँ। - प्रश्न: राजमहल की पहाड़ियों में स्थित एक पहाड़ी गाँव का सुंदर चित्र 1782 में किस ब्रिटिश कलाकार द्वारा बनाया गया था?
उत्तर: विलियम होजेज द्वारा। - प्रश्न: विलियम होजेज 1781 में भागलपुर के किस प्रसिद्ध कलेक्टर का मित्र बन गया था?
उत्तर: ऑगस्टस क्लीवलैंड का। - प्रश्न: ‘एक्वाटिंट’ (ताम्रपट्टोत्कीर्णन) किस प्रकार की तस्वीर या कला को कहा जाता है?
उत्तर: जो ताम्रपट्टी (कॉपर प्लेट) पर अम्ल (Acid) की सहायता से चित्र काटकर छापी जाती है। - प्रश्न: 18वीं शताब्दी के अंत में प्रकृति की पूजा और उसके सौंदर्य की प्रशंसा करने वाली विचारधारा को क्या कहा गया?
उत्तर: स्वच्छंदतावाद या रूमानीवाद (Romanticism)। - प्रश्न: पहाड़िया लोगों के मुखिया अपने समूहों में एकता बनाए रखने के अलावा और क्या मुख्य कार्य करते थे?
उत्तर: आपसी लड़ाई-झगड़े निपटाना और मैदानी लोगों के खिलाफ युद्ध का नेतृत्व करना। - प्रश्न: पहाड़िया लोग मैदानी इलाकों और वहाँ के किसानों पर मुख्य रूप से कब आक्रमण करते थे?
उत्तर: विशेष रूप से अभाव या अकाल के वर्षों में जीवित रहने के लिए। - प्रश्न: मैदानी इलाकों के ज़मींदार पहाड़ी मुखियाओं को नियमित रूप से क्या देकर उनसे शांति खरीदते थे?
उत्तर: ‘खिराज’ (नियमित कर या उपहार)। - प्रश्न: मैदानी व्यापारी पहाड़ियों द्वारा नियंत्रित रास्तों का उपयोग करने के लिए मुखियाओं को क्या देते थे?
उत्तर: पथकर (Toll/Tax)। - प्रश्न: अंग्रेज़ों ने पूर्वी भारत में राजस्व के स्रोतों को बढ़ाने के लिए ज़मींदारों को किस काम के लिए प्रोत्साहित किया?
उत्तर: जंगलों की कटाई-सफ़ाई करके स्थिर खेती का विस्तार करने के लिए। - प्रश्न: औपनिवेशिक अधिकारी वनवासियों को किस दृष्टि से देखते थे?
उत्तर: वे उन्हें असभ्य, बर्बर, उपद्रवी और क्रूर समझते थे। - प्रश्न: 1770 के दशक में ब्रिटिश अधिकारियों ने पहाड़िया लोगों के प्रति कौन-सी क्रूर नीति अपनाई थी?
उत्तर: उन्हें पूरी तरह निर्मूल (खत्म) कर देने और उनका संहार करने की नीति। - प्रश्न: 1780 के दशक में भागलपुर के किस कलेक्टर ने पहाड़ियों के प्रति ‘शांति स्थापना की नीति’ प्रस्तावित की?
उत्तर: ऑगस्टस क्लीवलैंड ने। - प्रश्न: ऑगस्टस क्लीवलैंड की शांति नीति के तहत पहाड़िया मुखियाओं को क्या दिया जाना निश्चित हुआ था?
उत्तर: एक वार्षिक भत्ता। - प्रश्न: सरकारी भत्ता स्वीकार करने वाले पहाड़िया मुखियाओं का अपने ही समुदाय में क्या हश्र हुआ?
उत्तर: वे अपने समुदाय में अपनी सत्ता खो बैठे और उन्हें अधीनस्थ कर्मचारी माना जाने लगा। - प्रश्न: ब्रिटिश दमन से बचने के लिए पहाड़िया लोग राजमहल की पहाड़ियों के किस भाग में चले गए?
उत्तर: पहाड़ियों के सुदूर भीतरी भागों में। - प्रश्न: जब बुकानन ने 1810-11 की सर्दियों में राजमहल का दौरा किया, तो पहाड़िया लोग उसे किस दृष्टि से देख रहे थे?
उत्तर: संदेह, अविश्वास और आशंका की दृष्टि से। - प्रश्न: पहाड़िया लोगों के लिए प्रत्येक गोरा (ब्रिटिश) आदमी किस चीज़ का प्रतीक बन चुका था?
उत्तर: एक ऐसी विनाशकारी शक्ति का जो उनकी ज़मीन और जीवन शैली को नष्ट करने आई थी। - प्रश्न: 19वीं शताब्दी की शुरुआत में राजमहल की पहाड़ियों में जंगलों की सफ़ाई करने वाली कौन-सी नयी जनजाति आई?
उत्तर: संथाल लोग। - प्रश्न: संथालों के आगमन के बाद पहाड़िया जीवन के प्रतीक ‘कुदाल’ के मुकाबले किस नए उपकरण को संथालों की शक्ति का प्रतीक माना गया?
उत्तर: हल (Plough) को।
भाग 5: संथाल जनजाति और दामिन-इ-कोह का निर्माण
- प्रश्न: 23 फ़रवरी 1856 के ‘लंदन न्यूज़’ में राजमहल की पहाड़ियों में स्थित किस जनजाति के गाँव का चित्र छपा था?
उत्तर: संथाल प्रदेश के एक पहाड़ी ग्राम का। - प्रश्न: बुकानन के अनुसार 1810 के अंत में राजमहल श्रृंखला के किस पहाड़ को पार करने पर उसे संथालों की उन्नत खेती दिखी?
उत्तर: गंजुरिया पहाड़ को। - प्रश्न: संथाल लोग सबसे पहले बंगाल के मैदानी इलाकों में किस दशक के आस-पास आने लगे थे?
उत्तर: 1780 के दशक के आस-पास। - प्रश्न: बंगाल के ज़मींदार संथालों को भाड़े पर क्यों रखते थे?
उत्तर: नयी भूमि तैयार करने और खेती का विस्तार करने के लिए। - प्रश्न: जब ब्रिटिश अधिकारी पहाड़ियों को स्थायी कृषि के लिए सहमत नहीं कर पाए, तो उन्होंने किस जनजाति को आमंत्रित किया?
उत्तर: संथालों को। - प्रश्न: ब्रिटिश सरकार ने संथालों को राजमहल की तलहटी में बसाने के लिए किस वर्ष एक बड़े इलाके को सीमांकित किया?
उत्तर: सन् 1832 में। - प्रश्न: ब्रिटिश अभिलेखों में संथालों के लिए सीमांकित की गई इस विशेष भूमि को क्या नाम दिया गया था?
उत्तर: ‘दामिन-इ-कोह’। - प्रश्न: दामिन-इ-कोह के अनुदान-पत्र की क्या मुख्य शर्त थी?
उत्तर: दी गई भूमि के कम-से-कम दसवें (1/10) भाग को पहले 10 वर्षों के भीतर साफ करके जोतना था। - प्रश्न: दामिन-इ-कोह के सीमांकन के बाद संथालों के गाँवों की संख्या जो 1838 में केवल 40 थी, 1851 में कितनी हो गई?
उत्तर: बढ़कर 1,473 तक पहुँच गई। - प्रश्न: इसी अवधि (1838-1851) में संथालों की जनसंख्या 3,000 से बढ़कर कितनी हो गई थी?
उत्तर: 82,000 से भी अधिक। - प्रश्न: दामिन-इ-कोह के निर्माण के बाद पहाड़िया लोगों को किन क्षेत्रों तक सीमित होना पड़ा?
उत्तर: ऊपरी पहाड़ियों के चट्टानी, बंजर और भीतरी शुष्क भागों तक। - प्रश्न: संथालों ने अपनी पुरानी खानाबदोश ज़िंदगी छोड़कर बाज़ार के लिए कौन-सी फसलों की खेती शुरू की?
उत्तर: वाणिज्यिक (व्यापारिक) फसलों की खेती। - प्रश्न: संथाल विद्रोह (1855-56) के सबसे प्रमुख और महान नेता का नाम क्या था?
उत्तर: सिधू मांझी (और कान्हू)। - प्रश्न: संथाल लोग अपनी साफ की गई ज़मीन पर कर लगाने वाले बाहरी साहूकारों और महाजनों को क्या कहते थे?
उत्तर: ‘दिकू’ (Dikus)। - प्रश्न: संथालों ने औपनिवेशिक राज्य, ज़मींदारों और साहूकारों के खिलाफ किस वर्ष एक बहुत बड़ा विद्रोह कर दिया?
उत्तर: 1855-56 में (संथाल हुल/विद्रोह)। - प्रश्न: 23 फ़रवरी 1856 के ‘इलस्ट्रेटेड लंडन न्यूज़’ में ब्रिटिश सिपाहियों को किस जनजाति से युद्ध करते हुए दिखाया गया था?
उत्तर: संथालों से। - प्रश्न: विद्रोह को कुचलने के बाद ब्रिटिश सेना ने संथालों के साथ क्या क्रूरता की, जिसका चित्र ब्रिटेन में गर्व से दिखाया गया?
उत्तर: संदिग्धों को पकड़ा गया और संथालों के गाँवों को आग लगा दी गई। - प्रश्न: 1856 के एक चित्र में ब्रिटिश अधिकारियों को विजयगर्वित होकर किस जानवर पर सवार दिखाया गया है?
उत्तर: हाथी पर। - प्रश्न: 1855-56 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने संथालों को शांत करने के लिए किस नए प्रशासनिक क्षेत्र का निर्माण किया?
उत्तर: ‘संथाल परगना’ का। - प्रश्न: संथाल परगने के निर्माण के लिए भागलपुर और बीरभूम ज़िलों में से कितने वर्ग मील का क्षेत्र लिया गया था?
उत्तर: 5,500 वर्ग मील का क्षेत्र। - प्रश्न: बुकानन के विवरण के अनुसार संथालों की झोपड़ियाँ किस प्रकार की लकड़ी से बनी होती थीं?
उत्तर: छोटी-छोटी सटीक जुटी हुई लकड़ियों की, जिन पर भीतर की ओर लेप लगा होता था। - प्रश्न: बुकानन की डायरी के अनुसार ‘कडुया’ के पास की चट्टानों में मुख्य रूप से कौन-से खनिज और पत्थर पाए गए थे?
उत्तर: ग्रेनाइट, लाल फेल्डस्पार, क्वार्ट्ज़ और काला अभ्रक। - प्रश्न: बुकानन जब भी किसी गाँव में जाता था, तो स्थानीय लोग उसे अनिवार्य रूप से क्या समझते थे?
उत्तर: ब्रिटिश सरकार का एक जासूस या एजेंट। - प्रश्न: ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के प्राकृतिक साधनों का पता लगाने के लिए किन विशेषज्ञों को भेजा था?
उत्तर: भूविज्ञानियों, भूगोलवेत्ताओं, वनस्पति वैज्ञानिकों और चिकित्सकों को। - प्रश्न: बुकानन ने राजमहल के जंगलों में लकड़ी की जगह किन दो वाणिज्यिक चीजों के बड़े बागान लगाने की सिफारिश की थी?
उत्तर: टसर (रेशम) और लाख (Lac) के बागान। - प्रश्न: अध्याय के तीसरे भाग “देहात में विद्रोह” में मुख्य रूप से भारत के किस प्रांत और क्षेत्र का वर्णन है?
उत्तर: बम्बई दक्कन (महाराष्ट्र) का। - प्रश्न: इतिहासकार देहाती जीवन और किसानों के अनुभवों को समझने के लिए किस विशेष घटना पर ध्यान केंद्रित करते हैं?
उत्तर: किसान विद्रोहों और उनके अभिलेखों पर। - प्रश्न: पूना के ज़िला मजिस्ट्रेट ने पुलिस आयुक्त को सूपा गाँव में हुए उपद्रव के बारे में किस तारीख को पत्र लिखा था?
उत्तर: 16 मई 1875 को। - प्रश्न: सूपा गाँव में हुए दंगे में किसानों ने मुख्य रूप से साहूकारों की किस चीज़ को सड़कों पर लाकर जला दिया था?
उत्तर: खाते पत्र, ऋण बांड, दस्तावेज़ और अनाज। - प्रश्न: सूपा दंगे के बाद मुख्य कांस्टेबल ने तुरंत कितने लोगों को गिरफ्तार किया था?
उत्तर: 50 लोगों को।
भाग 6: दक्कन का विद्रोह (1875) और रैयतवाड़ी व्यवस्था
- प्रश्न: बम्बई दक्कन के देहात में साहूकारों और अनाज व्यापारियों के विरुद्ध बड़ा किसान विद्रोह किस वर्ष हुआ था?
उत्तर: सन् 1875 में। - प्रश्न: दक्कन विद्रोह की शुरुआत 12 मई 1875 को पूना (पुणे) ज़िले के किस बड़े विपणन केंद्र (मंडी) से हुई थी?
उत्तर: सूपा (Supa) गाँव से। - प्रश्न: पूना से शुरू होकर यह विद्रोह महाराष्ट्र के किस दूसरे बड़े ज़िले में बहुत तेज़ी से फैल गया?
उत्तर: अहमदनगर ज़िले में। - प्रश्न: दक्कन का यह विद्रोह लगभग कितने वर्ग किलोमीटर के ग्रामीण इलाके में फैल गया था?
उत्तर: 6,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में। - प्रश्न: दक्कन दंगे की चपेट में महाराष्ट्र के कुल कितने से अधिक गाँव कुप्रभावित हुए थे?
उत्तर: तीस (30) से अधिक गाँव। - प्रश्न: विद्रोह के फैलने पर ब्रिटिश अधिकारियों को इतिहास की किस बड़ी घटना की याद आ गई थी?
उत्तर: 1857 के महान गदर (विद्रोह) की। - प्रश्न: दक्कन दंगों के दौरान पुलिस और सेना द्वारा कुल कितने व्यक्तियों को प्रारंभिक तौर पर गिरफ्तार किया गया था?
उत्तर: 95 व्यक्तियों को। - प्रश्न: 6 जून 1876 को दक्कन के ‘रैयत और साहूकार’ विषय पर रिपोर्ट छापने वाले बम्बई के समाचार पत्र का नाम क्या था?
उत्तर: ‘नेटिव ओपिनियन’ (Native Opinion)। - प्रश्न: 1810 के बाद कृषि उत्पादों की कीमतें बढ़ने से कंपनी ने बंगाल के बाहर इस्तमरारी बंदोबस्त लागू क्यों नहीं किया?
उत्तर: क्योंकि वे राजस्व को स्थायी नहीं रखना चाहते थे और बढ़ी हुई आय में अपना हिस्सा बढ़ाना चाहते थे। - प्रश्न: 1820 के दशक में इंग्लैंड का वह कौन-सा प्रसिद्ध अर्थशास्त्री था जिसके विचारों से औपनिवेशिक अधिकारी प्रभावित थे?
उत्तर: डेविड रिकार्डो (David Ricardo)। - प्रश्न: डेविड रिकार्डो के आर्थिक सिद्धांत के अनुसार भूस्वामी को भूमि से केवल क्या प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए?
उत्तर: केवल ‘औसत लगान’। - प्रश्न: रिकार्डो के अनुसार यदि सरकार औसत लगान से अधिक होने वाली अधिशेष आय पर कर नहीं लगाती, तो किसान किसमें बदल जाते?
उत्तर: ‘किरायाजीवी’ (Rentiers) में। - प्रश्न: औपनिवेशिक शब्दावली में ‘किरायाजीवी’ शब्द का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: ऐसे लोग जो अपनी संपत्ति या ज़मीन के केवल किराए की आय पर जीवनयापन करते हैं और सुधार नहीं करते। - प्रश्न: बम्बई दक्कन के क्षेत्रों में अंग्रेज़ों द्वारा लागू की गई नयी राजस्व प्रणाली का नाम क्या था?
उत्तर: रैयतवाड़ी प्रणाली (Ryotwari System)। - प्रश्न: रैयतवाड़ी प्रणाली की मुख्य विशेषता क्या थी जो इसे बंगाल के बंदोबस्त से अलग करती थी?
उत्तर: इसमें राजस्व की राशि सीधे रैयत (किसान) के साथ तय की जाती थी, किसी ज़मींदार से नहीं। - प्रश्न: रैयतवाड़ी व्यवस्था के तहत सामान्यतः कितने वर्षों के बाद ज़मीनों का फिर से सर्वेक्षण और राजस्व दर बढ़ाई जाती थी?
उत्तर: हर 30 साल के बाद। - प्रश्न: बम्बई दक्कन में पहला रैयतवाड़ी राजस्व बंदोबस्त किस दशक में किया गया था?
उत्तर: 1820 के दशक में। - प्रश्न: 1820 के दशक में लागू किया गया प्रारंभिक राजस्व इतना अधिक था कि किसानों ने क्या कदम उठाया?
उत्तर: वे अपने गाँव छोड़कर नए और गैर-राजस्व क्षेत्रों में चले गए। - प्रश्न: यदि कोई दक्कन का किसान राजस्व नहीं दे पाता था, तो ब्रिटिश अधिकारी क्या दंडात्मक कार्रवाई करते थे?
उत्तर: उसकी फसलें ज़ब्त कर ली जाती थीं और पूरे गाँव पर भारी जुर्माना ठोक दिया जाता था। - प्रश्न: सन् 1832 के बाद कृषि उत्पादों की कीमतों में आई भारी गिरावट लगभग कितने समय तक बनी रही?
उत्तर: लगभग डेढ़ दशक (15 वर्ष) तक।
भाग 7: दक्कन का अकाल, कपास की तेज़ी और अमेरिकी गृहयुद्ध
- प्रश्न: सन् 1832-34 के दौरान दक्कन के देहाती इलाकों में आए भीषण अकाल में वहाँ के कितने पशुधन की मौत हो गई थी?
उत्तर: लगभग एक-तिहाई (1/3) पशुधन की। - प्रश्न: इसी 1832-34 के दक्कन अकाल में मानव आबादी का कितना हिस्सा काल का ग्रास बन गया था?
उत्तर: लगभग आधी (1/2) मानव जनसंख्या। - प्रश्न: अकाल और मंदी के समय राजस्व चुकाने और रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करने के लिए किसानों के पास क्या एकमात्र रास्ता था?
उत्तर: स्थानीय साहूकारों से भारी ब्याज पर पैसा उधार लेना। - प्रश्न: 1840 के दशक के मध्य में राजस्व माँग में ढील दिए जाने के बाद किसानों ने किन भूमियों को कृषि भूमि में बदला?
उत्तर: गोचर (चरागाह) भूमियों को। - प्रश्न: 1860 के दशक से पहले, ब्रिटेन के सूती वस्त्र उद्योगों में आयात होने वाली कुल कपास का कितना भाग अमेरिका से आता था?
उत्तर: तीन-चौथाई (3/4) भाग। - प्रश्न: अमेरिकी कपास पर निर्भरता कम करने के लिए ब्रिटेन में ‘कपास आपूर्ति संघ’ (Cotton Supply Association) की स्थापना किस वर्ष हुई?
उत्तर: सन् 1857 में। - प्रश्न: ब्रिटेन के उद्योगपतियों द्वारा ‘मैनचेस्टर कॉटन कंपनी’ का गठन किस वर्ष किया गया था?
उत्तर: सन् 1859 में। - प्रश्न: ब्रिटिश उद्योगपति अमेरिका के विकल्प के रूप में भारत को कपास उत्पादन के लिए आदर्श देश क्यों मानते थे?
उत्तर: क्योंकि यहाँ की भूमि-जलवायु उपयुक्त थी और बहुत सस्ता श्रम उपलब्ध था। - प्रश्न: किस वर्ष अमेरिका में गृहयुद्ध (American Civil War) छिड़ने से ब्रिटेन के कपास बाज़ार में तहलका मच गया?
उत्तर: सन् 1861 में। - प्रश्न: अमेरिकी गृहयुद्ध के कारण 1861 में जहाँ ब्रिटेन में 20 लाख कपास की गाँठें आई थीं, वहीं 1862 में कितनी रह गईं?
उत्तर: केवल 55 हज़ार गाँठें। - प्रश्न: औपनिवेशिक काल में कपास की एक मानक गाँठ (Bale) का वजन कितने पाउंड निर्धारित था?
उत्तर: 400 पाउंड। - प्रश्न: कपास की कीमतों में भारी उछाल आने पर बम्बई के निर्यातकों ने ग्रामीण ऋणदाताओं को क्या देना शुरू किया?
उत्तर: भारी मात्रा में अग्रिम (एडवांस) राशियाँ। - प्रश्न: 1860 से 1864 के दौरान बम्बई दक्कन में कपास उगाने वाले खेतों के रकबे (एकड़ों की संख्या) में कितनी वृद्धि हुई?
उत्तर: वह दोगुनी (Two times) हो गई थी। - प्रश्न: सन् 1862 तक स्थिति यह थी कि ब्रिटेन में आयात होने वाले कुल कपास का कितना प्रतिशत भाग अकेले भारत से जाता था?
उत्तर: 90 प्रतिशत भाग। - प्रश्न: 13 दिसंबर 1862 के ‘इलस्ट्रेटेड लंडन न्यूज़’ में कपास के परिवहन का कौन-सा पारंपरिक साधन दिखाया गया था?
उत्तर: एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे खड़ी कपास ढोने वाली बैलगाड़ियाँ। - प्रश्न: रेलों का युग शुरू होने से पहले भारत के दक्कन क्षेत्र से आने वाली कपास का मुख्य संग्रह केंद्र कौन-सा कस्बा था?
उत्तर: मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)। - प्रश्न: मिर्जापुर से कपास की गाँठें इंग्लैंड भेजने के लिए किस नदी मार्ग का उपयोग किया जाता था?
उत्तर: गंगा नदी के जलमार्ग का। - प्रश्न: 23 अगस्त 1862 के चित्र के अनुसार बम्बई में कपास की गाँठें किस रेलवे के टर्मिनस पर जहाज़ पर लादने के लिए जमा होती थीं?
उत्तर: ग्रेट इंडियन पेनिन्सुलर रेलवे (GIPR) के टर्मिनस पर। - प्रश्न: अहमद नगर के कलेक्टर को करजत तालुके के मीरगाँव के एक रैयत द्वारा दी गई अर्जी (स्रोत 8) में क्या मुख्य शिकायत थी?
उत्तर: साहूकार फसल ले जाते हैं, लेकिन खाते में नहीं चढ़ाते और कोई रसीद भी नहीं देते। - प्रश्न: अमेरिकी गृहयुद्ध किस वर्ष समाप्त हुआ, जिसके बाद भारत से कच्चे कपास का निर्यात अचानक बहुत घट गया?
उत्तर: सन् 1865 में।
भाग 8: ऋण का सूखना, परिसीमन कानून और दक्कन दंगा आयोग
- प्रश्न: 1865 में कपास की कीमतें गिरने पर बम्बई के साहूकारों ने किसानों के साथ क्या व्यवहार किया?
उत्तर: उन्होंने ऋण देना बंद कर दिया और पुराने बकाया ऋणों को तुरंत वापस माँगने लगे। - प्रश्न: कपास संकट के ठीक बाद दक्कन में नए राजस्व बंदोबस्त में सरकार ने राजस्व माँग में कितने प्रतिशत की वृद्धि की?
उत्तर: 50 से 100 प्रतिशत तक की अत्यधिक वृद्धि। - प्रश्न: औपनिवेशिक काल से पहले दक्कन के समाज में ब्याज वसूलने का कौन-सा पारंपरिक नियम लागू था?
उत्तर: ब्याज की कुल राशि कभी भी मूलधन (Principal) से अधिक नहीं हो सकती थी। - प्रश्न: दक्कन दंगा आयोग के सामने आए एक मामले में ऋणदाता ने 100 रुपये के मूलधन पर कितना ब्याज लगा रखा था?
उत्तर: 2,000 रुपये से भी अधिक का ब्याज। - प्रश्न: औपनिवेशिक काल में दक्कन के साहूकार कर्ज न चुका पाने वाले किसानों से खेतों और बैलों के लिए जो संविदा लिखाते थे, उसे क्या कहते थे?
उत्तर: ‘भाड़ा-पत्र’ या किरायानामा। - प्रश्न: अंग्रेज़ों ने ब्याज को बहुत अधिक समय तक संचित होने से रोकने के लिए किस वर्ष ‘परिसीमन कानून’ (Limitation Law) पारित किया?
उत्तर: सन् 1859 में। - प्रश्न: 1859 के परिसीमन कानून के अनुसार ऋणदाता और रैयत के बीच हस्ताक्षरित ऋणपत्र (बांड) कितने वर्षों के लिए मान्य था?
उत्तर: केवल तीन (3) वर्षों के लिए। - प्रश्न: साहूकारों ने 1859 के तीन वर्षीय परिसीमन कानून का तोड़ किस प्रकार निकाला?
उत्तर: वे हर तीसरे साल किसान से नया बांड भरवाते थे, जिसमें पुराने ब्याज को ही मूलधन बना दिया जाता था। - प्रश्न: स्रोत 10 के अनुसार, एक साहूकार अपने कर्जदार को बांड पर प्रति माह किस दर से ब्याज पर 100 रुपये उधार देता था?
उत्तर: 3-2 आने प्रतिशत की मासिक दर पर। - प्रश्न: दक्कन दंगा आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, इस चक्रव्यूह के कारण 12 वर्ष के अंत में 1000 रुपये की राशि पर कुल ब्याज कितना हो जाता था?
उत्तर: 2,028 रुपये 10 आना 3 पैसे। - प्रश्न: ब्रिटिश अधिकारी अनौपचारिक और पुराने ढंग से किए गए लेन-देन को किस दृष्टि से देखते थे?
उत्तर: हमेशा गहरी संदेह की दृष्टि से। - प्रश्न: भारत सरकार ने बम्बई की सरकार पर दबाव डालकर दक्कन के दंगों की जाँच के लिए कौन-सा आयोग गठित करवाया था?
उत्तर: दक्कन दंगा आयोग (Deccan Riots Commission)। - प्रश्न: दक्कन दंगा आयोग ने अपनी विस्तृत जाँच रिपोर्ट ब्रिटिश पार्लियामेंट (संसद) में किस वर्ष पेश की थी?
उत्तर: सन् 1878 में। - प्रश्न: दक्कन दंगा आयोग ने अपनी रिपोर्ट में विद्रोह का सारा दोष किस पर मढ़ा था?
उत्तर: केवल ऋणदाताओं और साहूकारों की संवेदनशीलता और धोखाधड़ी पर। - प्रश्न: दक्कन दंगा आयोग ने ब्रिटिश सरकार के किस मुख्य नीतिगत कारण को विद्रोह की वजह मानने से साफ़ इनकार कर दिया था?
उत्तर: सरकारी भू-राजस्व की अत्यधिक ऊँची माँग को। - प्रश्न: इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल की दीवानी (राजस्व अधिकार) किस वर्ष प्राप्त की थी?
उत्तर: सन् 1765 में। - प्रश्न: ब्रिटिश पार्लियामेंट द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के क्रियाकलापों को नियंत्रित करने के लिए ‘रेग्यूलेटिंग एक्ट’ किस वर्ष पारित हुआ?
उत्तर: सन् 1773 में। - प्रश्न: काल-रेखा के अनुसार बम्बई दक्कन में पहला ब्रिटिश राजस्व बंदोबस्त किस वर्ष किया गया था?
उत्तर: सन् 1818 में। - प्रश्न: राजमहल की पहाड़ियों और दामिन-इ-कोह क्षेत्र में संथालों की बड़ी बगावत (विद्रोह) का सटीक काल क्या था?
उत्तर: सन् 1855-56। - प्रश्न: विलियम प्रिंसेप द्वारा भारत के एक ग्रामीण दृश्य का सुंदर चित्र किस वर्ष बनाया गया था?
उत्तर: सन् 1820 में।